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छत्तीसगढ़

मंगलवार, 2 जून 2020

मनरेगा में 37 प्रतिशत कार्य पूर्ण कर छत्तीसगढ़ देश में पहले स्थान पर

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मनरेगा (manrega)में 37 फीसदी कार्यपूर्णता work completion के साथ छत्तीसगढ़ देश में प्रथम स्थान पर

साल के पहले दो महीनों में ही 5.03 करोड़ मानव दिवस रोजगार का सृजन, यह लक्ष्य का 175 प्रतिशत

सर्वाधिक परिवारों को 100 दिनों का रोजगार देने में देश में दूसरे स्थान पर इस साल अब तक 25.97 लाख ग्रामीणों को काम, 1114 करोड़ का wages मजदूरी भुगतान

मुख्यमंत्री और पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री ने (lockdown) लॉक-डाउन के दौरान उत्कृष्ट कार्य के लिए पंचायत प्रतिनिधियों और मैदानी अधिकारियों की पीठ थपथपाई
(एनपीन्यूज) रायपुर। मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना) (mahatma Gandhi rojgar garanti) के विभिन्न मानकों पर लॉक-डाउन के बावजूद छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh)का उत्कृष्ट प्रदर्शन जारी है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर चालू वित्तीय वर्ष 2020-21 के शुरूआती दो महीनों में ही प्रदेश ने साल भर के लक्ष्य का 37 फीसदी काम पूरा कर लिया है। इस वर्ष अप्रैल और मई माह के लिए निर्धारित लक्ष्य के विरूद्ध प्रदेश में 175 प्रतिशत काम हुआ है। इन दोनों मामलों में छत्तीसगढ़ देश में सर्वोच्च स्थान पर है। दो माह के भीतर सर्वाधिक परिवारों को 100 दिनों का रोजगार उपलब्ध कराने में छत्तीसगढ़ दूसरे स्थान पर है। यहां 1996 परिवारों को 100 दिनों का रोजगार दिया जा चुका है। 

चालू वित्तीय वर्ष में अब तक पांच करोड़ तीन लाख 37 हजार मानव दिवस रोजगार का सृजन कर 25 लाख 97 हजार ग्रामीण श्रमिकों को काम उपलब्ध कराया गया है। इस दौरान 1114 करोड़ 27 लाख रूपए का मजदूरी भुगतान भी किया गया है। कोविड-19 (kovic 19) का संक्रमण रोकने लागू देशव्यापी लॉक-डाउन के बावजूद प्रदेश में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गतिशील बनाए रखने में मनरेगा के अंतर्गत व्यापक स्तर पर शुरू किए कार्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। विपरीत परिस्थितियों में इसने आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को रोजी-रोटी की चिंता से मुक्त करने के साथ ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती दी है।


मुख्यमंत्री बघेल (cm bhupeshbaghel) और पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री टी.एस. सिंहदेव( t.s. singhdev) ने लॉक-डाउन के दौरान मनरेगा में उत्कृष्ट कार्यों के लिए पंचायत प्रतिनिधियों और मैदानी अधिकारियों की पीठ थपथपाई है। उन्होंने प्रदेश भर में सक्रियता एवं तत्परता से किए गए कार्यों की सराहना करते हुए सरपंचों, मनरेगा की राज्य इकाई तथा जिला एवं जनपद पंचायतों की टीम को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण के खतरे की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच यह बड़ी उपलब्धि है। उनकी कोशिशों से कोविड-19 से बचाव और लाखों लोगों को रोजगार मिलने के साथ ही बड़ी संख्या में आजीविकामूलक सामुदायिक एवं निजी परिसंपत्तियों का निर्माण हुआ है। 

 केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा मनरेगा के अंतर्गत चालू वित्तीय वर्ष के प्रथम दो महीनों अप्रैल और मई के लिए दो करोड़ 88 लाख 14 हजार मानव दिवस रोजगार सृजन का लक्ष्य रखा गया था। इसके विरूद्ध प्रदेश ने पांच करोड़ तीन लाख 37 हजार मानव दिवस रोजगार का सृजन कर 175 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की है। यह इस वर्ष के लिए निर्धारित कुल लेबर बजट साढ़े तेरह करोड़ मानव दिवस का 37 प्रतिशत है। चालू वित्तीय वर्ष में अब तक 1996 परिवारों को 100 दिनों का रोजगार उपलब्ध कराया गया है। मनरेगा में प्रदेश में प्रति परिवार औसत 23 दिनों का रोजगार प्रदान किया गया है, जबकि इसका राष्ट्रीय औसत 16 दिन है। इस मामले में छत्तीसगढ़ पूरे देश में शीर्ष पर है। 
  
प्रदेश में मनरेगा श्रमिकों को समयबद्ध मजदूरी भुगतान के लिए मस्टर रोल(master role)बंद होने के आठ दिनों के भीतर द्वितीय हस्ताक्षर कर 98 प्रतिशत(fund transfer order) फण्ड ट्रांसफर ऑर्डर जारी कर दिए गए हैं। बीते अप्रैल और मई महीने के दौरान कुल 1114 करोड़ 27 लाख रुपए का मजदूरी भुगतान श्रमिकों के खातों में किया गया है। कोविड-19 के चलते विपरीत परिस्थितियों में श्रमिकों के हाथों में राशि पहुँचने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर अच्छा असर पड़ा है। इसने रोजगार की चिंता से मुक्त करने के साथ ही ग्रामीणों की क्रय-क्षमता भी बढ़ाई है। प्रदेश भर में काम कर रहे मजदूरों की संख्या मई महीने के आखिरी में 25 लाख 27 हजार पहुंच गई है। अप्रैल के आखिरी में यह संख्या 15 लाख 74 हजार तथा मार्च के आखिरी में 57 हजार 536 थी। अभी प्रदेश की 10 हजार 155 ग्राम पंचायतों में कुल 44 हजार 964 कार्य चल रहे हैं। इनसे मौजूदा लॉक-डाउन में ग्रामीण जन-जीवन में आया ठहराव दूर हो गया है।

छत्तीसगढ़ जिला खनिज संस्थान न्यास की राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक सम्पन्न

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डी.एम.एफ. से मोहल्ला एवं हाट बाजार क्लीनिक, इंग्लिश मीडियम स्कूल, सिंचाई रकबा बढ़ाने, सुपोषण जैसे कार्यो को प्राथमिकता देने के निर्देश

रायपुर। मुख्य सचिव आर.पी. मण्डल की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में छत्तीसगढ़ जिला खनिज संस्थान न्यास की राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि डी.एम.एफ. मद से जिलों में मोहल्ला एवं हाट बाजार क्लीनिक, शासकीय इंग्लिश मीडियम स्कूल, सिंचाई रकबा बढ़ाने, मुख्य मंत्री वार्ड कार्यालय सुपोषण और छात्रावासों के जरूरी कार्यो जैसे जनोन्मुखी कार्यो को प्राथमिकता से कराया जाए। मुख्य सचिवों ने जिलों के प्रभारी सचिवों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने प्रभार के जिलों में जाकर जिला खनिज संस्थान न्यास मद से स्वीकृत कार्यो की निगरानी करें। बैठक में अपर मुख्य सचिव (वित्त) अमिताभ जैन,  अपर मुख्य सचिव गृह सुब्रत साहू, मौजूद थे। डी.एम.एफ. की राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में जिला खनिज न्यास के प्रावधानों के अनुसार प्रत्यक्ष प्रभावित क्षेत्र एवं प्रभावित व्यक्तियों के चिन्हांकन पर की गई कार्यवाही की अद्यतन स्थिति की विस्तार से समीक्षा की गई। इसके साथ ही जनवरी 2019 से जनवरी 2020 तक स्वीकृत कार्यो की जिलेवार समीक्षा की गई। खनन से प्रभावित क्षेत्रों के गांवों में ग्राम सभा के सदस्यों की नियुक्ति, जिलों में पांच वर्षीय विजन प्लान और वार्षिक कार्ययोजना पर अब तक की गई कार्यवाही के संबंध मेें जानकारी दी गई। बैठक में डी.एम.एफ. से संपादित किए गए कार्यो के सोशल आडिट करने, विभागों के प्रस्तावों पर कार्यवाही तथा न्यास मद से स्वीकृत कार्यो में प्रशासकीय विभागों के नियंत्रण पर भी चर्चा हुई। बैठक में प्रदेश में नवगठित जिला गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में छत्तीसगढ़ जिला खनिज संस्थान न्यास नियम 2015 के प्रावधानों के अनुसार न्यास के गठन, डी.एम.एफ. मद संरचना प्रभावित क्षेत्र घोषित करने और डी.एम.एफ. निधि के अंशदान निर्धारण के कार्यो पर की गई कार्यवाही की भी समीक्षा हुई। अधिकारियों ने बैठक में डी.एम.एफ. पोर्टल की प्रगति की जानकारी प्रस्तुत की।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए हैं कि डी.एम.एफ. से सबसे पहले शासन के उच्च प्राथमिकता के कार्य पेयजल, पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण, स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, कृषि, वृद्धि और नि:शक्त कल्याण, कौशल विकास एवं रोजगार, स्वच्छता, जनकल्याणकारी योजना और सतत जीविकोपार्जन के कार्यो को 60 प्रतिशत और अन्य प्राथमिकता के कामों में भौतिक अधोसंरचना, सिंचाई, ऊर्जा एवं जल विभाजक विकास, सार्वजनिक परिवहन, सांस्कृतिक मूल्यों का संरक्षण और युवा गतिविधियों को बढ़ावा देने जैसे कार्य स्वीकृत किए जाएं।
बैठक में सचिव खनिज विभाग और छत्तीसगढ़ जिला खनिज संस्थान न्यास के व्यवस्थापक श्री अन्बलगन पी. ने बताया कि अप्रैल 2020 तक राज्य में डी.एम. एफ. के अंतर्गत कुल 38 हजार 440 कार्यो के लिए 5 हजार 183 करोड़ रूपए की राशि स्वीकृत की गई है। इसमें 23 हजार 802 कार्य पूर्ण कर लिए गए है। शेष कार्य प्रगति पर है। बैठक में आदिवासी विकास विभाग के सचिव श्री डी.डी. सिंह, नगरीय विकास विभाग की सचिव सुश्री अलरमेल मंगई डी. सहित लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, कौशल विकास तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार, महिला बाल विकास विभाग और अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद थे।

छत्तीसगढ़ रेल्वे कार्पोरेशन लिमिटेड कम्पनी की बोर्ड मीटिंग सम्पन्न

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रायपुर। छत्तीसगढ़ रेल्वे कार्पोरेशन लिमिटेड कम्पनी के संचालक मंडल की 13वीं बैठक आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव श्री आर.पी.मण्डल की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में संचालक मंडल के नए सदस्यों की नियुक्ति सहित अन्य मुद्दों पर चर्चा की गई। बैठक में कार्पोरेशन के विविध वित्तीय प्रस्तावों को चर्चा के उपरांत अनुमोदित किया गया। बैठक में मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव श्री सुब्रत साहू तथा रेल्वे बोर्ड के संचालक श्री ए.के. सिंघल दिल्ली से वीडियों कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल हुए। बैठक में छत्तीसगढ़ रेल्वे कार्पोरेशन लिमिटेड कम्पनी के प्रभारी प्रबंध संचालक श्री प्रधान सहित संचालक मंडल के अन्य सदस्य शामिल हुए।

मुख्यमंत्री से मिला बिलासपुर के औद्योगिक संगठनों का प्रतिनिधिमंडल

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राज्य में 90 प्रतिशत एमएसएमई सेक्टर में कार्य प्रारम्भ होने पर जताया आभार

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से कल शाम यहां उनके निवास कार्यालय में अटल श्रीवास्तव के नेतृत्व में आए बिलासपुर के औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की । प्रतिनिधिमण्डल में बिलासपुर के जिला उद्योग संघ तथा द फेडेरेशन ऑफ राइस मिलर्स के पदाधिकारी शामिल थे। इस मुलाकात में उद्यमियों ने राज्य में 90 प्रतिशत एमएसएमई सेक्टर में कार्य प्रारम्भ होने एवं औसतन 60 प्रतिशत उत्पादन प्रारम्भ होने पर मुख्यमंत्री का आभार जताया और राज्य में कोरोना के नियंत्रण एवं बचाव हेतु सरकार द्वारा किये गए कार्यों की प्रशंसा की। प्रतिनिधिमंडल ने छत्तीसगढ़ के उद्योगों की समस्याओं से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। बघेल ने समस्याओं के निराकरण हेतु सभी आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन उद्यमियों को दिया। इस अवसर पर रामावतार अग्रवाल, हरीश केडिया, अरविंद गर्ग, अभिषेक सुल्तानिया सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

33 वर्ष की हुयी सोनाक्षी सिन्हा

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मुंबई। बॉलीवुड की दबंग गर्ल सोनाक्षी सिन्हा आज 33 वर्ष की हो गयी। 02 जून 1987 को बिहार के पटना शहर में जन्मी सोनाक्षी सिन्हा को अभिनय की कला विरासत में मिली है।सोनाक्षी के पिता शत्रुध्न सिन्हा जाने माने अभिनेता है।सोनाक्षी ने मुंबई के आर्य विद्या मंदिर से स्कूली शिक्षा प्राप्त की और मुंबई के ही नाथीबाई दामोदर ठाकरे महिला विश्वविद्यालय से फैशन डिजाइनिंग में स्नातक की डिग्री हासिल की।सोनाक्षी ने 2005 की फिल्म 'मेरा दिल लेकर देखोÓ में कॉस्ट्यूम डिजाइन करके कॉस्ट्यूम डिजाइनर के रूप में अपने करियर की शुरुआत की। फिल्मों में आने से पहले सोनाक्षी मॉडल थीं। वर्ष 2008 और 2009 में सोनाक्षी ने लैक्मे फैशन वीक में रैंप वॉक भी किया था। सोनाक्षी का कहना है कि उनके फिल्मी करियर में सलमान खान का हाथ है। सलमान की सलाह से ही सोनाक्षी ने स्विमिंग, योगा करके अपना 30 किलो वजन कम किया था। सोनाक्षी को पेंटिंग और स्केच बनाने का भी बहुत शौक है। फिल्म 'लुटेराÓ में भी वह पेंटिंग करती नजर आईं। उन्हें साड़ी पहनना भी बहुत पसंद है।सोनाक्षी को रैपर के तौर पर भी जाना जाता है। उन्होंने कई गानों में रैपिंग की है।
सोनाक्षी सिन्हा ने अभिनेत्री के तौर पर अपने करियर की शुरूआत वर्ष 2010 में प्रदर्शित फिल्म दबंग से की। इस फिल्म में सोनाक्षी के अपोजिट सलमान खान थे।सलमान और सोनाक्षी की जोड़ी को दर्शकों ने बेहद पसंद किया और फिल्म टिकट खिड़की पर सुपरहिट साबित हुयी। इसके बाद सोनाक्षी ने दबंग 2.सन ऑफ सरदार.राउठी राठौर ,आर.राजकुमार और होली डे जैसी सुपरहिट फिल्मों में भी काम किया है। वर्ष 2013 में प्रदर्शित फिल्म लुटेरा को टिकट खिड़की पर अपेक्षित सफलता नही मिली लेकिन इस फिल्म में सोनाक्षी के अभिनय को दर्शकों तथा समीक्षकों ने बेहद पसंद किया है।सोनाक्षी बॉलीवुड की उन अभिनेत्रियों में से एक हैं, जिन्होंने कम समय में ही बॉलीवुड में अपना मुकाम हासिल किया। वर्ष 2019 में सोनाक्षी की दबंग 3 और मिशन मंगल जैसी सुपरहिट फिल्में प्रदर्शित हुयी। सोनाक्षी की आने वाली फिल्मों में भुज : द प्राइड ऑफ इंडिया प्रमुख है।

