छत्तीसगढ़

बुधवार, 30 दिसंबर 2020

Unemployment Rate in India कोरोना महामारी के बावजूद छत्तीसगढ़ में बेरोजगारी पर लगाम, दर मात्र 3.5 प्रतिशत

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नवंबर में बेरोजगारी दर मात्र 3.5 प्रतिशत रही, जबकि राष्ट्रीय दर 6.51 प्रतिशत दर्ज हुई

एनपी न्यूज़ । देशव्यापी मंदी के बीच छत्तीसगढ़ ने अपने आर्थिक उपायों से राज्य में बेरोजागरी दर Unemployment Rate in India को लगातार नियंत्रित रखने में सफलता पाई है। माह नवंबर में छत्तीसगढ़ में बेरोजारी दर 3.5 प्रतिशत दर्ज की गई, जो राष्ट्रीय दर 6.51 प्रतिशत की तुलना में 3.01 प्रतिशत कम है। राज्य में सितंबर 2018 में बेरोजगारी दर 22.2 प्रतिशत थी। कोरोना संकट और लॉकडाउन के बावजूद छत्तीसगढ़ में इसमें लगातार कमी आई।

सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (सीएमआई) द्वारा जारी किए गए ताजा आंकड़ों के मुताबिक छत्तीसगढ़ का आंकड़ा हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, आंध्रप्रदेश, असम, बिहार, गोवा, झारखंड, केरल, मध्यप्रदेश,पंजाब, राजस्थान, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल की तुलना में बहुत कम है।

लॉकडाउन के दौरान देश में औद्योगिक गतिविधियां ठप हो गई थीं, जिसका देश की अर्थव्यवस्था पर व्यापक असर पड़ा था। इसी दौरान राज्य की भूपेश बघेल सरकार ने छत्तीसगढ़ की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए रणनीति तैयार कर काम शुरु किया। लॉकडाउन के दौरान महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के अंतर्गत ग्रामीणों को रोजगार देने में छत्तीसगढ़ अव्वल रहा। उस अवधि में कृषि और उससे जुड़ी गतिविधियों पर विशेष रूप से ध्यान दिया गया। आरबीआई ने भी छत्तीसगढ़ में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की थी। इसी दौरान वनोपज संग्राहकों को भी राज्य शासन ने राहत दी।
 लॉकडाउन के दौरान देश में कुल संग्रहित लघु-वनोपजों का 73 प्रतिशत छत्तीसगढ़ में संग्रहित किया गया। लघु-वनोपजों की कीमतों में बढ़ोतरी के साथ-साथ समर्थन मूल्य पर खरीदे जाने वाले लघु-वनोपजों की संख्या 07 से बढ़ाकर 52 कर दी गई। जुलाई माह में जबकि दिल्ली, पांडुचेरी, राजस्थान, गोवा जैसे राज्यों में बेरोजगारी दर बढ़ रही थी, तब छत्तीसगढ़ में बेरोजगारी दर जून माह के 14.4 प्रतिशत से घटकर 9 प्रतिशत के स्तर पर आ गई थी।

छत्तीसगढ़ में अप्रैल माह के अंतिम सप्ताह में औद्योगिक गतिविधियां प्रारंभ हो गई थीं। कोरोना की रोकथाम और बचाव के उपायों के साथ राज्य की औद्योगिक इकाईयों ने उत्पादन शुरु कर दिया था। राजीव गांधी किसान न्याय योजना सहित किसान हितैषी योजनाओं तथा जनकल्याणकारी फैसलों से भी उत्साहजनक वातावरण बना। गोधन न्याय योजना शुरु होने तथा गौठानों में आजीविका संबंधी गतिविधियों में तेजी आने से भी ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली।

सितंबर माह में छत्तीसगढ़ में बेरोजगारी दर Unemployment Rate in India घटकर मात्र दो प्रतिशत रह गई थी, जोकि देश में असम के बाद सबसे कम बेरोजगारी दर थी। अनलॉक होते ही छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था ने गति पकड़ ली थी, राज्य में जीएसटी कलेक्शन में अच्छी वृद्धि हुई। ऑटो मोबाइल, एग्रीकल्चर समेत सभी सेक्टरों में तेजी आती गई। सितंबर माह में देश में अव्वल रहने वाला असम नवंबर माह में फिसल कर छत्तीसगढ़ के बाद के क्रम में आ गया।

सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (सीएमआई) द्वारा जारी किए गए ताजा आंकड़ों के मुताबिक नवंबर माह में आंध्र प्रदेश में बेरोजगारी दर 6.0, असम में 4.0, बिहार में 10.0, दिल्ली में 6.6, गोवा में 15.9, गुजरात में 3.9, हरियाणा में 25.6, हिमाचल प्रदेश में 13.8, जम्मू-कश्मीर में 8.6, झारखंड में 9.6, केरल में 5.8, मध्यप्रदेश में 4.4, पंजाब में 7.6, राजस्थान में 18.6, त्रिपुरा में 13.1, उत्तरप्रदेश में 5.2 तथा पश्चिम बंगाल में 11.2 प्रतिशत रही। जबकि कर्नाटक में 1.9, महाराष्ट्र में 3.1, मेघालय में 1.1, ओडिशा में 1.7, पांडुचेरी में 2.2, सिक्किम में 1.9, तमिलनाडु में 1.1, तेलंगाना में 1.5 था उत्तराखंड में 1.5 प्रतिशत दर्ज की गई।

Rurban Mission Racking : छत्तीसगढ़, देश में अव्वल

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श्यामा प्रसाद मुखर्जी रूर्बन मिशन की रैकिंग में छत्तीसगढ़ देश में अव्वल

मुख्यमंत्री बघेल ने कहा राज्य के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि: रूर्बन मिशन से जुड़े सभी लोगों को दी बधाई


एनपी न्यूज़ । छत्तीसगढ़ राज्य ने श्याम प्रसाद मुखर्जी रूर्बन मिशन की डायनमिक रैंकिग में देश में अव्वल स्थान हासिल किया है। भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा रूर्बन कलस्टर क्षेत्र में समेकित प्रदर्शन के आधार पर की गई रैकिंग में छत्तीसगढ़ राज्य ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले राज्यों की सूची में एक बार फिर से प्रथम स्थान प्राप्त किया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इसे राज्य के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि कहा है और उन्होंने रूर्बन मिशन के क्रियान्वयन में जुटे राज्य स्तर से लेकर मैदानी स्तर तक के अधिकारियों-कर्मचारियों को बधाई और शुभकामनाएं दी है। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई है कि रूर्बन मिशन के क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ राज्य देश का मॉडल राज्य होगा। विदित हो कि छत्तीसगढ़ राज्य को इससे पूर्व रूर्बन मिशन के उत्कृष्ट क्रियान्वयन हेतु तथा बेस्ट परफार्मिंग स्टेट का प्रथम पुरस्कार प्राप्त हो चुका है।

यहां यह उल्लेखनीय है कि भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा रूर्बन मिशन अंतर्गत अब तक हुए वित्तीय एवं भौतिक प्रगति का आंकलन कुल 12 संकेतकों के आधार पर करते हुए देश के समस्त Rurban Mission रूर्बन कलस्टरों की ’’डायनमिक रैंकिंग प्रणाली’’ को मिशन अंतर्गत तैयार किए गए वेब पोर्टल द्वारा प्रारंभ की गई है। देश के विभिन्न राज्यों को आबंटित क्लस्टर के समेकित प्रदर्शन के आधार पर राज्योें की रैंकिंग की गई है। उक्त मानकों के आधार पर की गई रैंकिंग के अनुसार छत्तीसगढ़ राज्य उत्कृष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्यों की सूची में पुनः प्रथम स्थान पर है।

ज्ञातव्य है कि भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा 19 दिसंबर, 2019 को ’’राष्ट्रीय पुरस्कार वितरण समारोह’’ में राज्य को ’’मिशन Rurban Mission के उत्कृष्ट क्रियान्वयन’’ हेतु प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इसके साथ ही भारत सरकार ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा 11 सितम्बर, 2018 को विज्ञान भवन, नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय पुरस्कार वितरण समारोह में रूर्बन मिशन अंतर्गत ’’छत्तीसगढ़ राज्य को उत्कृष्ट निष्पादन सम्मान’’ (Best Performing State) वर्ग में प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया गया।





