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बजट 2019: सरकार से आम आदमी की उम्मीदों की सूची


नई दिल्ली। एक अंतरिम बजट होने के बावजूद, ऐसा कोई ठोस नियम नहीं है जो सरकार को कोई नई बड़ी नीति तैयार करने या कोई बड़ा लाभ देने से रोक सके और आम तौर पर ऐसी उम्मीद की जाती है कि सरकार कुछ ऐसे बदलाव करे जिससे लोगों को ज्यादा से ज्यादा पैसे बचाने में मदद मिल सके।
टैक्स
भारत में मध्यम वर्ग के लोगों को सरकार से एक सबसे बड़ी उम्मीद यही है कि सरकार, निवेश पर ज्यादा ध्यान दे। वर्तमान में, एक व्यक्ति क्कक्कस्न, इक्विटी, प्रोविडेंट फंड, इत्यादि में निवेश करके सेक्शन 80ष्ट के तहत ज्यादा से ज्यादा 1.5 लाख रु. तक टैक्स छूट का लाभ उठा सकता है। आमदनी और महंगाई में हुई बढ़ोत्तरी की दृष्टि से, यह सीमा काफी कम है। इस सीमा को बढ़ाकर 2 से 2.5 लाख रु. कर देने से लोगों को फाइनैंशल एसेट्स में अधिक से अधिक निवेश करने के लिए प्रोत्साहित करने में मदद मिलेगी।
सरकार को हाउजिंग लोन के लिए टैक्स कटौती सीमा को बढ़ाने पर विचार करना चाहिए, खास तौर पर महानगरों में घर खरीदने वाले खरीदारों के लिए। 2 लाख रु. की वर्तमान सीमा को दोगुना यानी 4 लाख रु. कर देना चाहिए जिससे कई उधारकर्ताओं को, ख़ास तौर पर मुंबई जैसे शहरों के उधारकर्ताओं को मदद मिल सके जहाँ अधिकांश मकानों की कीमत 1 करोड़ रु. या उससे अधिक है और वहां होम लोन की रकम भी काफी बड़ी होती है। 2.5 लाख रु. की टैक्स छूट सीमा को भी बढ़ा देना चाहिए। पिछले बजट में 2.5 लाख रु. प्रति वर्ष से 5 लाख रु. प्रति वर्ष की आय सीमा में आने वाले लोगों के लिए तत्कालीन 10त्न इनकम टैक्स रेट को घटाकर 5त्न कर दिया गया था। जबकि 5 लाख रु. से 10 लाख रु. की आय सीमा में आने वाले लोगों का इनकम टैक्स रेट 20त्न ही रख दिया गया जिससे 5त्न के बाद 20त्न का यह टैक्स रेट काफी अधिक लगता है। इसलिए लोग इस मामले में कुछ रियायत की उम्मीद कर रहे हैं।
निवेश
पिछले साल के बजट में एक फाइनेंशियल इयर में म्यूच्यूअल फंड से 1 लाख रु. से अतिरिक्त मुनाफे पर 10त्न रुञ्जष्टत्र टैक्स लगाया गया था। हमें उम्मीद है कि सरकार इस सीमा पर फिर से गौर करेगी और छोटे- छोटे निवेशकों की बढ़ती आबादी को लाभ पहुंचाने के लिए इसमें संसोधन करेगी। सरकार, लोगों को म्यूच्यूअल फंड में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए श्वरुस्स् के लिए 80ष्ट से हटकर एक अलग कटौती का इंतजाम भी कर सकती है। वरिष्ठ नागरिकों को सेक्शन 80ञ्जञ्ज्र के तहत 10,000 रु. तक की टैक्स छूट मिलती है जिसमें कई सालों से कोई बदलाव नहीं किया गया है। यदि इस सीमा को बढ़ा दिया जाय तो उन्हें इससे काफी मदद मिल सकती है।
वर्तमान में, इक्विटी ही एकमात्र ऐसा म्यूच्यूअल फंड है जिस पर सेक्शन 80ष्ट के तहत टैक्स कटौती का लाभ मिलता है। डेब्ट फंड और हाइब्रिड फंड जैसे अन्य एसेट क्लास को सेक्शन 80ष्ट के दायरे से बाहर रखा गया है, जो कि रुढि़वादी निवेशकों के पसंदीदा निवेश साधन हैं। इस यूनियन बजट में डेब्ट / हाइब्रिड फंड्स को भी सेक्शन 80ष्ट के अंतर्गत लाने की कोशिश करनी चाहिए।
वरिष्ठ नागरिकों के मामले में, पिछले साल बजट को सही दिशा में ले जाया गया, जहाँ उन्हें अपने रोजमर्रा के खर्च और अपनी सेहत के लिए पैसे बचाने में मदद करने के लिए कई इंतजाम किए गए। लेकिन, यदि सरकार, क्रिटिकल ईलनेस के लिए छूट सीमा को 1 लाख रु. से बढ़ा दे तो यह कैंसर, मोटर न्यूरॉन सम्बन्धी बीमारी, एड्स, इत्यादि जैसी गंभीर बीमारियों के लिए इलाज के खर्च के लिए मार्केट रेट के हिसाब से इंश्योरेंस लेने में काफी मदद मिलेगी। सरकार को रिटायर्ड लोगों को अपनी सेहत और अन्य जरूरतों के लिए पैसे बचाकर रखने में मदद करने के लिए 4त्न हेल्थ और एजुकेशन सेस को कम करने के बारे में सोचना चाहिए।
इंश्योरेंस
लाइफ इंश्योरेंस लेने वाले लोगों की संख्या अभी भी बहुत कम है, इसलिए सरकार को लोगों को टर्म इंश्योरेंस खरीदने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए टर्म लाइफ इंश्योरेंस के लिए 80ष्ट से हटकर एक अलग टैक्स कटौती की व्यवस्था करने के बारे में सोचना चाहिए।
लोन
एजुकेशन लोन पर दिए गए इंटरेस्ट अमाउंट पर, सेक्शन 80श्व के तहत टैक्स छूट मिलता है। 2006 में इसकी शुरुआत से इसमें अभी तक कोई बदलाव नहीं किया गया है। पिछले 10 साल में पढ़ाई के खर्च में हुई बढ़ोत्तरी को ध्यान में रखते हुए, इसकी टैक्स छूट सीमा को बढ़ाने की जरूरत है ताकि लोन वालों को लम्बे समय में थोड़ी टैक्स राहत मिल सके। आज कामकाजी लोगों को कई फाइनेंशियल जिम्मेदारियों का ख्याल रखना पड़ता है और उन्हें लोन चुकाने के लिए लम्बे समय की जरूरत पड़ सकती है। हमें यह भी उम्मीद है कि इस बजट में कुछ ऐसे कदम उठाए जाएंगे जिससे वर्तमान में डिजिटल इंश्योरेंस पॉलिसियों के लिए मिलने वाले ऑनलाइन डिस्काउंट की तरह क्रेडिट प्रोडक्ट्स के ऑनलाइन अप्रूवल के लिए ग्राहकों को इंसेंटिव देने का इंतजाम करके लोगों को डिजिटल तरीके अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने और उनकी जानकारी प्रदान करने में मदद मिलेगी।

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