'वॉर के सीक्वल में काम करना चाहते हैं टाइगर श्रॉफ

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मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ अपनी सुपरहिट फिल्म वॉर के सीक्वल में काम करना चाहते हैं। सिद्धार्थ आनंद के निर्देशन में बनी फिल्म वॉर पिछले वर्ष प्रदर्शित हुयी थी। फिल्म में ऋतिक रोशन, टाइगर श्रॉफ और वाणी कपूर ने मुख्य भूमिका निभायी थी। वॉर की सुपर सफलता के बाद इसकी सीक्वल बनाए जाने की बातें तेज हो गई हैं।टाइगर के एक हिंट ने फैंस के दिलों की धड़कने बढ़ा दी है। वाणी कपूर से लाइव चैट के दौरान एक फैन ने पूछा कि टाइगर श्रॉफ के साथ काम करने का एक्सपीरियंस कैसा रहा। इसके बाद वाणी कपूर ने टाइगर श्रॉफ से जवाब मांगते हुए कहा, "टाइगर क्या तुम्हें 'वॉरÓ में मेरे साथ काम करके मजा आया। टाइगर ने वाणी के सवाल का जवाब देते हुए कहा, "उम्मीद है कि हम दोनों फिल्म के सीक्वल में नजर आएंगे और मैं आपके और कबीर के साथ घुंघरू 2.0 में बैकग्राउंड डांसर बन सकता हूं।" टाइगर के इस जवाब से फैंस एक्साइटेड हो गए हैं। वहीं, फिर से वॉर के सीक्वल की बातें होने लगी है।

विश्व में कोरोना संक्रमितों की संख्या 62.66 लाख हुई, 3.75 लाख की मौत

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बीजिंग/जिनेवा/नई दिल्ली। वैश्विक महामारी कोरोना वायरस (कोविड 19) से दुनिया भर में अब तक 62.66 लाख लोग संक्रमित हुए हैं तथा 3.75 लाख लोग काल के गाल में समा चुके हैं। अमेरिका की जॉन हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के विज्ञान एवं इंजीनियरिंग केन्द्र (सीएसएसई) की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक कोरोना वायरस से दुनिया भर में अब तक 62,66,192 लोग संक्रमित हुए हैं तथा 3,75,559 लोगों की मृत्यु हो चुकी है। कोरोना वायरस से प्रभावित होने के मामले में अमेरिका विश्व भर में पहले और ब्राजील दूसरे तथा रूस तीसरे स्थान पर है। दूसरी तरफ इस महामारी से हुई मौत के आंकड़ों के हिसाब से अमेरिका पहले, ब्रिटेन दूसरे और इटली तीसरे क्रम पर है।
भारत में पिछले 24 घंटों के दौरान कोरोना संक्रमण के नये मामलों में सोमवार की तुलना में थोड़ी कमी आई है। इस दौरान देश में कोविड-19 के 8171 नये मामले दर्ज किये गये हैं और अब कुल कोरोना संक्रमितों की संख्या 198706 हो गई है। वही इस दौरान 204 लोगों की मृत्यु होने से मृतकों की संख्या बढ़कर 5598 हो गई है। देश में इस समय कोरोना के 97581 सक्रिय मामले हैं, जबकि 95527 लोग इस महामारी से निजात पाने में कामयाब हुए हैं।
विश्व महाशक्ति माने जाने वाले अमेरिका में कोरोना महामारी से अब तक 1811370 लोग प्रभावित हो चुके हैं तथा 1,05165 लोगों की मृत्यु हो चुकी है। ब्राजील में अब तक 5,26447 लोग इसकी चपेट में आ चुके हैं और 29,937 लोगों की मौत हो चुकी है। रूस में भी कोविड-19 का प्रकोप बढ़ता ही जा रहा है और यहां इसके संक्रमण से अब तक 4,14,338 लोग प्रभावित हुए हैं तथा 4849 लोगों ने जान गंवाई है। ब्रिटेन में भी इस संक्रमण के कारण हालात लगातार खराब होते जा रहे हैं। यहां अब तक इस महामारी से 2,7776 लोग संक्रमित हुए हैं तथा 39127 लोगों की मृत्यु हो चुकी है। यूरोपीय देश इटली में भी इस महामारी ने बहुत कहर बरपाया है। यहां अब तक इसके कारण 33,475 लोगों की मौत हुई है और 2,33,197 लोग इससे संक्रमित हुए हैं। स्पेन में अब तक 2,39,638 लोग संक्रमित हुए है जबकि 27,127 लोगों की मौत हो चुकी है।
वैश्विक महामारी कोरोना के उद्गमस्थल चीन में अब तक 84,151 लोग संक्रमित हुए हैं और 4638 लोगों की मृत्यु हुई है। यूरोपीय देश फ्रांस और जर्मनी में भी इस जानलेवा विषाणु के कारण स्थिति काफी खराब है। फ्रांस में अब तक 1,89,348 लोग इससे संक्रमित हुए हैं और 28,836 लोगों की मौत हो चुकी है। जर्मनी में कोरोना वायरस से 1,83,83594 लोग संक्रमित हुए हैं और 8,555 लोगों की मौत हुई है। तुर्की में कोरोना से अब तक 1,64,769 लोग संक्रमित हुए हैं तथा 4,563 लोगों की मौत हो चुकी है। कोरोना वायरस से गंभीर रूप से प्रभावित खाड़ी देश ईरान में 1,54,445 लोग संक्रमित हुए हैं जबकि 7878 लोगों की इसके कारण मौत हुई है।
मेक्सिको में 10167, बेल्जियम में 9486, कनाडा में 7404, नीदरलैंड में 5991, पेरू में 4634, स्वीडन में 4403, इक्वाडोर में 3358, स्विट्जरलैंड में 1920, आयरलैंड में 1650 और पुर्तगाल में 1424 लोगों की मौत हुई है। इसके अलावा पड़ोसी देश पाकिस्तान में कोरोना से अब तक 72460 लोग संक्रमित हुए हैं तथा 1543 लोगों की मौत हो चुकी है।

न्यूयार्क में बुधवार सुबह तक बढ़ा कर्फ्यू

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वाशिंगटन। अमेरिका में अश्वेत व्यक्ति की पुलिस हिरासत में हुई मौत के विरोध में हो रहे हिंसक प्रदर्शन के मद्देनजर न्यूयार्क में लागू कफ्र्यू बुधवार सुबह तक बढ़ा दिया गया है। न्यूयार्क के मेयर बिल डी ब्लासियो के कार्यालय ने कफ्र्यू की अवधि बढ़ाये जाने की घोषणा की है। इससे पहले यहां सोमवार को स्थानीय समयानुसार 11.00 बजे से मंगलवार की सुबह पांच बजे तक कफ्र्यू लगाया गया था, जिसे अब कल तक के लिए बढ़ा दिया गया है। इस दौरान स्थानीय पुलिस का अतिरिक्त बल तैनात रहेगा।

विराट ने ओमनाथ सूद क्रिकेट में 80 गेंदों पर जड़ा था शतक

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नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट कप्तान और मौजूदा रन मशीन विराट कोहली ने अपनी अद्भुत प्रतिभा का लोहा क्लब क्रिकेट के समय ही मनवा लिया था जब मात्र 16 साल की उम्र में उन्होंने अखिल भारतीय ओमनाथ सूद मेमोरियल क्रिकेट टूर्नामेंट में 80 गेंदों पर शतक जड़ दिया था। टूर्नामेंट के आयोजन सचिव प्रमोद सूद ने बताया कि वर्ष 2005 में अखिल भारतीय ओमनाथ सूद मेंमोरियल क्रिकेट टूर्नामेंट का 15वां संस्करण आयोजित हुआ। विराट ने आठ अप्रैल को विद्या जैन क्रिकेट अकादमी की ओर से खेलते हुए श्री गुरु गोबिंद सिंह कॉलेज मैदान पर मालवीय क्रिकेट क्लब के खिलाफ 80 गेंदों पर तेज-तर्रार शतक जड़ा। विराट ने 88 गेंदों पर 13 चौकों और दो छक्कों की मदद से नाबाद 113 रन की मैच विजयी पारी खेली जिसके लिए उन्हें मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार दिया गया। विराट को मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार ओमनाथ सूद के छोटे पुत्र चन्द्र मोहन सूद ने प्रदान किया। उस समय विराट की उम्र 16 साल पांच महीने थी।
विराट ने आगे चलकर भारत को अपनी कप्तानी में अंडर-19 विश्व कप का खिताब दिलाया। विराट फिर भारतीय टीम का हिस्सा बने और आज उन्हें दुनिया के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में से एक माना जाता है। वह तीनों फॉर्मेट में भारतीय टीम के कप्तान हैं और अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में लगभग 22 हजार रन तथा 70 शतक बना चुके हैं। 15वें अखिल भारतीय ओमनाथ सूद मेमोरियल क्रिकेट टूर्नामेंट का खिताब इंडियन एयरलाइंस ने जीता था। मैन ऑफ द मैच रजत भाटिया के शानदार हरफनमौला खेल (तीन विकेट और अविजित 81 रन ) की बदौलत इंडियन एयरलाइंस ने फाइनल में राजस्थान कोल्ट्स को छह विकेट से हराकर न केवल लगातार दूसरे वर्ष बल्कि चार वर्षों में तीसरी बार इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट पर कब्जा किया। 2005 के वर्ष में कुल 22 टीमों ने भाग लिया था।

नस्लभेद के खिलाफ आवाज बुलंद करे आईसीसी : सैमी

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नई दिल्ली। वेस्टइंडीज के पूर्व टी-20 कप्तान डेरेन सैमी ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) और अन्य क्रिकेट बोर्डों से नस्लभेद के खिलाफ आवाज बुलंद करने की मांग की है। विंडीज के ऑलराउंडर सैमी ने अमेरिका में अफ्रीकी मूल के अमेरिकी नागरिक जॉर्ज फ्लॉयड की पुलिस हिरासत में मौत की खबर के बाद इस पर मंगलवार को सोशल मीडिया पर लगातार पोस्ट डालते हुए अपनी प्रतिक्रिया दी। फ्लॉयड की मौत के बाद से ही अमेरिका में प्रदर्शन हो रहे हैं जो लगातार हिंसक होते जा रहे हैं। सैमी ने कहा, "अगर इस समय भी क्रिकेट जगत रंगभेद के खिलाफ आवाज नहीं उठाएगा तो वो भी इसका हिस्सा ही होगा। आईसीसी और अन्य क्रिकेट बोर्ड आपको नजर नहीं आ रहा कि मेरे जैसे लोगों के साथ क्या हो रहा है। क्या आप मेरे जैसे लोगों के साथ हो रहे सामाजिक अन्याय के खिलाफ आवाज नहीं उठाएंगे। विंडीज को टी-20 विश्वकप जिताने वाले कप्तान ने कहा कि नस्लीय और जातिगत भेदभाव सिर्फ अमेरिका तक ही सीमित नहीं है बल्कि यह दुनियाभर में होता है। उन्होंने कहा, "यह सिर्फ अमेरिका की बात नहीं है। यह हर दिन होता है। यह चुप रहने का समय नहीं है, मैं आपके विचार सुनना चाहता हूं। सैमी ने कहा, "कई वर्षों से अश्वेत लोगों को बहुत कुछ सहन करना पड़ रहा है। मैं सेंट लूसिया में हूं और काफी गुस्से में हूं। अगर आप मुझे टीम का हिस्सा मानते हैं तो आप फ्लॉयड का भी समर्थन करें और इस बदलाव में अपना योगदान दें। सैमी की प्रतिक्रिया क्रिस गेल के उस बयान के बाद सामने आयी जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्हें अपने करियर में नस्लभेदी भेदभाव का सामना करना पड़ा था और ऐसा सिर्फ फुटबॉल में ही नहीं बल्कि क्रिकेट में भी होता है।

इंडिगो को चौथी तिमाही में 871 करोड़ रुपये का नुकसान

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नई दिल्ली। कोविड-19 के कारण उड़ानों पर प्रतिबंध की वजह से देश की सबसे बड़ी विमान सेवा कंपनी इंडिगो को 31 मार्च को समाप्त पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में 870.81 करोड़ रुपये का शुद्ध नुकसान हुआ है। एयरलाइन के निदेशक मंडल की आज हुई बैठक में वित्तीय परिणामों को मंजूरी प्रदान की गयी। अंतिम तिमाही में हुये घाटे के कारण पूरे वित्त वर्ष 2019-20 के दौरान कंपनी को 233.68 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है। उल्लेखनीय है कि कोरोना वायरस के कारण पिछले साल फरवरी से ही कई मार्गों पर अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों पर प्रतिबंध लगने शुरू हो गये थे और 25 मार्च से देश में यात्री उड़ानों पर पूरी तरह प्रतिबंध लग गया था। एक साल पहले की तुलना में एयरलाइन का कुल राजस्व 16.41 प्रतिशत घटकर 8,634.62 करोड़ रुपये रह गया जबकि कुल लागत 1.54 प्रतिशत बढ़कर 9,9243.93 करोड़ रुपये पर पहुँच गया। इस कारण कंपनी को नुकसान उठाना पड़ा। हालाँकि उड़ानों पर प्रतिबंध से विमान ईंधन के मद में उसकी लागत 3,341.94 करोड़ रुपये से घटकर 2,860.36 करोड़ रुपये रह गयी।
इंडिगो के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रोनोजॉय दत्त ने परिणामों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये विश्वास जताया कि इस संकट से उबर कर कंपनी दुबारा मजबूत होगी। उन्होंने कहा "हर संकट के बीच अवसर भी होता है। हम इस संकट से और मजबूत बनकर उभरने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम अधिक दक्ष बेड़ा बनाने और कम लागत का ढाँचा विकसित करने की ओर बढ़ रहे हैं।"