Video Conferencing : के जरिए, छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ के आवासीय परिसर का भूमिपूजन

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लघु वनोपजों में वेल्यू एडिशन से वनवासियों की आमदनी और रोजगार के अवसर बढ़े: भूपेश बघेल

देश में संग्रहित वनोपजों का 73 प्रतिशत छत्तीसगढ़ में संग्रहित किया गया: वन मंत्री मोहम्मद अकबर

एनपी न्यूज़।  मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज यहां अपने निवास कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए नवा रायपुर के सेक्टर 26 में बनने वाले छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ के आवासीय परिसर का भूमिपूजन किया। लगभग साढ़े 4 एकड़ में 14 करोड़ 80 लाख रूपए की लागत से इस भवन का निर्माण 18 माह में पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 18 महीनों में यह कॉलोनी बनकर तैयार हो जाएगी। छत्तीसगढ़ की सर्वसुविधायुक्त राजधानी नवा-रायपुर में इस कॉलोनी का निर्माण हो रहा है। इस कॉलोनी में 72 क्वाटर बनाए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने इस आवासीय कॉलोनी के भूमिपूजन के अवसर पर कहा कि राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ और वन विभाग द्वारा लघु वनोपजों के संग्रहण, तेंदूपत्ता संग्रहण का महत्वपूर्ण कार्य तत्परता और जिम्मेदारी के साथ किया गया। विभाग के प्रयासों से लघु वनोपजों में वेल्यू ऐडिशन का कार्य किया जा रहा है, जिससे वनवासियों और महिला स्वसहायता समूहों की आमदनी बढ़ी है और इस कार्य में बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ द्वारा अपने अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सुविधा का ध्यान रखते हुए उनके लिए इस आवासीय परिसर का निर्माण किया जा रहा है। इससे अधिकारियों एवं कर्मचारियों कि कार्य क्षमता भी बढ़ेगी और वे ज्यादा अच्छे ढंग से अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकेंगे।

वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने इस अवसर पर कहा कि नया आवासीय परिसर बनने से अधिकारी एवं कर्मचारियों को नवा रायपुर आने-जाने में लगने वाला समय बचेगा और वे ज्यादा अच्छे ढंग से अपना कार्य कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ के कार्य में काफी वृद्धि हुई है। वर्ष 2018 में 7 लघुवनोपजों का संग्रहण किया जाता था, जिनकी संख्या अब बढ़कर 52 हो गई है। इस वर्ष प्रदेश में देश में कुल संग्रहित वनोपजों का 73 प्रतिशत अकेले छत्तीसगढ़ में संग्रहित किया गया है, जिसका मूल्य 130 करोड़ रूपए है। तेेंदूपत्ता संग्रहण दर 2500 रूपए प्रति मानक बोरा से बढ़ाकर 4000 रूपए प्रति मानक बोरा करने से तेंदूपत्ता संग्रहकों की आमदनी में भी बढ़ोतरी हुई है। राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ के प्रबंध संचालक संजय शुक्ला ने आवासीय परिसर के संबंध में जानकारी दी।




मंगलवार, 22 दिसंबर 2020

Merge into quintessence: पंचतत्व में विलीन मोतीलाल वोरा

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राजकीय सम्मान के साथ अविभाजित मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मोतीलाल वोरा को दी गई अंतिम विदाई

राज्यपाल  अनुसुईया उइके, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान तथा वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों ने पुष्पचक्र अर्पित कर दी श्रद्धांजलि
कांग्रेस वर्किंग कमेटी से उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री  हरीश रावत व पूर्व केंद्रीय मंत्री मुकुल वासिनक ने  सोनिया गांधी और  राहुल गांधी की ओर से पुष्पचक्र अर्पित कर दी श्रद्धांजलि