ऊबर के हर राइड से पहले कार को किया जाएगा सैनिटाइज

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गुरूग्राम। ऊबर ने दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (डायल) के साथ साझेदारी में दिल्ली एयरपोर्ट पर एक सैनिटाइज़ेशन हब की स्थापना की मंगलवार को घोषणा की। इस साझेदारी के तहत राइडर्स एवं ड्राइवर्स की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए आधुनिक उपकरणों और डिस्इन्फेक्टेन्ट्स की मदद से हर राइड से पहले ऊबर कारों को सैनिटाइज़ किया जाएगा। दिल्ली में सैनिटाइज़ेशन हब की स्थापना दिल्ली एयरपोर्ट के टर्मिनल-3 पर मल्टी लेवल कार-पार्किंग में की गई है, जो वर्तमान में दिल्ली में एकमात्र फंक्शनल टर्मिनल है। ऊबर ने इसी तरह की व्यवस्था बेंगलुरु और हैदराबाद हवाई अड्डों पर भी की है। इस साझेदारी पर ऊबर इण्डिया एण्ड साउथ एशिया के हैड ऑफ सेंट्रल ऑपरेशन्स पवन वैश ने कहा, " शहर फिर से खुलने लगे हैं, लोगों का आवागमन दोबारा शुरू हो रहा है, ऐसे में ऊबर अपने राइडर्स एवं ड्राइवर्स की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। पिछले कुछ महीनों में, हमने अपनी सुरक्षा प्रक्रियाओं एवं उत्पादों में निरंतर सुधार किया है, ताकि संक्रमण के जोखिम को रोका जा सके तथा ड्राइवर्स और राइडर्स के बीच भरोसे के रिश्ते को और मजबूत बनाया जा सके।"
उन्होंने कहा,"हमारा मानना है कि सैनिटाइज़ेशन हब की स्थापना के लिए दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड के साथ यह साझेदारी हमारे राइडर्स और ड्राइवर्स को बेहतर सुरक्षा एवं मन की शांति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। हर राईड से पहले वाहन के सैनिटाइज़ेशन के अलावा, इस साझेदारी के तहत ऊबर पिक-अप ज़ोन का भी सैनिटाइज़ेशन किया जएगा। सैनिटाइज़ेशन हब कॉन्टैक्टलेस सेवाएं तथा भुगतान के लिए डिजिटल एवं कॉन्टैक्टलेस विकल्प उपलब्ध कराएंगे। राइडर और ड्राइवर दोनों के लिए फेस मास्क पहनना अनिवार्य होगा। डिस्इन्फेक्ट किए गए कार के दरवाज़ों और बूट्स को सिर्फ ड्राइवर के द्वारा ही खोला जाएगा ताकि कॉन्टैक्ट की संभावना को कम से कम किया जा सके। राइडर से उम्मीद की जाएगी कि वे अपने लगेज को खुद हैण्डल करे। दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड के सीईओ विदेह कुमार जयपुरिया ने इस साझेदारी पर कहा,"हवाई और सड़क यात्रा करने वाले यात्रियों की सुरक्षा को सुनिश्चित करना हमारी सामूहिक जि़म्मेदारी है। हमने एयरपोर्ट पर पूरी प्रक्रिया को कॉन्टैक्टलेस बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं, ताकि सुरक्षा के सर्वोच्च मानकों को बरकऱार रखा जा सके। यह देखकर अच्छा लगता है कि लास्ट-माइल कैब एग्रीगेटर्स भी यात्रा के शुरुआती एवं अंतिम पड़ाव को सुरक्षित बनाने में योगदान दे रहे हैं।"
ऊबर की टेक एवं सुरक्षा टीमें हर बार, हर व्यक्ति की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए निरंतर कार्यरत हैं। ऊबर ने सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए कई पहलों की शुरुआत की है जैसे गो ऑनलाइन चेकलिस्ट, ड्राइवर और राइडर के लिए अनिवार्य रूप से मास्क पहनना, ड्राइवरों के लिए ट्रिप से पहले मास्क वैरिफिकेशन सेल्फी, कोविड-19 के संदर्भ में सुरक्षा प्रोटोकॉल्स पर ड्राइवरों का प्रशिक्षण तथा ड्राइवर एवं राइडर के लिए अपडेटेड कैन्सिलेशन पॉलिसी, अगर वे राईड को लेकर सुरक्षित महसूस न करें। इन सभी प्रयासों के साथ ऊबर अपने ड्राइवर पार्टनर्स को नि:शुल्क 30 लाख मास्क और डिसइन्फेक्टेन्ट एवं सैनिटाइजऱ की 200000 बोतलें भी वितरित कर रहा है।

तेलंगाना और आन्ध्र प्रदेश के लोगों को मोदी की शुभकामनाएं

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 'राज्य स्थापना दिवस पर तेलंगाना के लोगों को बधाई दी है। साथ ही उन्होंने आंध्र प्रदेश की आम जनता को भी शुभकामनाएं दी हैं। प्रधानमंत्री ने आज अपने ट्विट संदेश में कहा, ''तेलंगाना के लोगों को उनके राज्य के स्थापना दिवस पर बधाई। इस राज्य के लोग विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते रहे हैं। यह राज्य भारत के विकास को नई गति देने में बहुमूल्य योगदान दे रहा है। मैं तेलंगाना के लोगों की प्रगति और समृद्धि की मंगल-कामना करता हूं।"
एक अन्य ट्विट में उन्होंने लिखा है, " आंध्र प्रदेश के लोगों को शुभकामनाएं। कड़ी मेहनत और साहस इस राज्य की संस्कृति का पर्याय है। भारत के विकास में इस राज्य की भूमिका को विशेष अहमियत दी जाती है। इस राज्य के नागरिकों को उनके भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं।

भाजपा ने बदली दिल्ली, छत्तीसगढ़, मणिपुर की कमान

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नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने पार्टी की दिल्ली, छत्तीसगढ़ एवं मणिपुर इकाइयों की कमान आज बदल दी। दिल्ली में सांसद मनोज तिवारी की जगह श्री आदेश गुप्ता को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है। पार्टी महासचिव अरुण सिंह ने यहां यह जानकारी दी। उत्तरी दिल्ली नगर निगम में महापौर रहे श्री आदेश गुप्ता को प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बनाया गया है। छत्तीसगढ़ में आदिवासी नेता एवं पूर्व केन्द्रीय मंत्री विष्णु देव साय को नया प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है। मणिपुर में प्रो. एस टिकेन्द्र सिंह को भाजपा की कमान सौंपी गयी है। दिल्ली में प्रदेश अध्यक्ष के नाम के लिए पार्टी में कई दिनों से मंथन चल रहा था। जातिगत समीकरणों का ख्याल रखते हुए यह तय हुआ था कि इस बार पूर्वांचल से किसी को मौका नहीं मिलेगा। पंजाबी अथवा वैश्य समुदाय से किसी को बनाया जाएगा। सूत्रों के अनुसार पार्टी के बड़े नेताओं का मानना था कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल वैश्य समुदाय से आते हैं और उन्हें वैश्यों का वोट काफी मात्रा में मिला था। अंतत: इसी विचार के अनुरूप आदेश गुप्ता का नाम चुना गया।
छत्तीसगढ़ में गत लोकसभा चुनाव के समय तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने श्री धरमलाल कौशिक को हटाकर श्री विक्रम उसेंडी को अध्यक्ष बनाया था। श्री उसेंडी के कार्यकाल में लोकसभा चुनावों में सफलता मिली थी लेकिन बाद के पंचायत एवं स्थानीय निकाय के चुनावों में भाजपा अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पायी। भाजपा अध्यक्ष श्री नड्डा ने छत्तीसगढ़ में जशपुर जिले के कांसाबेल तहसील के एक छोटे से गांव बगिया में किसान पृष्ठभूमि के श्री विष्णुदेव साय को प्रदेश भाजपा की कमान सौंपी है। श्री साय 16वीं लोकसभा में रायगढ़ सीट से निर्वाचित हुए थे और इस्पात एवं खान राज्य मंत्री बने थे। उन्हें पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह का करीबी माना जाता है। गत वर्ष 17वीं लोकसभा के चुनावों में छत्तीसगढ़ की सभी 11 सीटों पर नये चेहरों को उतारने का निर्णय लिया गया था। इसलिए श्री साय को भी टिकट नहीं मिला था।

यूनिसेफ ने अभिभावकों के लिए जारी किए दिशा निर्देश

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नई दिल्ली। कोरोनो के कारण लॉकडाउन में बच्चों पर हिंसा की घटनाओं में दो गुना वृद्धि को देखते हुए यूनिसेफ ने अभिभावकों के लिए विशेष दिशा निर्देश जारी किए हैं। यूनीसेफ की अगुआई में किए गए अध्ययन में हिंसा का सामना कर रहे बच्चों के लिए शारीरिक और मौखिक दुव्र्यवहार के कम से कम 30 विभिन्न रूपों को चिन्हित किया गया है। इस अध्ययन में घरों में बच्चों के खिलाफ हिंसा के विभिन्न रूपों को बताया गया है। इसमें शारीरिक हिंसा, मौखिक दुव्र्यवहर तथा भावनात्मक दुव्र्यवहार भी शामिल है।
भारत में यूनीसेफ की प्रतिनिधि डॉ. यास्मीन अली हक ने कहा,"इबोला संकट के हमारे अनुभव बताते हैं कि छोटे बच्चों के साथ हिंसा, दुव्र्यवहार और उपेक्षा होने की संभावना अधिक होती है क्योंकि परिवार जिंदगी से संघर्ष करने में व्यस्त रहते हैं, जिसका उन पर आजन्म प्रभाव पड़ सकता है। बच्चों के दोनों तरह के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को प्रोत्साहित करने के लिए सकारात्मक पेरेंटिंग अभ्यासों पर जागरूकता अब पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक है। चाइल्ड हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों के अनुसार अप्रैल में दो सप्ताह के लॉकडाउन के दौरान, परेशान बच्चों के द्वारा की गई कॉलों की संख्या में 50 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। लॉकडाउन में आवाजाही पर प्रतिबंध लगने और प्रीस्कूल तथा स्कूलों को बंद करने से अपने बच्चों की देखभाल और शिक्षा के लिए माता-पिता पर तत्काल दबाव बना है।

नक्सलग्रस्त प्रभावित गांव में पढई तूहर दुआर की ऑफलाइन वर्चुवल क्लास

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*‘‘पढ़ई तुंहर दुआर’’*
अनूठी पहलः नक्सल हिंसाग्रस्त गांवों में शिक्षक ग्रुप बनाकर ले रहे ’ऑफलाइन वर्चुवल क्लास’ (offline virtual class)
मकसद सिर्फ कोई भी बच्चा पढ़ाई से वंचित न हो
(एनपीन्यूज)रायपुर। आज पूरी दुनिया (corona virus)कोरोना वायरस से डरी हुई है। ऐसे में देश के हर प्रदेश में बच्चों की पढ़ाई चिंता का विषय बना हुआ है। स्कूल-कॉलेज बंद है। इस स्थिति से निपटने के लिए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल की चिंता और मंशा के अनुरूप स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा ऑनलाइन शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए ‘‘पढ़ई तुंहर दुआर पोर्टल की शुरूआत की है। इस तकनीक में जिला नारायणपुर (narayanpur) के हजारों की संख्या में शिक्षक और विद्यार्थियों ने पंजीयन करा लिया है और घर में रहकर ही अध्ययन-अध्यापन करा रहे हैं। अब शिक्षक किसी एक विद्यालय के न होकर सभी विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध हैं। ऑनलाइन शिक्षा का लाभ छत्तीसगढ़ के पहली कक्षा से 10 वीं कक्षा तक के निःशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने पोर्टल का शुभारंभ विगत 7 अप्रैल 2020 को किया था।
जिला नारायणपुर क्षेत्र में रहने वाले बच्चों को समस्या है कि यहां नेट कनेक्टिविटी बहुत कम है या बिलकुल नही है। ऐसे क्षेत्र में रहने वालें बच्चें पढ़ाई से वंचित न हो इसका तोड़ नक्सल हिंसा ग्रस्त इलाकों में पदस्थ कुछ शिक्षकों ने निकाल लिया है। ये शिक्षक ओरछा विकासखण्ड (अबूझमाड़)(abujhmad) के प्रवेश द्धार कहे जान वाले गाम कुरूषनार के साथ ही बासिंग, कोहकामेटा ओर किहकाड़ में ‘ऑफलाइन वर्चुवल क्लास’ का संचालन कर रहे है। बांसिग के शिक्षक देवाशीष नाथ, सहित 10 शिक्षकों का समूह है। जिसमें शिक्षक  तिजऊराम उसेण्डी, प्रदीम कुमार शोरी, लक्ष्मीनाथ देहारी, मंगलराम सलाम, छत्तर सिंह भोयना, कुरसोराम नेताम, गुड्डूराम कोर्राम, दीपक मंडल और रोशन कुमार ठाकुर जो बारी-बारी से पहली से आठवीं कक्षा के छात्र-छात्राओं को अलग-अलग स्थानों पर पढ़ाते है। शिक्षक पढ़ाई के साथ-साथ बच्चों के लिए नाश्ता का भी प्रबंधक करते है। मकसद सिर्फ कोई भी बच्चा पढ़ाई से वंचित न रहे और बच्चों का अच्छा भविष्य संवारना है।
यह शिक्षक और इन जैसे तमाम शिक्षक जो नक्सल हिंसा ग्रस्त क्षेत्र में पदस्थ है। अपने-अपने  ईलाकों के बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ कोरोना से बचाव के तरीकों और सावधानियों के बारे में भी बता रहे है। बच्चों का एक स्थल पर पढ़ाई के लिए आने पर उनके हाथों को सेनेटाइज किया जाता है। सभी को मास्क दिए जाते है, सोशल डिस्टेंसिंग (social distancing)का पालन किया जाता है। फिर शुरू होती है पढ़ाई। शिक्षकों द्वारा पढ़ाई के साथ ही उनके लिए स्थल पर या घर से नाश्ता का इंतजाम भी किया जाता है। पढ़ाई सुबह 8 से 10 बजे सिर्फ दो घंटे ही करायी जाती है, जिसमे गणित, अंग्रजी, विज्ञान और हिन्दी पढ़ाई जाती है। ग्रुप में इन सभी विषयों के शिक्षक शामिल है। इसमें जिला प्रशासन, जिला शिक्षा अधिकारी और विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी का भी महत्वूपर्ण योगदान है।

उत्तरप्रदेश के श्रमिकों की वापसी के लिए भूपेश सरकार चलाएगी यह स्पेशल ट्रेन

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( एनपीन्यूज)रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (cm bhupesh baghel) की पहल पर अन्य राज्यों में फंसे (chattisgarh) छत्तीसगढ़ के श्रमिकों को वापस लाया जा रहा है साथ ही छत्तीसगढ़ में फंसे अन्य राज्यों के श्रमिकों को उनके गृह राज्यों में भेजा जा रहा है। राज्य सरकार के इन प्रयासों से (lokdown) लाकडाउन में फंसे श्रमिकों को बड़ी राहत मिल रही है। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ राज्य में फंसे (uttar pradesh) उत्तरप्रदेश के श्रमिकों एवं व्यक्तियों को उनके गृह राज्य ले जाने के लिए 5 जून को (raipur railway station) रायपुर रेलवे स्टेशन से एक स्पेशल ट्रेन बस्ती उत्तरप्रदेश के लिए रवाना होगी। यह ट्रेन उत्तरप्रदेश राज्य में फंसे छत्तीसगढ़ के श्रमिकों को लेकर वापस लौटेगी।
इस स्पेशल ट्रेन (special train)की रवानगी के लिए श्रम विभाग के सचिव एवं राज्य नोडल अधिकारी (sonmani bohra)सोनमणि बोरा ने(raipur) रायपुर कलेक्टर को राज्य के अन्य जिलों के कलेक्टरों से समन्वय कर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। छत्तीसगढ़ राज्य के सभी जिलों के कलेक्टरों को उनके जिले में फंसे उत्तरप्रदेश के श्रमिकों एवं व्यक्तियों की वापसी के लिए रायपुर कलेक्टर से समन्वय कर स्पेशल ट्रेन से उनकी वापसी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। रायपुर कलेक्टर को समस्त यात्रियों का चिकित्सकीय परीक्षण सुनिश्चित कराने, यात्रियों के नाम, मोबाईल नंबर, उनके गंतव्य स्थल के जिले का नाम आदि का विवरण संधारित करने के साथ ही ट्रेन की रवानगी के पूर्व श्रमिकों की सूची तथा ट्रेन परिचालन की सूचना उत्तरप्रदेश शासन को उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए हैं।

सोमवार, 1 जून 2020

10 जून से पहले सभी जिलों में कोविड अस्पताल पुरा करने निर्देश

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क्वॉरंटाईन सेन्टरों में सैंपल टेस्टिंग की व्यवस्था की जाए
सभी रेल्वे स्टेशनों पर यात्रियों एवं श्रमिकों का अनिवार्य रूप से हो पंजीयन
मुख्य सचिव ने उच्च अधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए ली कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों की बैठक*

        (एनपीन्यूज) रायपुर। छत्तीसगढ़ में लगातार बढ़ रहे कोरोना पॉजीटिव मरीजों की संख्या को( cm bhupesh baghel)मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने काफी गंभीरता से लिया है। उन्होंने संक्रमण पर नियंत्रण के लिए सभी एहतियाती कदम उठाने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार मुख्य सचिव  rp mandal आर. पी. मण्डल ने आज चिप्स कार्यालय में उच्च अधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग जरिए कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों सहित जिला अधिकारियों की बैठक लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस बैठक में सभी संभागायुक्त और पुलिस महानिरीक्षक सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए। 

             मुख्य सचिव आर.पी. मंडल ने कहा कि मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देश पर कोरोना संक्रमण की रोकथाम और बचाव के कार्यों में समन्वय और निगरानी के लिए विशेष प्रकोष्ठ तैयार किया गया है। अपर मुख्य सचिव (subhrat sahu) सुब्रत साहू और स्वास्थ्य सचिव, परिवहन सचिव, श्रम विभाग के सचिव लगातार इस प्रकोष्ठ के माध्यम से निगरानी रख रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में कोरोना संक्रमण का फैलाव सामुदायिक स्तर पर न होने पाए इसके लिए पूरी सजगता और गंभीरता से कार्य करना होगा। उन्होंने छत्तीसगढ़ के पड़ोसी राज्यों में फैले संक्रमण को ध्यान रखते हुए सीमावर्ती जिलों के कलेक्टरों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन जिलों में कोविड अस्पताल तैयार नहीं हुए हैं उन जिलों में आगामी दस दिनों में सभी तैयारी पूर्ण कर ली जाए। इन अस्पतालों में निर्धारित मापदंडों का पालन किया जाए। उन्होंने बताया कि राज्य के सभी स्पोट्स काम्पलेक्स, स्टेडियम, सार्वजनिक पार्क, क्लब एवं बार सात जून तक पूर्ण रूप से बंद रहेंगे।

       मुख्य सचिव मंडल(mandal) ने कहा कि कंटेण्टमेंट जोन का निर्धारण मौका मुआयना के बाद व्यवहारिक तौर पर किया जाए ताकि लोगों को अनावश्यक दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़े। अन्य राज्यों से छत्तीसगढ़ आए श्रमिकों एवं अन्य लोगों के लिए बनाए गए क्वॉरंटाईन सेंटरों में सभी का अनिवार्य रूप से सेम्पल टेस्टिंग किया जाए। क्वारंटीन सेंटरों की प्रतिदिन अनिवार्य रूप से मानिटरिंग की जाए। इन केन्द्रांें में प्रभारी अधिकारी एवं कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाए। इन केन्द्रों में रहने वाले श्रमिकों को बाहर के लोगों से मिलने-जुलने नहीं दिया जाए। साथ ही ड्यूटी पर तैनात अधिकारी कर्मचारी संक्रमण को रोकने के लिए निर्धारित गाईडलाइन का अनिवार्य रूप से पालन कराएं। साथ ही यहां स्वास्थ्य परीक्षण, भोजन-पानी, मनोरंजन एवं सुरक्षा व्यवस्था का विशेष ध्यान रखें। गर्भवती महिलाओं और बच्चों में संक्रमण के खतरे को देखते हुए इनकी नियमित रूप से नजदीकी प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में स्वास्थ्य जांच कराने की व्यवस्था की जाए तथा आवश्यकता अनुसार इन्हें आइसोलेशन कक्ष में रखा जाए।

         मुख्य सचिव ने कहा है कि सामुदायिक संक्रमण की आशंका को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के बाहर और एक जिले से दूसरे जिले में जाने वाले लोगों को अनिवार्य रूप से ई-पास लेना होगा। उन्होंने कहा कि रेल से आने वाले यात्रियों का प्रदेश के सभी स्टेशनों में अनिवार्य रूप से पंजीयन किया जाए और निजी वाहन और टेक्सी से आने वाले लोगों का भी विस्तृत विवरण और निवास का पता आदि रखा जाए। मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान कोविड अस्पतालों की व्यवस्था की जिले वार तैयारी की समीक्षा की और विभिन्न चिकित्सीय उपकरणों की उपलब्धता और चिकित्सा स्टाफ के प्रशिक्षण की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि चिकित्सा स्टाफ को प्रशिक्षण की जरूरत होने पर इसकी व्यवस्था की जाए।

        पुलिस महानिदेशक (dm avasthi) डी.एम. अवस्थी ने कहा कि दुकानों और बाजार खुलने के लिए निर्धारित समय-सीमा का कड़ाई से पालन किया जाए।(auto taxi)ऑटो और टेक्सी सहित अन्य सावारी वाहनों में निर्धारित क्षमता से अधिक सवारी नहीं होनी चाहिए। सभी यात्रियों को मास्क लगाना अनिवार्य है। बाजार सार्वजनिक स्थानों में फिजीकल डिस्टेंसिंग का पालन कराया जाए। निर्धारित समयावधि में ही लोगों को आने जाने की अनुमति मिलेगी। लाकडाउन अवधि में दुकाने नहीं खुले तथा लोगों की आवाजाही पर भी रोक रहेगी। केवल अत्यावश्यक सेवाओं से जुड़े लोग और चिकित्सा तथा अन्य जरूरी कार्यों के लिए लोगों को आने जाने की अनुमति दी जाए। 

नेकी की कोई उम्र नहीं होती सीएम भूपेश

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(एनपीन्यूज) दिल्ली।  नोएडा (noida) की रहने वाली 12 साल की छात्रा निहारिका (niharika dwivedi) झारखंड (jharkhand labour)के मजदूरों का(pain) दर्द न देखा तो उसने बैंक खाते से 48000 रुपए निकाले और उनके लिए हवाई जहाज airplane ticket टिकट बुक करा दिया.

कोरोना वायरस (korona virus)के संक्रमण की खबरों के बीच लॉकडाउन(lockdown) में प्रवासी मजदूरों का उनके घर पहुंचना जारी है. इस काम में सरकार के साथ-साथ निजी स्तर पर भी लोग आगे आ रहे हैं. नोएडा की रहने वाली 12 साल की छात्रा ने अपने बचत के 48 हजार रुपए खर्च कर तीन प्रवासी मजदूरों (Migrant Workers) को झारखंड (Jharkhand) पहुंचाया है, वह भी हवाई जहाज से. जी हां, निहारिका द्विवेदी (Niharika Dwivedi) नाम की इस बच्ची ने कहा कि समाज ने उन्‍हें बहुत कुछ दिया है. अब उनकी जिम्मेदारी भी बनती है कि इस आपदा की घड़ी में वह इसे समाज को लौटाएं. निहारिका की इस पहल की लोग प्रशंसा कर रहे हैं.

निहारिका की इस मदद से तीन श्रमिक न केवल अपने घर पहुंच सके हैं, बल्कि उन्हें पहली बार फ्लाइट में बैठने का भी मौका मिला. निहारिका उनकी मदद कर काफी खुश हैं. वहीं, झारखंड के रहने वाले मजदूरों ने भी इस बच्ची का शुक्रिया अदा किया है.

गौरतलब है कि इससे पहले (national law school benglooru)नेशनल लॉ स्कूल बेंगलुरु के पूर्व छात्रों ने चंदा कर(mumbai) मुंबई में फंसे 180 मजदूरों को फ्लाइट से (ranchi)रांची भेजा था. छात्रों को जब पता चला कि कुछ मजदूर मुंबई आईआईटी के पास फंसे हैं और उनके पास पैसे नहीं हैं तो उन्होंने उनकी मदद करने की योजना बनाई. सभी छात्रों ने पैसे जुटाए. इसमें उनकी मदद एनजीओ और पुलिस ने भी की. इस तरह से सभी को फ्लाइट के माध्यम से झारखंड भेजा गया. हालांकि, छात्रों ने इस मदद के लिए अपने-अपने नाम उजागर नहीं किए. उनका कहना था कि यह मदद उन्होंने नाम कमाने के लिए नहीं की है.


रविवार, 31 मई 2020

लाॅकडाउन 5 को लेकर छत्तीसगढ़ सरकार का दिशा निर्देश जारी

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संशोधित लॉकडाउन (lockdown)30 जून तक :(Chhattisgarh govt)छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा दिशा-निर्देश जारी
अंतर्राज्यीय( inter state)और( inter district)अंतर जिला आवागमन के लिए ई-पास(e-pass) रहेगा जरूरी
कंटेनमेंट जोन(containment zone)में केवल अत्यावश्यक सेवाओं की ही अनुमति
राज्य के (sarvajanik park)सार्वजनिक पार्क, (sports)स्पोर्टस कॉम्लेक्स एवं(stadium) स्टेडियम 7 जून तक बंद रहेंगे

     (एनपीन्यूज) रायपुर। कोरोना संक्रमण (korona sankraman) के नियंत्रण के लिए (lockdown लॉकडाउन को चरणबद्ध ढंग (step  by step)खोलने के संबंध में तथा 30 जून तक संशोधित लॉकडाउन लागू करने के संबंध में भारत सरकार के गृह मंत्रालय (home ministry) द्वारा दिशा-निर्देशों के तारतम्य में (Chhattisgarh)छत्तीसगढ़ शासन के (general administration) सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा विस्तृत निर्देश जारी किए गए हैं।

         सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी निर्देश में यह स्पष्ट किया गया है कि व्यक्तियों के अंतर्राज्यीय परिवहन के बारे में प्रतिबंध पूर्व अनुसार जारी रहेगा। इस संबंध में ई-पास के माध्यम से अनुमति प्राप्त होने पर आवागमन हो सकेगा। व्यक्तियों के अंतर जिला आवागमन के लिए भी नियमानुसार ई-पास(e-pass) के माध्यम से अनुमति प्राप्त करना आवश्यक होगा। राज्य के (public park)सार्वजनिक पार्क, स्पोर्टस कॉम्लेक्स एवं स्टेडियम 7 जून तक बंद रहेंगे। राज्य के भीतर एवं अंतर्राज्यीय बस परिवहन सेवाओं के बारे में परिवहन विभाग और क्लब (club)एवं (bar) बार के संचालन के बारे में पृथक से आदेश जारी किया जाएगा।

        जारी निर्देश में यह भी कहा गया है कि प्रशासनिक आवश्यकता को देखते हुए इन निर्देशों में कड़ाई की जा सकती है, परन्तु किसी प्रकार की ढील दिए जाने की अनुमति नहीं होगी। प्रदेश में चिन्हित कंटेनमेंट जोन में केवल अत्यावश्यक सेवाओं की अनुमति होगी।

सीएम भूपेश ने कहा क्वारनटाईन अवधि पुरा कर चुके लोगों से खतरा नहीं, जनता से अपील भी की

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क्वॉरंटाईन (quarantine time)अवधि पूरा करने वालों से संक्रमण का खतरा नहीं: मुख्यमंत्री(cm bhupesh)भूपेश बघेल

मुख्यमंत्री (cm Chhattisgarh)ने जनता से की अपील: मन में किसी भी तरह का न रखें संशय

आप सभी के सहयोग से (Corona infection)कोरोना संक्रमण को फिर सीमित करने में सफल होंगे

(एनपीन्यूज) रायपुर। मुख्यमंत्री भपूेश बघेल ने राज्य की जनता के नाम जारी अपनी अपील में कहा है कि क्वारंटाइन अवधि पूरा कर अपने गांव और घर लौटने वाले भाई-बहनों से कोरोना संक्रमण का किसी भी तरीके का खतरा नहीं है। इनके गांव घर लौटने पर संक्रमण को लेकर अपने मन में किसी भी तरीके का संशय न रखें।
      मुख्यमंत्री बघेल ने आगे कहा है कि क्वॉरंटाईन सेंटर से 14 दिन का #quarantine क्वॉरंटाईन पूरा करके श्रमिक भाई-बहनों का अपने गांव घर लौटने का सिलसिला शुरू हो गया है। कुछ जगह से ऐसी सूचना आयी हैं कि गांव के लोग इन्हें वापस गांव में प्रवेश देते समय मन में संशय रख रहे हैं। संशय या संदेह की कोई बात नहीं हैं, ये आपके भाई, बहन हैं, स्वस्थ हैं और 14 दिन का क्वारंटाईन पूरा करके आये हैं। आप इस बात को समझे कि अब इनसे गांव में संक्रमण का कोई खतरा नहीं हैं। मुझे पूरा विश्वास हैं कि आप इस बात को समझेंगे।
       मुख्यमंत्री ने कहा है कि अन्य राज्यों में काम करने गये छत्तीसगढ़ी भाई, बहनों के राज्य में लौटने का क्रम जारी है। हमने इस संकट की घड़ी में अपने राज्य में लौटने के इच्छुक लोगों के लिए सभी आवश्यक साधन उपलब्ध कराये हैं और यह क्रम लगातार जारी है। अभी तक राज्य में 56 ट्रेनों (train)के माध्यम से 76 हजार 772 श्रमिकों (labor)और अन्य व्यक्तियों को राज्य वापस लाया जा चुका हैं । (bus)बस, ट्रेन और अन्य माध्यमों से अब तक राज्य में कुल 2 लाख 44 हजार 686 श्रमिक वापस आ चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा है कि राज्य में लौटे इन सभी श्रमिकों और राज्य के अन्य निवासियों की सुरक्षा के लिए हमने सभी को नियमानुसार 14 दिन के अनिवार्य क्वारंटाईन (compulsory quarantine) में रखने की व्यवस्था की हैं, इसके लिए हमने 19 हजार 216 क्वारंटाईन सेंटर बनाये हैं, जिनमें 7 लाख 6 हजार 416 लोग रह सकते हैं। यह प्रयास किया गया है कि राज्य की हर ग्राम पंचायत या उसके आसपास क्वारंटाईन सेंटर हो ताकि ग्रामवासी अपने ग्राम के पास ही रह सकें।
       उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने अपनी ओर से इन क्वारंटाईन सेंटर में हर संभव सुविधाएं उपलब्ध करायी है। कोरोना महामारी के इस दौर में इतनी बड़ी संख्या में क्वारंटाईन सेंटर बनाना और उनमें आवश्यक सभी सुविधाएं उपलब्ध कराना कोई आसान कार्य नहीं है। मैं इन क्वारंटाईन सेंटर में तैनात सभी विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों का आभारी हूॅ, आप सभी संकट के इस समय में बहुत अच्छा और प्रेरणादायी कार्य कर रहे हैं। क्वारंटाईन सेंटर में रह रहे सभी श्रमिक भाई -बहन भी स्थिति की गंभीरता को समझते हुए पूरा सहयोग कर रहे हैं। कुछ स्थानों पर क्वारंटाईन सेंटर में कतिपय व्यवस्था संबंधी शिकायतें आयीं, जिसे हमने जानकारी मिलते ही तत्काल दूर करने का प्रयास किया है।
        मुख्यमंत्री ने कहा है कि अन्य राज्यों में काम करने गए भाई-बहनों के लौटने से राज्य में संक्रमण में वृद्धि हुई है। इसको लेकर परेशान और भयभीत होने की जरूरत नहीं है। कोरोना संक्रमण में वृद्धि कुछ समय के लिए है। आप सबके सहयोग से हम फिर कोरोना संक्रमण को सीमित करने में सफल होंगे। मुख्यमंत्री बघेल ने उम्मीद जताई है कि सभी छत्तीसगढ़ी भाईयों-बहनों की सर्तकता और कोरोना संक्रमण के फैलाव को रोकने हेतु सुरक्षात्मक उपायों, फिजिकल डिस्टेंसिंग के नियम के पालन से कोरोना हारेगा और छत्तीसगढ़ जीतेगा।