एनपी न्यूज़ रायपुर। अविभाजित मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मोतीलाल वोरा को पूरे राजकीय सम्मान के साथ आज उनके गृह नगर दुर्ग के शिवनाथ नदी के महमरा घाट स्थित मुक्तिधाम में अंतिम विदाई दी गई। सुबह उनका पार्थिव शरीर नई दिल्ली से रायपुर लाया गया। जहां राजीव भवन में श्रद्धांजलि दी गई। जहां मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने वोरा के पार्थिव देह को कांधा देकर दुर्ग के लिए रवाना किए थे। दुर्ग के पद्मनाभपुर स्थित निवास में अंतिम दर्शन के उपरांत उनकी अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में उनके प्रशंसक और चाहने वाले शामिल हुए। राज्यपाल  अनुसुईया उइके, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान और कांग्रेस वर्किंग कमेटी से उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत व पूर्व केंद्रीय मंत्री मुकुल वासिनक ने सोनिया गांधी और राहुल गांधी की ओर से वोरा के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित की। महाराष्ट्र सरकार के ऊर्जा मंत्री नितिन राउत भी  वोरा के निवास पहुंचकर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की।

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इस मौके पर मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि वोरा दुर्ग में हर घर के पारिवारिक सदस्य जैसे थे। सबसे उन्हें अपनापन था। उनकी सरलता, सहजता के सभी कायल रहते। उनका 20 दिसंबर को जन्मदिन था। इस दिन वे अस्पताल में थे, मैंने उन्हें जन्मदिन की बधाई देने एवं तबियत पूछने फोन किया। वे तकलीफ में थे लेकिन उन्होंने जन्मदिन की बधाई स्वीकार की और अपना आशीर्वाद दिया। उनकी कमी हमेशा खलती रहेगी। इस मौके पर छत्तीसगढ़ शासन के सभी कैबिनेट मंत्री भी उपस्थित थे।  वोरा की अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में राष्ट्रीय एवं प्रदेश स्तर के जनप्रतिनिधि और उनके चाहने वाले शामिल हुए और उन्हें श्रद्धांजलि दी।




New variant of novel corona virus : संक्रमण से बचाव के लिए छत्तीसगढ़ शासन ने जारी किए निर्देश

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अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों से यू.के. से छत्तीसगढ़ आने वाले यात्रियों के लिए दिशा-निर्देश जारी



एनपी न्यूज़ रायपुर।  नोवेल कोरोना वायरस (New variant of novel corona virus)के नए वेरिएन्ट के संक्रमण पर नियंत्रण के लिए छत्तीसगढ़ सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग ने अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों के माध्यम से यू.के. (यूनाइटेड किंगडम) से छत्तीसगढ़ आने वाले यात्रियों के लिए दिशा-निर्देश जारी किया है। आदेश में कहा गया है कि यूनाईटेड किंगडम से भारत पहुंचने वाले एवं छत्तीसगढ़ आने वाले यात्रियों के एयरपोर्ट अथवा अन्य मार्ग से राज्य में आने पर देश के एयरपोर्ट पर कराए गए आर.टी.पी.सी.आर. टेस्ट रिपोर्ट की जांच की जाए। इसके साथ ही रिपोर्ट पॉजीटिव होने पर एसओपी अनुसार संस्थागत क्वारेंटाइन, कोविड केयर सेन्टर या अस्पताल में रखा जाए। जारी निर्देश में फ्लाईट में पॉजीटिव यात्री के कान्टेक्ट हेतु निर्धारित एसओपी अनुसार कार्रवाई करने कहा गया है। रिपोर्ट निगेटिव होने पर यात्रियों को भारत सरकार द्वारा निर्धारित एसओपी अनुसार स्वयं को 14 दिवस होम आईसोलेशन में रहने की सलाह देने को कहा गया है। इसके साथ ही प्रतिदिन पालन और फॉलोअप के लिए आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए है।


सोमवार, 21 दिसंबर 2020

Electricity (Consumer Rights) Rules :केन्द्र सरकार ने पहली बार "विद्युत (उपभोक्ताओं के अधिकार) नियम, 2020" के माध्यम से विद्युत उपभोक्ताओं के अधिकार तय