इन सभी स्थानों पर 7 जून तक रहेंगे ताले, शासन का आदेश जारी

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*छत्तीसगढ़ के रेस्टोरेंट, होटल बार और क्लब 7 जून तक रहेंगे बंद*

*राज्य शासन के वाणिज्यिक कर (आबकारी) विभाग ने जारी किया आदेश*

       एनपीन्यूज रायपुर। (chhattisgarh) छत्तीसगढ़ शासन द्वारा नोवल कोरोना वायरस (kovic 19) (कोविड-19) के संक्रमण से आमजन को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से राज्य के सभी (restaurant) रेस्टोरेंट, (hotel bar)होटल बारों और सभी एफ.एल. 4/4 क्लब (club bar)में स्थित (bar room)बार रूम एवं (stock room)स्टॉक रूम तथा क्लब में स्थित मदिरा संग्रहण स्थल को आगामी 7 जून तक बंद रखने का आदेश जारी किया गया है।

       वाणिज्यिक कर(exise department Chhattisgarh) (आबकारी विभाग) द्वारा पूर्व में 31 मई तक रेस्टोरेंट, होटल बार और क्लब को बंद रखने का आदेश जारी किया गया था। इस अवधि को बढ़ाकर अब 7 जून तक बंद रखने का आदेश दिया गया है। राज्य शासन द्वारा सभी जिला कलेक्टरों को इस आदेश का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। 

शनिवार, 30 मई 2020

कोविड-19’ से लड़ने 1 जून से लागू होंगे यह दिशा निर्देश, पढ़े पुरी खबर

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कंटेनमेंट (containment zone)जोन में (lockdown) लॉकडाउन का सख्ती से पालन होगा, जिनका निर्धारण स्वास्थ्य मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के आधार पर (state)राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों(union tarry Tory)की सरकारों द्वारा किया जाएगा

कंटेनमेंट जोन के बाहर सभी गतिविधियों को चरणबद्ध ढंग से पुन: शुरू किया जाएगा; (unlock 1) ‘अनलॉक 1’  में आर्थिक फोकस होगा

 ‘नाइट कर्फ्यू’ (night corfue) सभी गैर-जरूरी कार्यों के लिए लोगों की आवाजाही पर ‘रात 9 बजे से सुबह 5 बजे तक’ जारी रहेगा


(एनपीन्यूज) रायपुर । केंद्रीय गृह मंत्रालय (एमएचए) ने कोविड-19 (kovid 19) से लड़ने और कंटेनमेंट (सील) जोन के बाहर के क्षेत्रों को चरणबद्ध ढंग से पुन: खोलने के लिए आज नए दिशा-निर्देश जारी किए। ये दिशा-निर्देश 1 जून, 2020 से लागू होंगे और 30 जून, 2020 तक प्रभावी रहेंगे। फिर से कई गतिविधियां शुरू करने के मौजूदा चरण ‘अनलॉक 1’ में आर्थिक फोकस होगा। नए दिशा-निर्देश राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ व्यापक सलाह-मशविरा के आधार पर जारी किए गए हैं।

24 मार्च, 2020 से ही पूरे देश में सख्त लॉकडाउन किया गया था। आवश्यक गतिविधियों या कार्यों को छोड़ सभी गतिविधियों को प्रतिबंधित कर दिया गया था। इसके बाद कोविड-19 के फैलाव को रोकने के व्‍यापक उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए लॉकडाउन से जुड़े उपायों में क्रमबद्ध ढंग से ढील दी गई है।
नए दिशा-निर्देशों की मुख्य विशेषताएं
कंटेनमेंट जोन में लॉकडाउन उपाय सख्ती से लागू रहेंगे। स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों को ध्यान में रखते हुए, राज्य/ संघ शासित प्रदेश सरकारों द्वारा इनका सीमांकन किया जाएगा। कंटेनमेंटज़ोन के भीतर, सख्त परिधि नियंत्रण बनाकर रखा जाएगा और केवल आवश्यक गतिविधियों की अनुमति दी जाएगी।
पहले से प्रतिबंधित सभी गतिविधियों को कंटेनमेंटजोन के बाहर चरणबद्ध तरीके से खोला जाएगा, जो कि मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) के पालन के करार के साथ, स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा निर्धारित की जाएंगी:

चरण I (8 जून, 2020 से खोलने की अनुमति)
• धार्मिक स्थान और सार्वजनिक पूजा स्थल;
• होटल, रेस्तरां और अन्य आतिथ्य सेवाएं; तथा
• शॉपिंग मॉल।
स्वास्थ्य मंत्रालय सम्‍बद्ध केन्‍द्रीय मंत्रालयों/विभागों और अन्य हितधारकों की सलाह से उपरोक्‍त गतिविधियों के लिए एसओपी जारी करेगा ताकि एक दूसरे से दूरी बनाकर (सोशल डिस्‍टेंसिंग) रखी जा सके और कोविड-19 को फैलने से रोका जा सके।

चरण II स्कूल, कॉलेज, शैक्षिक / प्रशिक्षण / कोचिंग संस्थान आदिराज्यों और संघ शासित प्रदेशों के साथ विचार-विमर्श के बाद खोले जाएंगे। राज्य सरकारों / संघ राज्य क्षेत्र प्रशासनों को सलाह दी जाती है कि वे माता-पिता और अन्य हितधारकों के साथ संस्थागत स्तर पर सलाह-मशविरा करें। फीडबैक के आधार पर, इन संस्थानों को फिर से खोलने के बारे में जुलाई, 2020 में निर्णय किया जाएगा। इन संस्थानों के लिए स्‍वास्‍थ्‍य और परिवार कल्‍याण मंत्रालय एसओपी तैयार करेगा।
देशभर में सीमित संख्‍या में प्रतिबंधित रहने वाली गतिविधियां

अंतर्राष्‍ट्रीय हवाई यात्रा ;

मेट्रो रेल का परिचालन;

सिनेमाघर, व्‍यायामशाला, स्विमिंग पूल, मनोरंजन पार्क, थियेटर, बार और ऑडिटोरियम, असेम्‍बली हॉल और इस प्रकार के अन्‍य स्‍थान; तथा,

सामाजिक/ राजनैतिक/ खेल/ मनोरंजन/ शैक्षणिक/ सांस्‍कृतिक/ धार्मिक समारोह/ और अन्‍य बड़े समागम.

उपरोक्‍त गतिविधियों को खोलने की तारीखों के बारे में फैसला

चरणIII, में स्थिति के आकलन पर आधारित होगा। 

लोगों और सामान की निर्बाध आवाजाही

अंतर-राज्यीय और राज्य के भीतर व्यक्तियों और सामान की आवाजाही पर कोई बंदिश नहीं होगी। ऐसी आवाजाही के लिए अलग से किसी प्रकार की अनुमति/स्वीकृति/ई-परमिट नहीं लेना होगा।

हालांकि, यदि एक राज्य/संघ शासित क्षेत्र सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ी वजहों और परिस्थितियों के आकलन के आधार पर, लोगों की आवाजाही को नियंत्रित करने का प्रस्ताव करता है तो उसे ऐसी आवाजाही पर बंदिशों को लागू करने और उससे जुड़ी प्रक्रियाओं के पालन के संबंध में अग्रिम रूप से व्यापक प्रचार करना होगा।

लोगों की आवाजाही, गैर आवश्यक गतिविधियों के लिए रात का कर्फ्यू पहले की तरह जारी रहेगा। हालांकि, कर्फ्यू का संशोधित समय अब रात 9 बजे से सुबह 5 बजे तक होगा।
सामाजिक दूरी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कोविड-19 के प्रबंधन के लिए राष्ट्रीय दिशानिर्देशों का पालन पूरे देश में जारी रहेगा।
कंटेनमेंट जोन के बाहर होने वाली गतिविधियों पर राज्य करेंगे फैसला
हालात के आकलन के आधार पर राज्य और संघ शासित क्षेत्र कंटेनमेंट जोन (सील क्षेत्र) के बाहर चुनिंदा गतिविधियों पर रोक लगा सकते हैं या आवश्यकता के आधार पर ऐसी बंदिशों को लगा सकते हैं।
कमजोर लोगों के लिए सुरक्षा
65 वर्ष से ज्यादा उम्र के लोगों, बीमार लोगों, गर्भवती महिलाओं और 10 साल से कम उम्र के बच्चों जैसे कमजोर लोगों को आवश्यक जरूरतें पूरी करने और स्वास्थ्य उद्देश्यों को छोड़कर घर पर ही रहने की सलाह दी गई है।

आरोग्य सेतु का उपयोग
कोविड 19 से संक्रमित लोगों, या संक्रमण के जोखिम वालों की त्वरित पहचान आसान बनाने के लिए आरोग्य सेतु मोबाइल ऐप्लीकेशन भारत सरकार द्वारा निर्मित शक्तिशाली साधन है। इस प्रकार यह लोगों और समुदाय की सुरक्षा के कवच के रूप में काम कर रहा है। सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कई विभागों द्वारा इस ऐप्लीकेशन के उपयोग को प्रयोग की सलाह दी जाती है।

क्वारनटाईन सेंटर में रह रहे प्रवासी मजदूरों के बच्चों को भी मिलेगा शाला में प्रवेश

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(एनपीन्यूज) रायपुुर। (Chhattisgarh) छत्तीसगढ़ में(kovid19) कोविड-19 के संक्रमण के कारण प्रवासी मजदूरों को क्वारेंटाइन सेंटर में रखा गया है। इनके साथ केन्द्रों में उनके बच्चे भी रह रहे हैं। राज्य सरकार ने इन प्रवासी मजदूरों के बच्चों की नियमित शिक्षा की व्यवस्था के लिए उन्हें स्कूलों में प्रवेश दिलाने का निर्णय लिया है। स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव (dr. Alok shukla) डॉ. आलोक शुक्ला ने इस संबंध में कार्यवाही के लिए जिला कलेक्टरों को निर्देशित किया है।

प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा ने जिला कलेक्टरों से कहा है कि प्रवासी मजदूरों के बच्चों के नियमित शिक्षा के लिए उनकी जानकारी निर्धारित प्रपत्र में एकत्रित किया जाना आवश्यक है। इस प्रपत्र में बच्चे का नाम, आयु, जन्मतिथि, लिंग, पिता का नाम, माता का नाम, कहां से छत्तीसगढ़ वापस आए हैं, निवास  स्थान का पूरा पता ग्रामीण क्षेत्र के लिए - गांव, पंचायत, विकासखण्ड, जिला तथा शहरी क्षेत्र के लिए मकान नंबर, मोहल्ला, वार्ड, शहर, जिला, बच्चा कितने वर्ष का और किस कक्षा में पढ़ता है, इस वर्ष किस कक्षा में प्रवेश लेना है, माता-पिता छत्तीसगढ़ में रहेंगे अथवा काम के लिए बाहर जाएंगे, बच्चा छत्तीसगढ़ में रहेगा अथवा माता-पिता के साथ बाहर जाएगा, कि जानकारी एकत्र की जाए। जिला कलेक्टरों से कहा गया है कि (quarantine)क्वारेंटाइन सेंटर छोड़ने के पूर्व प्रत्येक क्वारेंटाइन सेंटर में प्रपत्र अनुसार जानकारी एकत्र करा ली जाए। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा शीघ्र ही इस जानकारी की ऑनलाइन(online entry) एन्ट्री के लिए साफ्टवेयर उपलब्ध कराया जाएगा। तब तक यह जानकारी प्रत्येक क्वारेंटाइन सेंटर में एक पंजी में तैयार कराएं। जिला कलेक्टरों से कहा गया है कि यह सुनिश्चित करें कि सभी की जानकारी तैयार हो जाए। जिससे कोई भी बच्चा स्कूल में प्रवेश से वंचित न रह जाए। इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारियों को भी आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए हैं।

शुक्रवार, 29 मई 2020

स्वर्गीय अजीत जोगी को श्रद्धांजलि देने सागौन बंगला पहुंचे सीएम भूपेश बघेल

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*शोकाकुल परिजनों से मिलकर ढांढस बंधाया*

(एनपीन्यूज) रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (cm bhupesh  baghel) ने आज देर शाम सागौन बंगले पहुंचकर पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी (ex chief minister ajit jogi) के पार्थिव शरीर पर  पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर उन्होंने श्री जोगी की धर्मपत्नी  रेणु जोगी ( renu jogi) और पुत्र (amitjogi) अमित जोगी से  मिलकर शोक संवेदना व्यक्त की और उन्हें ढांढस बंधाया।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के जीवन को वे तीन हिस्सों में देखते हैं, जिसमें वे मेघावी छात्र, दक्ष प्रशासनिक अधिकारी और अच्छे राजनेता के रूप में नजर आते है। मुुख्य मंंत्री  ने कहा कि विपरीत परिस्थिति में भी उन्होंने संघर्ष का दामन नहीं छोड़ा। लगातार समस्याओं से जूझने वाले बहुत ही जीवट और संघर्षशील व्यक्तित्व के धनी थे। छत्तीसगढ़ के माटीपुत्र जोगी के निधन से अपूरणीय क्षति हुई है। मैं उनकी आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करता हूं। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ मंत्रिमण्डल के सदस्यों और विधायकगणों ने भी अजीत जोगी के पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। ज्ञातव्य है कि छत्तीसगढ़ के प्रथम मुख्यमंत्री अजीत जोगी का आज रायपुर के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा उनके निधन पर तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया गया है। 

बेमेतरा के खिलौरा में मनरेगा के नगद भुगतान का माध्यम बनीं नि:शक्त सखी बिंदा

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(एनपीन्यूज) रायपुर। जहां चाह हो वहां निःशक्तता (handicap)भी हार जाती है, यह साबित किया है बैंक सखी बिंदा यादव ने। उन्होंने केवल 18 दिनों में 46 हजार 100 रूपये का ट्रांजेक्शन कर मिसाल कायम की है। (bemetara) बेमेतरा जिले के ग्राम (khilora) खिलौरा की अस्थिबाधित दिव्यांग बिंदा यादव (binda yadav)में आगे बढ़ने की हिम्मत और इच्छा थी, उनकी इस चाह को राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ने राह दिखाई।  बिंदा आजीविका (aajivika mishan) मिशन के तहत डिजी-पे-बैंक (dg pay bank sakhi)सखी के रूप में काम करते हुए न सिर्फ खुद सक्षम हुई हैं, बल्कि हजारों लोगों को गांव में ही खाते से नगद भुगतान कर उनके जीवन में खुशियों का माध्यम बन गयी हैं। वह गांव में ही बैंक की सुविधा उपलब्ध कराते हुए योजनाओं की नगद राशि किसानों, मजदूरों, बुजुर्गों, विधवा और निराश्रित महिलाओं और अन्य हितग्राहियों को उनके खाते से उपलब्ध करा रही हैं। 
    बैंक सखी और डिजी पे सखी घर पहुंच सेवा देकर (lockdown)लॉकडाउन में बैंकों में अनावश्यक भीड़ को रोकने में भी सहायता कर रही हैं। घर पहुंच सेवा के तहत बैंक सेवा प्रदान करते हुए (pension payments)पेंशन भुगतान, (manrega) labor payment मनरेगा मजदूरी भुगतान, राशि निकासी और जमा, बैंक खाता खोलने और हितग्राहियों के खाते मेें सीधे पहुंचने वाली योजनाओं की राशि का नगद भुगतान किया जाता है। इस दौरान बैंक सखी कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए निर्धारित मापदण्डों जैसे मास्क,सेनेटाइजिंग और सोशल डिस्टेंसिंग का भी ध्यान रखती हैं। बैंक सखी और डिजी-पे सखी द्वारा मनरेगा मजदूरों को उनके खाते से कार्यस्थल पर ही नगद भुगतान मिल जाने से मजदूर भी बहुत खुश हैं। मनरेगा मजदूरोें ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि पहले उन्हंे गांव से दूर बैंक जाकर पैसे निकालने के लिए घण्टों लाइन में खड़े होना पड़ता था। अब काम की जगह पर ही मजदूरी पाना सुविधाजनक हो गया है, इससे हमारे समय की भी बचत हो रही है।

नहीं रहे छत्तीसगढ़ के प्रथम मुख्य मंत्री अजीत जोगी

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 अजीत जोगी (ajit jogi) का (daith) निधन प्रदेश के लिए अपूरणीय क्षति: (cm) मुख्यमंत्री  (baghel) बघेेल

छत्तीसगढ़ (chhattisgarh) के (first minister)प्रथम मुख्यमंत्री(amit jogi) अजीत जोगी का निधन: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल(bhupesh baghel)ने गहरा दुख व्यक्त किया*

छत्तीसगढ़ सरकार ने जोगी के निधन पर तीन दिन का राजकीय शोक(rajkiya shoke) घोषित किया

*राष्ट्रीय ध्वज ( national flag) आधा झुका रहेगा: कोई भी शासकीय समारोह नहीं होंगे आयोजित*

*स्वर्गीय  जोगी का राजकीय सम्मान के साथ कल गौरेला में होगा अंतिम संस्कार*

  (एनपीन्यूज)  रायपुर।मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ के प्रथम मुख्यमंत्री अजीत प्रमोद कुमार जोगी के निधन पर गहरा दुःख प्रकट किया है। आज यहां एक निजी चिकित्सालय में इलाज के दौरान अजीत जोगी का निधन हो गया। मुख्यमंत्री  ने जोगी के निधन पर राज्य में आज से तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया है। इस दौरान राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा और इस दौरान कोई भी शासकीय समारोह आयोजित नहीं किए जाएंगे। स्वर्गीय जोगी का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ कल 30 मई को गौरेला में होगा।

      मुख्यमंत्री बघेल ने अपने शोक संदेश में कहा है कि  जोगी का निधन छत्तीसगढ़ के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने प्रदेश के विकास में श्री जोगी के योगदान का स्मरण करते हुए कहा कि राज्य बनने के बाद उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य के तीव्र विकास की रूपरेखा तैयार की और एक कुशल राजनीतिज्ञ एवं प्रशासक के रूप में राज्य को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की।  मुख्यमंत्री  बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के बाद श्री जोगी के नेतृत्व में बनी सरकार में केबिनेट मंत्री के रूप में कार्य करने का मौका मिला। उन्होंने कहा कि श्री जोगी ने छत्तीसगढ़ राज्य में गांव, गरीब और किसानों के कल्याण के लिए काम करने की दिशा निर्धारित की।
     मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने स्वर्गीय जोगी के परिजनों के प्रति शोक संवेदना व्यक्त करते हुए उन्हें इस दुख की घड़ी को सहन करने की शक्ति प्रदान करने और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की है। ज्ञातव्य है कि श्री जोगी बीते 9 मई से उपचार हेतु चिकित्सालय में भर्ती थे। पूर्व मुख्यमंत्री श्री अजीत जोगी इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद प्राध्यापक  के रूप कैरियर की शुरूआत की। पहले आई.पी.एस. के रूप में अपनी सेवाएं दी तत्पश्चात भारतीय प्रशासनिक सेवा के लिए चयनित हुए। अविभाजित मध्यप्रदेश के दौरान रायपुर सहित कई जिलों के कलेक्टर रहे। सांसद, विधायक भी रहे। एक नवंबर 2000 को छत्तीसगढ़ राज्य बना तो वे राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री बने।

गुरुवार, 28 मई 2020

बिहान योजना: ईंट से जीवन की नींव और इमारत को मजबूती देती राजनांदगांव की महिलाएं

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ईंट से मिली 2.57 करोड़ रूपए की आय

रायपुर। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत संचालित राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान योजना) के तहत स्व-सहायता समूह की ग्रामीण महिलाओं ने ईट बनाकर अपनी जीवन की नींव और इमारत दोनों को मजबूत कर लिया है। आज यह महिलाएं आत्मनिर्भर हो कर दूसरों को भी प्रेरणा दे रही हैं। राजनांदगांव जिले की गठित 733 स्वसहायता समूह की 1983 महिलाओं ने वित्तीय वर्ष 2019-20 में कुल 3 करोड़ 58 लाख ईट का निर्माण किया गया। प्रधानमंत्री आवास निर्माण हेतु ईट की आपूर्ति से 2 करोड़ 57 लाख रूपए की शुद्ध आय स्वसहायता समूह की महिलाओं को प्राप्त हुई।
इसके अतिरिक्त बिहान योजना से जिले की स्वसहायता समूह की महिलाओं ने अपनी कड़ी मेहनत एवं लगन से विभिन्न गतिविधियां संचालित कर आर्थिक सशक्तिकरण की ओर आगे बढ़ रही है। जिले में बिहान योजना के तहत 17 हजार 552 स्वसहायता समूहों में 1 लाख 92 हजार 959 महिलाओं को शामिल कर उन्हें आजीविका गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है। योजना के तहत ईट निर्माण में लगे समूह की इन महिलाओं के पास पर्याप्त पूंजी की उपलब्धता के लिए न्यूनतम ब्याज दर पर बैंकों से ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। समूह की ये महिलाएं आजीविका अंतर्गत उन्नत कृषि, पशुपालन एवं व्यावसायिक गतिविधियों से जुड़ रही हैं। पिछले कुछ वर्षो से उनके लिए ईट निर्माण गतिविधि बेहतर आय का जरिया साबित हुई है। प्रति वर्ष जनवरी से मई-जून की अवधि में समूह की महिलाएं ईट निर्माण का कार्य करती हैं। निर्मित ईट की बिक्री से उन्हें अतिरिक्त आय प्राप्त होती है। इन महिलाओं की आजीविका के कार्यों में जिला प्रशासन के अधिकारी भी सहयोग कर रहे हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए भी ईंट निर्माण कर समूह की महिलाओं को अतिरिक्त लाभ प्राप्त हो रहा है। कुछ समूहों द्वारा फ्लाई ऐश ब्रिक का भी निर्माण किया जाता है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को प्रमोद अग्रवाल ने सौंपा 1 लाख रुपए का चेक

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से आज यहां उनके निवास कार्यालय में खरोरा निवासी प्रमोद अग्रवाल ने सौजन्य मुलाकात कर मुख्यमंत्री सहायता कोष में जमा करने हेतु 1 लाख रुपये का चेक बघेल को सौंपा। मुख्यमंत्री ने जरूरतमंदों की सहायता के लिए आर्थिक योगदान देने पर प्रमोद अग्रवाल की सराहना की । इस अवसर पर अभिनव अग्रवाल भी उपस्थित थे ।

पर्यावरण के प्रति इस तरह लोगों को जागरूक करेंगी भूमि पेडनेकर

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मुंबई। बॉलीवुड अभिनेत्री भूमि पेडनेकर पर्यावरण को बचाने के लिए लोगों को जागरूक करना चाहती हैं। भूमि पेडनेकर अब पर्यावरण को बचाने के लिए लोगों को जागरूक करना चाहती हैं।इस काम को पूरा करने के लिए भूमि पेडनेकर ने भामला फाउंडेशन और पर्यावरण मंत्रालय के साथ हाथ मिलाया है। उन्होंने एक वीडियो के जरिए सभी से पर्यावरण को बचाने की अपील की है। भूमि ने वीडियो में बताया है कि हर विलुप्त हो रहीं प्रजातियों को बचाना होगा, हमें उनके अस्तित्व की रक्षा करनी होगी। भूमि ने कहा ," इस धरती पर 80 लाख से ज्यादा प्रजातियां रहती हैं। इंसान, पेड़, जानवर, वायरस, समुद्री जीव सब इस धरती पर निवास करते हैं। इन जीव जंतुओं को धरती पर जीने का उतना ही अधिकार है जितना किसी इंसान को है। भूमि ने वीडियो के जरिए सभी से अपील की है कि पर्यावरण दिवस पर हर कोई धरती की रक्षा करने की ठाने। उन्होंने चेतावनी दी है कि अभी यदि धरती की रक्षा नहीं की गई तो आने वाला समय और खतरनाक होगा।

हैलो एप पर कियारा के डेब्यू ने मचाया धमाल

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मुंबई। बॉलीवुड अभिनेत्री कियारा आडवाणी ने क्षेत्रीय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म हेलो पर डेब्यू कर लिया है। कियारा ने कहा, "क्षेत्रीय सोशल मीडिया की ताकत के चलते, हमें अपने प्रशंसकों से मिलने, उनके करीब आने और व्यक्तिगत रूप से जुडऩे में मदद मिलती है। हम बड़े पर्दे पर जो प्रदर्शित करते हैं, यहां हमें उससे अलग अपने जीवन के कुछ दिलचस्प पहलुओं को उनकी मनपसंद भाषा में प्रदर्शित करने में मदद मिलती है। मैं हेलो में शामिल होने और समान विचारधारा वाले लोगों से भरे प्लेटफॉर्म पर असाधारण कम्युनिटी का हिस्सा बनने के लिए उत्साहित हूं। मुझे यकीन है कि यह सफर मजेदार और मनोरंजक होने वाला है। हेलो प्लेटफॉर्म पर श्रद्धा कपूर, कपिल शर्मा, कृति सेनन, सारा अली खान, टाइगर श्रॉफ, अर्जुन कपूर, शिल्पा शेट्टी, विजय देवरकोंडा, मिमी चक्रवर्ती, बादशाह, तमन्ना, गुरु रंधावा, एआर रहमान, रकुल प्रीत सिंह, योयो हनी सिंह जैसी मशहूर हस्तियों शामिल हैं।

अफगानिस्तान में संघर्ष में 7 सैनिक, 19 आतंकवादी मारे गए

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काबुल। अफगानिस्तान के दो प्रांतों में सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच हुये संघर्ष में सात सैनिक और 19 आतंकवादी मारे गये जबकि एक सैनिक एवं तीन बच्चे घायल हो गये। परवान प्रांत की सरकारी प्रवक्ता वाहिदा शाहकार ने गुरुवार को बताया कि पहली घटना में परवान प्रांत में आज तड़के हुये संघर्ष के दौरान अफगानिस्तान की प्रांतीय सेना के सात जवान और एक आतंकवादी मारा गया और एक सैनिक घायल हो गया है।
प्रवक्ता ने कहा, सागेर्ड जिले में स्थानीय समयानुसार रात दो बजे संघर्ष शुरु हुआ। इसमें एक सैनिक घायल हो गया और संभवत: दो सैनिकों को आतंकवादियों ने पकड़ लिया। अफगानिस्तान की क्षेत्रीय सेना गांवों और जिलों की रक्षा के लिए दूरदराज के क्षेत्रों सीमित संख्या में मौजूद है।
प्रांतीय सरकार ने एक बयान में कहा कि दक्षिणी ज़बुल प्रांत में सुरक्षा बलों के साथ संघर्ष और बाद में शाह जॉय जिले बुधवार को हुए हवाई हमले में तालिबान के 18 आतंकवादी मारे गए। बयान में कहा गया है कि तालिबान के कई आतंकवादियों द्वारा शाह जॉय में संयुक्त अफगान सुरक्षा बलों की सुरक्षा चौकी पर हमला के बाद प्रांतीय सेना ने सहयोग के लिए वायुसेना को बुलाया। इलाके में आतंकवादियों की गोलीबारी के दौरान तीन बच्चे घायल हो गए। तालिबान आतंकवादियों और सरकारी सुरक्षा बलों के बीच तीन दिन के संघर्ष विराम मंगलवार रात को समाप्त हो गया था। इर्द उल फितर त्योहार के अवसर तीन दिनों के संघर्ष विराम का आतंकवादी संगठन तालिबान ने विस्तार नहीं किया है।