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एनपी न्यूज़ दिल्ली । केन्‍द्रीय विद्युत मंत्रालय ने देश में विद्युत उपभोक्‍ताओं के अधिकारों Electricity (Consumer Rights) Rules को तय करते हुए नियम लागू किए हैं। केन्‍द्रीय विद्युत तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्‍य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) आर.के. सिंह ने संवाददाता सम्‍मेलन के माध्‍यम से इन नियमों को जारी किया। विद्युत मंत्री ने कहा कि ये नियम विद्युत उपभोक्‍ताओं को सशक्‍त बनाएंगे। उन्‍होंने कहा कि ये नियम इस मान्‍यता से निकले हैं कि विद्युत प्रणालियां उपभोक्‍ताओं की सेवा के लिए होती हैं और उपभोक्‍ता को विश्‍वसनीय सेवाएं और गुणवत्‍ता सम्‍पन्‍न बिजली पाने का अधिकार है। उन्‍होंने कहा कि देश में वितरण कंपनियों का, चाहे सरकारी या निजी हो, एकाधिकार हो गया है और उपभोक्‍ताओं के पास कोई विकल्‍प नहीं है। सिंह ने कहा कि इसलिए नियमों में उपभोक्‍ताओं के अधिकारों को तय करना और इन अधिकारों को लागू करने के लिए प्रणाली बनाना आवश्‍यक हो गया था। नियमों में यही प्रावधान है।

विद्युत मंत्री ने कहा कि पूरे देश में कारोबारी सुगमता को बढ़ाने की दिशा में ये नियम महत्‍वपूर्ण कदम हैं। उन्‍होंने कहा कि इन नियमों को लागू करने से यह सुनिश्चित होगा कि नए बिजली कनेक्‍शन, रिफंड तथा अन्‍य सेवाएं समयबद्ध तरीके से दी जा सकें। उन्‍होंने कहा कि जानबूझकर Electricity (Consumer Rights) Rules उपभोक्‍ताओं के अधिकारों की अनदेखी करने पर सेवा प्रदाता दंडित होंगे। उन्‍होंने कहा कि ये नियम सार्वजनिक उपयोगिता सेवाओं के केन्‍द्र बिन्‍दु में उपभोक्‍ता को रखने के कदम हैं। इन नियमों से लगभग 30 करोड़ वर्तमान तथा संभावित उपभोक्‍ता लाभान्वित होंगे। उन्‍होंने सभी उपभोक्‍ताओं विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों/गांवों में उपभोक्‍ताओं को जागरूक बनाने पर बल देते हुए कहा कि राज्‍यों तथा डिस्‍कॉम को सरकार के उपभोक्‍तानुकूल नियमों का व्‍यापक प्रचार-प्रसार करने की सलाह दी जा रही है।


विद्युत (उपभोक्‍तओं के अधिकार) नियम में निम्‍नलिखित प्रमुख क्षेत्रों को कवर किया गया हैं :-
उपभोक्‍ताओं के अधिकारों तथा वितरण लाइसेंसियों के दायित्‍व
नया कनेक्‍शन जारी करना तथा वर्तमान कनेक्‍शन में संशोधन
मीटरिंग प्रबंधन
बिलिंग और भुगतान
डिस्‍कनेक्‍शन और रिकनेक्‍शन
सप्‍लाई की विश्‍वसनीयता
प्रोज्‍यूमर के रूप में कन्‍ज्‍यूमर
लाइसेंसी के कार्य प्रदर्शन मानक
मुआवजा व्‍यवस्‍था
उपभोक्‍ता सेवाओं के लिए कॉल सेन्‍टर
शिकायत समाधान व्‍यवस्‍था

2. अधिकार और दायित्‍व :
प्रत्‍येक वितरण लाइसेंसी का कर्तव्‍य है कि वे अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप किसी परिसर के मालिक या उस परिसर में रह रहे व्‍यक्ति के अनुरोध पर बिजली सप्‍लाई करें।
वितरण लाइसेंसी द्वारा बिजली सप्‍लाई के लिए न्‍यूनतम सेवा मानक उपभोक्‍ता का अधिकार है।