बंगलादेश में अस्पताल में आग, पांच मरीजों की मौत

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ढाका। बंगलादेश में राजधानी ढाका के यूनाइटेड अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भीषण आग लग जाने से पांच मरीजों की मौत हो गयी। ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस के उपायुक्त सुदीप कुमार चक्रवर्ती ने बताया कि मृतकों में से तीन व्यक्ति कोविड-19 के मरीज थे जबकि दो की रिपोर्ट निगेटिव आई थी। दमकल विभाग के एक अधिकारी कमल हुसैन ने बताया कि यह आग बुधवार देर रात करीब 10 बजे लगी थी। अस्पताल की मुख्य इमारत के बाहर टेंट लगातार अस्थायी आइसोलेश वार्ड बनाया गया था। पुलिस ने बताया कि टेंट बनाने में उपयोग किए गए सामानों और अधिक मात्रा में सैनिटाइजर होने के कारण आग काफी तेजी से फैल गयी। दमकल विभाग के कर्मचारियों ने आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आखिरकार आग पर काबू पा लिया। लेकिन तब तक चार कमरों वाला अस्थायी वार्ड पूरी तरह से जलकर खाक हो चुका था। श्री चक्रवर्ती ने कहा कि आग के कारणों का अब तक पता नहीं चल सका है। मरीजों के परिजनों के मुताबिक एयर कंडिश्नर में स्पार्क होने से यह आग लगी मृतकों में चार पुरुष और एक महिला शामिल है।
यूनाइटेड अस्पताल के संचार एवं कारोबार विभाग की प्रमुख अधिकारी डॉ शगूफा अनवर के मुताबिक आग शार्ट सर्किट होने की वजह से लगी थी। गौरतलब है कि बंगलादेश में कोरोना संक्रमण के अब तक 38 हजार से अधिक मामलों की पुष्टि हो चुकी है जबकि करीब 550 लोगों की इस महामारी से मौत हो चुकी है। बंगलादेश में कोरोना संक्रमण का पहला मामला आठ मार्च को सामने आया था।

विश्वकप 2021 की मेजबानी नहीं जाएगी: बीसीसीआई

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नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) और अंतराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) में टैक्स छूट विवाद के बीच बीसीसीआई ने कहा है कि भारत के हाथों से अगले वर्ष टी-20 विश्व कप की मेजबानी छिनने का कोई खतरा नहीं है। बीसीसीआई के कोषाध्यक्ष अरुण कुमार धूमल ने कहा है कि इस आयोजन के लिए टैक्स छूट हासिल करने में बोर्ड की विफलता के बावजूद टी-20 विश्व कप 2021की मेजबानी जाने का खतरा नहीं है। आईसीसी इवेंट्स कराने के लिए मेजबान देशों को मेजबान अनुबंध में टैक्स छूट हासिल करना जरूरी होता है और बीसीसीआई को 18 मई तक पुष्टि करनी थी कि उसने टैक्स छूट को हासिल कर लिया है।
क्रिकइंफो ने आईसीसी और बीसीसीएआई के बीच ईमेल की बातचीत का हवाला देते कहा था कि इस मुद्दे को लेकर आईसीसी ने टूर्नामेंट को स्थानांतरित करने की धमकी दी है। धूमल ने हालांकि कहा कि यह संभव नहीं होगा और बातचीत की प्रक्रिया जारी है। टूर्नामेंट को कोई खतरा नहीं है। उन्होंने कहा, "टूर्नामेंट के आयोजन को लेकर कोई खतरा नहीं है। हम आईसीसी के साथ इस पर बातचीत कर रहे हैं और हम इसका हल निकाल लेंगे। बीसीसीआई को इसी तरह की समस्या का सामना पिछली बार 2016 में टी-20 विश्वकप की मेजबानी में भी करना पड़ा था। बीसीसीआई ने उस वक्त टूर्नामेंट की मेजबानी के लिए सरकार से टैक्स में छूट की मांग की थी मगर बोर्ड की अपील के बावजूद सरकार के रूख में कोई बदलाव नहीं आया था। आईसीसी के प्रवक्ता ने कहा, विश्व स्तर के सफल आयोजन के लिये और क्रिकेट के खेल में निवेश करने के लिये समझौतों को तय समय सीमा में पूरा कराना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी होती है।

टी-20 सीरीज से शुरू होगा भारत का ऑस्ट्रेलिया दौरा

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मेलबोर्न। भारत का इस साल ऑस्ट्रेलिया दौरा अक्टूबर में टी-20 सीरीज से शुरू होगा और 17 जनवरी को तीसरे तथा आखिरी वनडे तक जारी रहेगा।
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (सीए) ने कोरोना वायरस महामारी के बीच 2020-21 सत्र के अपने कार्यक्रम की गुरूवार को घोषणा की। भारतीय टीम इस दौरे में 11, 14 और 17 अक्टूबर को तीन टी-20 मैचों की सीरीज खेलेगी। यह सीरीज ऑस्ट्रेलिया में टी-20 विश्व कप से पहले आयोजित होगी। ऑस्ट्रेलिया में विश्व कप 18 अक्टूबर से 15 नवम्बर तक खेला जाना है। भारत दिसम्बर- जनवरी में ऑस्ट्रेलिया के साथ चार टेस्ट खेलेगा जबकि तीन वनडे 12, 15 और 17 जनवरी को खेले जाएंगे।

चार सप्ताह के उच्चतम स्तर पर शेयर बाजार

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मुंबई। विदेशों से मिले मिश्रित संकेतों के बीच कोविड-19 के नये मामलों के नियंत्रित रहने से घरेलू शेयर बाजारों में आज लगातार दूसरे दिन निवेश धारणा मजबूत रही और ये करीब दो फीसदी की तेजी के साथ चार सप्ताह के उच्चतम स्तर पर पहुंच गयी।
बुधवार को तीन प्रतिशत से अधिक की तेजी में रहने वाला बीएसई का सेंसेक्स आज 595.37 अंक यानी 1.88 प्रतिशत चढ़कर 32,200.59 अंक पर और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 175.15 अंक अर्थात् 1.88 फीसदी की बढ़त में 9,490.10 अंक पर बंद हुआ। मझौली और छोटी कंपनियों में भी निवेशकों ने लिवाली की। बीएसई का मिडकैप 1.42 प्रतिशत चढ़कर 11,622.06 अंक पर और स्मॉलकैप 1.34 फीसदी की मजबूती के साथ 10,769.34 अंक पर पहुंच गया।
पूंजीगत वस्तुओं के समूह में सबसे ज्यादा तेजी रही। ऑटो, इंडस्ट्रियल्स, सीडीजीएंडएस, बैंकिंग और वित्तीय कंपनियों में लिवाली से भी बाजार को बल मिला। सेंसेक्स की कंपनियों में एलएंडटी के शेयर छह फीसदी से अधिक चढ़े। हीरो मोटोकॉर्प में साढ़े पाँच फीसदी, इंडसइंड बैंक में पांच प्रतिशत और एचडीएफसी बैंक में साढ़े चार प्रतिशत की तेजी रही। आईटीसी ने करीब एक प्रतिशत का नुकसान उठाया। एशिया में जापान का निक्की 2.32 प्रतिशत और शंघाई कंपोजिट 0.33 फीसदी की बढ़त में बंद हुआ जबकि हांगकांग का हैंगसेंग 0.72 प्रतिशत और दक्षिण कोरिया का कोस्पी 0.13 प्रतिशत की गिरावट में बंद हुआ। अधिकतर यूरोपीय बाजार हरे निशान में रहे। शुरुआती कारोबार में ब्रिटेन का एफटीएसई 0.56 फीसदी और जर्मनी का डैक्स 0.25 फीसदी मजबूत हुआ।

रिलायंस ने चीन से तीन गुना सस्ती और बेजोड़ गुणवत्ता वाली पीपीई किट तैयार की

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नई दिल्ली। कोरोना वायरस काल में विभिन्न मोर्चों पर योगदान दे रही मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज ने अब चीन से तीन गुना सस्ती और बेजोड़ गुणवत्ता वाली पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट (पीपीई) किट बनाना शुरू कर दिया है। यह किट अंतराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप और बेहतर गुणवत्ता की हैं। कंपनी के सिल्वासा संयंत्र में रोजाना एक लाख पीपीई किट बनाई जा रही हैं। जहां चीन से आयात की जा रही पीपीई किट का मूल्य 2000 रुपये प्रति किट से अधिक पड़ता है वहीं रिलायंस की इकाई आलोक इंडस्ट्रीज, पीपीई किट मात्र 650 रुपये में तैयार कर रही है। पीपीई किट डॉक्टरों, नर्सों और स्वास्थ्य कर्मियों के अलावा पुलिस और सफाई कर्मचारियों जैसे अग्रिम पंक्ति के कोरोना योद्धाओं को वायरस के संक्रमण से बचाती है।
रोजाना एक लाख से अधिक पीपीई किट बनाने के लिए रिलायंस ने अपने विभिन्न उत्पादन केंद्रों को इस काम में लगाया है। जामनगर स्थित देश की सबसे बड़ी रिफाइनरी ने ऐसे पेट्रो केमिकल का बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू कर दिया, जिससे पीपीई किट का कपड़ा बनता है। इसी कपड़े का इस्तेमाल कर आलोक इंडस्ट्रीज में पीपीई किट बनाए जा रहे हैं। आलोक इंडस्ट्रीज को हाल ही में रिलायंस ने अधिग्रहीत किया था। आलोक इंडस्ट्रीज की सारी सुविधाएं पीपीई किट बनाने में लगा दी गई हैं जहां 10 हजार से अधिक लोग किट बनाने के काम में जुटे हैं। पीपीई ही नहीं 'कोरोना टेस्टिंग किट के क्षेत्र में भी रिलायंस इंडस्ट्रीज ने स्वदेशी तकनीक विकसित कर ली है। काउंसिल ऑफ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च (सीएसआईआर) के साथ मिलकर रिलायंस ने पूरी तरह स्वदेशी आरटी-एलएएमपी आधारित कोविड-19 टेस्ट किट बनाई है। यह टेस्टिंग किट चीनी किट से कई गुना सस्ती है और 45 से 60 मिनट के भीतर टेस्टिंग के सटीक नतीजे मिल जाते हैं।
आरटी-एलएएमपी टेस्टिंग किट में एक ट्यूब का इस्तेमाल किया जाता है। इसलिए इसे आसानी से सार्वजनिक स्थानों जैसे हवाई अड्डों, रेलवे स्टेशनों और बस स्टैण्ड पर प्रयोग में लाया जा सकता है। इस टेस्ट किट में बुनियादी लैब और साधारण दक्षता की जरूरत होती है इसलिए इसका इस्तेमाल टेस्टिंग मोबाइल वैन,कियोस्क जैसी जगहों पर भी किया जा सकता है। रिलायंस ने इससे पहले नमूना लेने में इस्तेमाल होने वाले टेस्टिंग स्वाब के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। पहले यह टेस्टिंग स्वाब चीन से आयात होता था। जिसकी कीमत भारत में 17 रुपये प्रति स्वाब बैठती थी। रिलायंस और जॉन्सन एंड जॉन्सन के सहयोग से विकसित नए देसी स्वाब की कीमत चीनी स्वाब से 10 गुना कम यानी एक रुपया 70 पैसे ही पड़ रही है।

दूर-दराज के छात्रों को ऑनलाइन शिक्षा में कोई दिक्कत नहीं होगी : निशंक

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नई दिल्ली। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा है कि कोरोना महामरी के कारण लॉकडाउन के दौरान देश के दूर दूर दराज इलाके में रहने वाले छात्रों कोऑनलाइन शिक्षा में कोई दिक्कत नही होगी क्योंकि उन्हें टेलीविजन और रेडियो के माध्यम से भी पढ़ाई की सुविधा दी जाएगी।
डा. निशंक ने गुरुवार को यहां देश के 45 हज़ार डिग्री कालेज के प्रमुखों और शिक्षकों तथा एक हज़ार विश्विद्यालय के कुलपतियों को वेबिनार से सम्बोधित करते हुए यह बात कही। इस वेबिनार का आयोजन नैक ने किया था और इसमें इसके अध्यक्ष वी एस चौहान, और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के अध्यक्ष डी पी सिंह ने भी हिस्सा लिया। डॉ निशंक ने कहा कि हमने ऑनलाइन शिक्षा को काफी मजबूत बनाया है और स्वयम्प्रभा चैनल दुनिया का सबसे बड़ा शिक्षा प्लेटफार्म बन गया है। दीक्षा और ई-पाठशाला जैसे प्लेटफार्म हैं ही। लेकिन इसके बाद भी दूर दराज इलाके में रहनेवाले छात्रों को नेट की समस्या है और मोबाइल नेटवर्क की समस्या है तो हमने दूरदर्शन से लेकर टाटा स्काई डिश टीवी और रिलायंस टीवी के जरिये उन छात्रों की पढ़ाई की व्यस्था कर रहे है और रेडियो के माध्यम से भी उन्हें शिक्षा प्रदान करेंगे।अंतिम छोर पर रहनेवाला कोई छात्र पढ़ाई से वंचित नही रहेगा। उन्होंने कहा कि पहले वर्ष के छात्रों को आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर पास किया जाएगा जबकि दूसरे वर्ष के छात्रों को पहले वर्ष के रिजल्ट के 50 प्रतिशत और 50 प्रतिशत आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर पास किया जाएगा। केवल तीसरे वर्ष के छात्रों के लिए परीक्षा होगी और सोशल डिस्टनसिंग का पालन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि टास्क फोर्स ने अपनी रिपोर्ट दे दी है और उसकी सिफारिशों के आधार पर ये परीक्षएँ होंगी। उन्होंने बताया कि अगर किसी को कोई शिकायत हो तो वह यूजीसी के शिकायत प्रकोष्ठ से सम्पर्क करें और स्थिति न सुलझने पर मंत्रालय से सम्पर्क करें।