3. नए कनेक्‍शन जारी करना और वर्तमान कनेक्‍शन में संशोधन :
पारदर्शी, सरल तथा समयबद्ध प्रक्रियाएं
आवेदक के पास ऑनलाइन आवेदन का विकल्‍प होगा
नए कनेक्‍शन देने और वर्तमान कनेक्‍शन में संशोधन के लिए मेट्रो शहर में अधिकतम समय-सीमा सात दिन तथा अन्‍य पालिका क्षेत्रों में 15 दिन तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 30 दिन होगी।

4. मीटिरिंग :
मीटर के बिना कोई कनेक्‍शन नहीं दिया जाएगा
मीटर स्‍मार्ट प्री-पेमेंट या प्री-पेमेंट मीटर होंगे
मीटरों के परीक्षण का प्रावधान
खराब या जला हुआ या चुराए गए मीटरों को बदलने का प्रावधान

5. बिलिंग और भुगतान :
उपभोक्‍ता शुल्‍क तथा बिलों में पारदर्शिता
उपभोक्‍ता को ऑनलाइन या ऑफलाइन भुगतान का विकल्‍प होगा
बिलों के अग्रिम भुगतान का प्रावधान

6. डिस्‍कनेक्‍शन तथा रिकनेक्‍शन प्रावधान

7. सप्‍लाई की विश्‍वसनीयता :
वितरण लाइसेंसी सभी उपभोक्‍ताओं को 24x7 बिजली सप्‍लाई करेगा, लेकिन आयोग कृषि जैसे कुछ श्रेणियों के उपभोक्‍ताओं के लिए आपूर्ति के कम घंटों को निर्दिष्‍ट कर सकता है।
निगरानी तथा बिजली बहाल करने के लिए वितरण लाइसेंसी, जहां तक संभव हो, ऑटोमेटेड टूल्‍स के साथ एक व्‍यवस्‍था बनाएंगे।

8. प्रोज्‍यूमर के रूप में कन्‍ज्‍यूमर :
प्रोज्‍यूमर, कन्‍ज्‍यूमर का दर्जा बनाए रखेंगे और उन्‍हें सामान्‍य उपभोक्‍ता की तरह ही अधिकार होंगे। उन्‍हें स्‍वयं या सेवा प्रदाता के माध्‍यम से नवीकरणीय ऊर्जा (आरई) उत्‍पादन व्‍यवस्‍था स्‍थापित करने का अधिकार होगा, इसमें रूफ टॉप सोलर फोटोवॉल्टिक (पीवी) प्रणालियां शामिल हैं।
10 केवी तक लोड के लिए निबल मीटरिंग और 10 केवी से ऊपर लोड के लिए सकल मी‍टरिंग।

9. कार्यप्रदर्शन मानक :
आयोग सभी वितरण लाइसेंसियों के लिए कार्यप्रदर्शन मानक अधिसूचित करेगा
कार्यप्रदर्शन मानकों के उल्‍लंघन के लिए वितरण लाइसेंसियो द्वारा उपभोक्‍ताओं को मुआवजा राशि का भुगतान किया जाएगा

10. मुआवजा व्‍यवस्‍था :
उपभोक्‍ताओं को ऑटोमेटिक रूप से मुआवजे का भुगतान किया जाएगा, जिसके लिए कार्यप्रदर्शन मानकों की दूर से निगरानी की जाएगी
कार्यप्रदर्शन मानकों में जिनके लिए मुआवजे का भुगतान वितरण लाइसेंसियों द्वारा किया जाएगा, उनमें निम्‍नलिखित शामिल हैं :-
आयोग यह निर्दिष्‍ट करेगा कि एक विशेष अवधि से आगे उपभोक्‍ता को सप्‍लाई नहीं की जाएगी;
आयोग द्वारा निर्दिष्‍ट सीमा से अधिक सप्‍लाई में बाधा संख्‍या
कनेक्‍शन, डिस्‍कनेक्‍शन, रिकनेक्‍शन, शिफ्टिंग में लगने वाला समय;
उपभोक्‍ता श्रेणी, लोड परिवर्तन में लगने वाला समय;
उपभोक्‍ता ब्‍योरा में परिवर्तन के लिए लगने वाला समय;
खराब मीटरों को बदलने में लगने वाला समय;
समय-सीमा जिसके अंदर बिल दे दी जाएगी;
वोल्‍टेज से संबंधी शिकायतों के समाधान की अवधि तथा
बिल संबंधी शिकायतें;

11. उपभोक्‍ता सेवा के लिए कॉल सेन्‍टर :
वितरण लाइसेंसी एक केन्‍द्रीकृत 24x7 टोल फ्री कॉल सेन्‍टर स्‍थापित करेगा
लाइसेंसी कॉमन कस्‍टमर रिलेशन मैनेजर (सीआरएम) प्रणाली के माध्‍यम से सभी सेवाएं प्रदान करने का प्रयास करेगा

12. शिकायत समाधान व्‍यवस्‍था : उपभोक्‍ता शिकायत समाधान फोरम (सीजीआरएफ) में कन्‍ज्‍यूमर और प्रोज्‍यूमर के प्रतिनिधि होंगे
उपभोक्‍ता शिकायत समाधान व्‍यवस्‍था को बहुस्‍तरीय बनाकर आसान बनाया गया है और उपभोक्‍ताओं के प्रतिनिधियों की संख्‍या एक से बढ़ाकर चार कर दी गई है।
लाइसेंसी समय-सीमा निर्दिष्‍ट करेगा, जिसके अंतर्गत विभिन्‍न स्‍तर के फोरमों द्वारा विभिन्‍न प्रकार की शिकायतों का समाधान किया जाएगा। शिकायत समाधान के लिए अधिकतम समय-सीमा 45 दिन है।

13. सामान्‍य प्रावधान : अपनी वेबसाइट, वेब पोर्टल, मोबाइल ऐप तथा अपने क्षेत्रवार कार्यालयों द्वारा आवेदन प्रस्‍तुति, आवेदन की स्थिति की निगरानी, बिलों का भुगतान, शिकायतों की स्थिति आदि के लिए उपभोक्‍ताओं को ऑनलाइन एक्‍सेस होगा।
वितरण लाइसेंसी वरिष्‍ठ नागरिकों को उनके घर पर आवेदन प्रस्‍तुतीकरण, बिलों का भुगतान जैसी सभी सेवाएं प्रदान करेंगे।
उपभोक्‍ताओं को बिजली कटौती के समय की विस्‍तृत जानकारी दी जाएगी। अनियोजित कटौती या खराबी की सूचना उपभोक्‍ताओं को एसएमएस द्वारा या अन्‍य इलैक्‍ट्रॉनिक साधनों द्वारा दी जाएगी और बिजली बहाली का अनुमानित समय बताया जाएगा।


State mourning : मोतीलाल वोरा के निधन पर छत्तीसगढ़ में तीन दिवस का राजकीय शोक

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motilal vohra



राजकीय सम्मान के साथ होगा अविभाजित मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोतीलाल वोरा का अंतिम संस्कार

एनपी न्यूज़ रायपुर । अविभाजित मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मोतीलाल वोरा के 21 दिसम्बर को दुखद निधन पर छत्तीसगढ़ शासन ने राज्य में 21 दिसम्बर से 23 दिसम्बर तक तीन दिवस का राजकीय शोक घोषित किया है। राजकीय शोक की अवधि में राज्य में स्थित समस्त शासकीय भवनों और जहां पर नियमित रूप से राष्ट्रीय ध्वज फहराए जाते हैं वहां पर राष्ट्रीय ध्वज आधे झुके रहेंगे तथा शासकीय स्तर पर कोई मनोरंजन और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित नहीं किये जाएंगे। राज्य शासन द्वारा यह भी निर्णय लिया गया है कि श्री वोरा का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा। इस संबंध में मंत्रालय महानदी भवन से सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा आदेश जारी किया गया है।
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Bought paddy : जाने अब तक प्रदेश में कितनी हुई धान खरीदी

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dhan napai





एनपी न्यूज़ रायपुर ।  खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में 21 दिसम्बर 2020 तक 31 लाख 16 हजार 306 मीट्रिक धान की खरीदी की गई है। अब तक राज्य के 8 लाख 38 हजार 837 किसानों ने समर्थन मूल्य पर धान बेचा। राज्य के मिलरों को 8 लाख 59 हजार 275 मीट्रिक टन धान का डी.ओ. जारी किया गया है। जिसके विरूद्ध मिलरों द्वारा अब तक 5 लाख 60 हजार मीट्रिक टन धान का उठाव कर लिया गया है।