केजरीवाल के संरक्षण में टैंकर माफिया पानी बेच रहे : मीनाक्षी लेखी

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नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी की सांसद एवं प्रवक्ता मीनाक्षी ने कहा है कि गर्मी के कारण दिल्ली में पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है लेकिन मुफ्त पानी का वादा करने वाले दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल के संरक्षण में आम आदमी पार्टी के नेता टैंकर माफिया चला रहे हैं और पानी बेच रहे हैं। श्रीमती लेखी ने गुरुवार को प्रदेश भाजपा कार्यालय में प्रेस वार्ता में दिल्ली के विवेकानंद कैंप की तस्वीर दिखाते हुए कहा पानी के लिए पूरी दिल्ली का यही हाल है। पानी के लिए दिल्ली के लोग इतने त्रस्त हो चुके हैं कि पानी के टैंकर आने पर उन्हें सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान भी नहीं रहा और पानी के लिए भीड़ जमा हो गई। इस अवसर पर दिल्ली भाजपा प्रवक्ता हरीश खुराना, मीडिया सह-प्रभारी श्री नीलकांत बक्शी और मीडिया प्रमुख अशोक गोयल देवराहा भी मौजूद थे।
श्रीमती लेखी ने इंद्रपुरी क्षेत्र का भी एक वीडियो साझा किया जहां पर इस भीषण गर्मी में लोग पानी के लिए तरस रहे हैं। उन्होंने बताया कि राजेंद्रनगर विधानसभा क्षेत्र में पड़ता है इंद्रपुरी जहां जहां से आम आदमी पार्टी विधायक हैं राघव चड्ढा जो जल बोर्ड के उपाध्यक्ष भी हैं, उनके ही क्षेत्र में पानी की कमी से लोग परेशान हैं। उन्होंने कहा कि नयी दिल्ली लोकसभा क्षेत्र में भी कई ऐसी बस्तियां है जहां पर लोगों को मुफ्त में पानी मिलना चाहिए था लेकिन नहीं मिल रहा है और अब वहां पर लोगों को टैंकर माफिया को 10,000 रुपए प्रति माह के करीब देना पड़ता है तब जाकर उन्हें पानी मिलता है। दिल्ली में कई पॉश कॉलनियां है जहां पर कभी भी पानी की किल्लत नहीं होती थी लेकिन जल बोर्ड द्वारा पानी का लाइन डाइवर्ट करने के बाद से वहां पर भी पानी की दिक्कत शुरू हो गई। श्रीमती लेखी ने बताया कि पिछले 40-50 दिनों से दिल्ली के लोग पानी टैंकर से पानी खरीद कर पी रहे हैं। जहां लोगों को मुफ्त में पानी मिलना था वहां आज ये नौबत है कि लोग पानी खरीद कर पी रहे। दिल्ली जल बोर्ड के पास पाइप नहीं होना और आर्थिक रूप से कमजोर क्षेत्रों में पानी को बेचना, टैक्सपेयर्स को ही पानी न मुहैया करवाना दिल्ली जल बोर्ड के अव्यवस्था को दर्शा रहा है। वर्ष 2015 में ही पानी की किल्लत को दूर करने के लिए मैंने स्वयं केंद्र सरकार से 1200 करोड़ फंड लेकर दिल्ली सरकार को मुहैया करवाया था आज तक उस पैसे का कोई हिसाब नहीं दिया गया और ना ही यह जानकारी दी गई कि किस क्षेत्र में नई पाइपलाइन लगाई गई है। पटेल नगर में क्षेत्र है जहां पर छह इंच की मोटाई वाले पाइप को हटाकर 2.5 इंच की पाइप लगाई गई लेकिन किसी भी जरूरत वाले क्षेत्र में नई पाइप लाइन नहीं लगाई गई। श्रीमती लेखी ने बताया कि यह भी एक चिंता का विषय है कि पर्यावरण विभाग के अनुसार इस साल दिल्ली में अंडरग्राउंड लेवल पर पानी का स्तर शून्य पर चला जाएगा। बिना देरी के दिल्ली सरकार को पर्यावरण मंत्रालय के साथ मिलकर इस पर काम शुरू कर देना चाहिए जिससे जल का स्तर बढ़ सके।
श्रीमती लेखी ने कहा कि कुछ दिनों पहले ही देवली विधानसभा के एक डॉक्टर को आम आदमी पार्टी विधायक प्रकाश जारवाल ने पानी के टैंकर से जुड़े पैसे के लिए धमकाया जिसके कारण डॉक्टर ने आत्महत्या कर ली। उसके बाद करीब 20 पानी टैंकर मालिक ने यह बयान दिया है कि प्रकाश जारवाल ने दिल्ली जल बोर्ड में टैंकर लगवाने के नाम पर उनसे हर महीने 60 लाख की वसूली की। पानी टैंकर के नाम पर जब एक विधानसभा से 60 लाख रुपए प्रति महीने वसूले जा रहे हैं तो उस हिसाब से पूरी दिल्ली से हर महीने 50 करोड़ और पूरे साल में 500 करोड़ का घोटाला दिल्ली सरकार के संरक्षण में हो रहा है। प्रकाश जारवाल के गिरफ्तार होने के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल ने इसे लेकर एक शब्द भी नहीं कहा। इससे यह साफ जाहिर हो रहा है की टैंकर माफिया के वसूली के पैसे की हिस्सेदारी दिल्ली के मुख्यमंत्री के खजाने में भी जा रही है। ये वही केजरीवाल है जो पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के खिलाफ नारा लगा कर सत्ता में आए थे कि दिल्ली में 400 करोड़ रुपए का जल बोर्ड में घोटाला है।
श्रीमती लेखी ने कहा कि मेरी यही मांग है कि केजरीवाल अपनी चुप्पी तोड़े और बताएं कि दिल्ली सरकार इन टैंकर माफियाओं के खिलाफ क्या कार्रवाई कर रही है? पिछले छह साल में दिल्ली सरकार ने कौन-सा पानी टैंकर घोटाला समाप्त किया, कितनी पानी की पाइप लाइन लगवाई गई, कितने घरों को दिल्ली सरकार ने पानी पहुंचाया? टैंकर माफिया में आम आदमी पार्टी के जितने भी लोग हैं उसके खिलाफ दिल्ली सरकार ने क्या कार्रवाई की, केजरीवाल इसका जवाब दें? भ्रष्टाचार के पैसे का बंटवारा कहां-कहां हुआ, एक विधायक की सम्पत्ति कितनी है किस किसके नाम पर है उसका ब्यौरा दे केजरीवाल? कोरोना के समय में जहां लोगों को इसके संक्रमण से बचने के लिए हाथ धोना है, साफ-सफाई बनाके रखनी है, लेकिन पानी की कमी के कारण दिल्ली के लोग कैसे खुद को सुरक्षित रख पाएंगे?

बुधवार, 27 मई 2020

Auto taxi आटो और टैक्सी चालकों के लिए बड़ी खबर

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*छत्तीसगढ़(Chhattisgarh) में 28 मई से चलेंगी auto ऑटो और टैक्सी* (taxi)

*अंतर-जिला आवागमन के लिए(e pass)  ई-पास जरूरी*

*परिवहन विभाग ने जारी किया आदेश*

(एनपीन्यूज) रायपुर। आम नागरिकों की आवश्यकताओं को देखते हुए राज्य सरकार द्वारा केवल छत्तीसगढ़ के जिलों के भीतर और अंतर जिला (एक जिले से दूसरे जिले) में आवागमन के लिए टैक्सी-आटो को 28 मई से शर्तो के अधीन परिचालन की अनुमति दी गई है। परिहवन विभाग द्वारा इस संबंध में जारी आदेश में कहा गया है कि जिले के भीतर ऑटो और टैक्सी का परिचालन नियमानुसार होगा जबकि अंतर-जिला आवागमन के लिए ऑटो और टैक्सी के संचालन के लिए ई-पास अनिवार्य रहेगा। टैक्सी-आॅटो में यात्रा के दौरान चेहरे पर अनिवार्य रूप से मास्क लगाना होगा साथ ही कोरोना नियंत्रण के लिए जारी अन्य एडवाईजरी के पालन के साथ ही स्वच्छता और फिजिकल phsical distance डिस्टेंसिंग बनाए रखना जरूरी होगा।
अंतर जिला आवागमन के लिए लोग ( cg kovid 19 ) सीजी कोविड-19 ई-पास एप्लीकेशन (application)के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे। इसके अलावा वेबलिंक https://epass.cgcovid19.in  के माध्यम से भी मोबाइल नंबर से रजिस्टर कर अंतर-जिला आवागमन के लिए ई-पास हेतु आवेदन किया जा सकता है। ऑनलाइन ई-पास के बिना अंतर-जिला टैक्सी, ऑटो परिचालन की अनुमति नहीं होगी। बिना अनुमति परिचालन की दशा में सख्त कार्रवाई की जाएगी।

जब श्रमिकों की हो ऐसी व्यवस्था तो क्यों परेशान हो कोई क्वारनटाईन सेंटर में रहने

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*सर्तकता और सावधानी के साथ प्रदेश में अब सप्ताह में 6 दिन खुलेंगी दुकानें:  भूपेश बघेल(bhupesh baghel)
मुख्यमंत्री (CM)की अध्यक्षता में कोविड-19 (COVID 19) के नियंत्रण और आर्थिक गतिविधियां शुरू करने ( HIGH COMMउच्च स्तरीय बैठक
क्वारंटाईन quarantin सेंटरों में मनोरंजन (entertainment) के लिए टी.व्ही,.( tv redio) रेडियो और मनोवैज्ञानिकों की ली जाएंगी सेवाएं*
प्रवासी श्रमिकों के लिए रोजगार की व्यवस्था होगी सर्वोच्च प्राथमिकता: बनाए जाएंगे राशनकार्ड और मनरेगा के जाॅब कार्ड
कुशल और अर्धकुशल श्रमिकों की सूची उपलब्ध करायी जाएगी उद्योगों को
*रेड जोन और कंटेंनमेंट एरिया में नहीं मिलेगी कोई छूट*
*वैवाहिक कार्यक्रम की अनुमति अब तहसीलदार देंगे*
माल, सिनेमा घर, राजनैतिक सभाएं, सामाजिक कार्यक्रमों पर प्रतिबंध पूर्व की तरह ही जारी रहेगा*
*विभिन्न प्रदेशों से लौटे प्रवासी मजदूरों को रोजगार और समाज के सभी वर्गों को राहत देने के उपायों पर भी हुई चर्चा

(एनपीन्यूज) रायपुर। मुख्यमंत्री (cm bhupesh baghel)भूपेश बघेल की अध्यक्षता में प्रदेश में (kovid 19) कोविड-19 के नियंत्रण और लॉक-डाउन (lockdown)के बाद ठप्प पड़ी आर्थिक गतिविधियों को दोबारा शुरू करने आज उच्च स्तरीय बैठक में विचार-विमर्श किया गया। बैठक में सभी मंत्रीगण और राज्य शासन के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। (cm house) मुख्यमंत्री निवास में आयोजित बैठक में विभिन्न राज्यों से लौटे प्रवासी मजदूरों (labour)को रोजगार(employment) उपलब्ध कराने और समाज के सभी वर्गों को राहत देने के उपायों पर चर्चा की गई। लोगों की दिक्कतों का देखते हुए अब वैवाहिक ( marriage function) कार्यक्रम की अनुमति (tahsildaar) तहसीलदार देंगे। अनुमति देने की प्रक्रिया को सरल और आसान बनाया जा रहा है। रेड जोन (red zone)और contanment aria)कंटेंनमेंट एरिया में कोई छूट नहीं मिलेगी। भारत सरकार द्वारा जारी (gide line)गाईड लाईन के अनुसार (mall) माल,cinema  सिनेमा घर, political conference राजनैतिक सभाएं, सामाजिक कार्यक्रमों पर प्रतिबंध पूर्व की तरह ही जारी रहेगा।
बैठक में दुकानों को अब सप्ताह में छह दिन खोलने का निर्णय लिया गया। सभी दुकानों और बाजारों में शारीरिक दूरी की बंदिशें पूर्व की तरह लागू रहेंगी। सप्ताह में छह दिन दुकान खुलने से वहां एक साथ होने वाली भीड़ से राहत मिलेगी। व्यवसायिक-व्यापारिक गतिविधियां शुरू होने से रोजगार के साथ अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी। बैठक में ज्यादा से ज्यादा उद्योगों को भी शुरू करने के उपायों पर विचार किया गया। (lockdown) लॉक-डाउन के बाद प्रदेश के 1371 कारखानों में दोबारा काम शुरू हो गए हैं। इन कारखानों में एक लाख तीन हजार श्रमिक काम पर लौट चुके हैं।
मुख्यमंत्री (bhupesh  baghel)बघेल ने बैठक में क्वारेंटाइन सेंटर्स (quarantine center)में रह रहे प्रवासी मजदूरों के मनोरंजन (entertainment) के लिए(television) टेलीविजन, रेडियो (redio) आदि की व्यवस्था के निर्देश दिए। उन्होंने श्रमिकों को मनोवैज्ञानिक(psychiatrist) परामर्श उपलब्ध कराने के लिए मनोवैज्ञानिकों की सेवाएं भी लेने को कहा है। मुख्यमंत्री (cm) ने गैर-सरकारी संगठनों के माध्यम से क्वारेंटाइन सेंटर्स में योग या अन्य प्रेरक गतिविधियां संचालित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने तनाव कम करने पूरे दिन की व्यवस्थित दिनचर्या तैयार कर इसका पालन सुनिश्चित करने का भी सुझाव दिया। मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि प्रदेश वापस आने वाले श्रमिकों को राशन और रोजगार की चिंता से मुक्त करने की जरूरत है। इसके लिए तत्काल उनके राशन कॉर्ड ( rashan card)और ( manrega job card) मनरेगा जॉब-कार्ड बनवाए जाएं। कुशल (sckilled) और अर्धकुशल श्रमिकों की सूची तैयार कर स्थानीय उद्योगों को उपलब्ध कराया जाए। इससे उद्योगों को जरूरत का मानव संसाधन मिलने के साथ ही श्रमिकों को नियमित रोजगार मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि (kovic 19)कोविड-19 के नियंत्रण और लॉक-डाउन की परिस्थितियों में जन-जीवन को राहत पहुंचाने छत्तीसगढ़ में अच्छा काम हुआ है। सभी विभागों ने बेहतर समन्वय के साथ काम करते हुए जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाई है। शहरी क्षेत्रों में कोविड-19 के बेहतर प्रबंधन के साथ गांव-गांव में लोगों को जागरूक करने के लिए शासन-प्रशासन ने मुस्तैदी से काम किया है। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस की जांच, इलाज और रोकथाम के लिए जितनी भी राशि की जरूरत होगी, स्वास्थ्य विभाग को प्राथमिकता से उपलब्ध करायी जाएगी।
बैठक में बताया गया कि प्रदेश में अब तक दो लाख 12 हजार प्रवासी श्रमिकों को वापस लाया गया है। अब तक 53 श्रमिक स्पेशल ट्रेन आ चुकी हैं और 68 प्रस्तावित हैं। जिला कलेक्टरों को राज्य आपदा निधि से 18 करोड़ 20 लाख रूपए और मुसीबत में फंसे मजदूरों की सहायता के लिए करीब चार करोड़ रूपए राज्य शासन द्वारा उपलब्ध कराए गए हैं। विभिन्न राज्यों में रह रहे प्रवासी श्रमिकों के बैंक खातों में 66 लाख 73 हजार रूपए का भुगतान भी किया गया है। स्वास्थ्य विभाग को भी राज्य आपदा निधि से 75 करोड़ रूपए दिए गए हैं।
बैठक में कृषि मंत्री (ravindra choubey) रविन्द्र चैबे, गृह मंत्री (tamradhwaj sahu) ताम्रध्वज साहू, स्वास्थ्य मंत्री(t s singhdev) टी.एस. सिंहदेव, वन मंत्री (Mohammed akbar)मोहम्मद अकबर, सहकारिता मंत्री (premsay Singh tekam)प्रेमसाय सिंह टेकाम, खाद्य मंत्री (amarjeet  bhagat) अमरजीत सिंह भगत, महिला एवं बाल विकास मंत्री(anila bhediya) अनिला भेंड़िया, श्रम मंत्री डाॅ. शिवकुमार डहरिया(shiv kumardahriya), राजस्व मंत्री(jaisingh Agrawal) जयसिंह अग्रवाल, उद्योग मंत्री (kavasi lakhma) कवासी लखमा, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री (guru rudra kumar) गुरू रूद्रकुमार, मुख्य सचिव (r.p. mandal आर.पी. मण्डल, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री (subhrat sahu) सुब्रत साहू, स्वास्थ्य सचिव (niharika barik) निहारिका बारिक सिंह, खाद्य सचिव डाॅ. कमलप्रीत सिंह kamalpritsingh , समाज कल्याण विभाग के सचिव प्रसन्ना आर., मुख्यमंत्री सचिवालय में उप सचिव (somya chourasiya) सौम्या चैरसिया सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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