खरीफ वर्ष 2020-21 में 21 दिसम्बर 2020 तक राज्य के बस्तर जिले में 37 हजार 732 मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है। इसी प्रकार बीजापुर जिले में 12 हजार 100 मीट्रिक टन, दंतेवाड़ा जिले में 2 हजार 307 मीट्रिक टन, कांकेर जिले में एक लाख एक हजार मीट्रिक टन, कोण्डागांव जिले में 47 हजार 886 मीट्रिक टन, नारायणपुर जिले में 4 हजार 832 मीट्रिक टन, सुकमा जिले में 8 हजार 351 मीट्रिक टन, बिलासपुर जिले में एक लाख 63 हजार 492 मीट्रिक टन, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 22 हजार 281 मीट्रिक टन, जांजगीर-चांपा जिले में दो लाख 74 हजार 812 मीट्रिक टन, कोरबा जिले में 32 हजार 442 मीट्रिक टन, मुंगेली जिले में एक लाख 21 हजार मीट्रिक टन खरीदी की गई है।


इसी तरह रायगढ़ जिले में एक लाख 94 हजार 15 मीट्रिक टन, बालोद जिले में 2 लाख 2 हजार 248 मीट्रिक टन, बेमेतरा जिले में 2 लाख 8 हजार 351 मीट्रिक टन, दुर्ग जिले में एक लाख 56 हजार 225 मीट्रिक टन, कवर्धा जिले में एक लाख 56 हजार 199 मीट्रिक टन, राजनांदगांव जिले में दो लाख 75 हजार 109 मीट्रिक टन, बलौदाबाजार जिले में एक लाख 98 हजार 623 मीट्रिक टन, धमतरी जिले में एक लाख 57 हजार 360 मीट्रिक टन, गरियाबंद जिले में एक लाख 18 हजार 469 मीट्रिक टन, महासमुंद जिले में 2 लाख 9 हजार 852 मीट्रिक टन, रायपुर जिले में एक लाख 93 हजार 99 मीट्रिक टन, बलरामपुर जिले में 39 हजार 860 मीट्रिक टन, जशपुर जिले में 31 हजार 199 मीट्रिक टन, कोरिया जिले में 27 हजार 100 मीट्रिक टन, सरगुजा जिले में 53 हजार 347 मीट्रिक टन और सूरजपुर जिले में 67 हजार 10 मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है।


नहीं रहे कांग्रेस के मोतीलाल

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एनपी न्यूज़ दिल्ली । कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मोतीलाल वोरा (motilal vohra) का सोमवार को दिल्ली (delhi)के (forties escort hospital फोर्टिस एस्कॉर्ट अस्पताल में निधन (daith) हो गया। वे 93 साल के थे। मोतीलाल वोरा मध्य प्रदेश के दो बार मुख्यमंत्री भी रह चुके हैं। वे पहली बार साल 1985-1988 तक (cm) सीएम रहे थे और फिर 1989 में मध्य प्रदेश (madhya pradesh) के मुख्यमंत्री बने। उनका कल (20 दिसंबर) को (bairthday)जन्मदिन भी था।

मोतीलाल वोरा के निधन पर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने शोक जताया है। उन्होंने ट्वीट किया, ''वोरा जी एक सच्चे कांग्रेसी और शानदार इंसान थे। हम उन्हें काफी मिस करेंगे। उनके परिवार और दोस्तों के प्रति मेरा प्यार और संवेदनाएं।''

रविवार, 20 दिसंबर 2020

शहीद वीरनारायण सिंह के बलिदान से हमारी पहचान : मुख्यमंत्री बघेल

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एनपी न्यूज़।  शहीद वीरनारायण सिंह के अमर बलिदान से हमारे प्रदेश की पहचान है। अंग्रेजों के विरुद्ध गरीब जनता के साथ संघर्ष करते हुए वे शहीद हुए। मैं उनके परिजनों से मिला। उनकी शहादत को हमारा नमन है। इस परिवार का योगदान कभी नहीं भूलाया जा सकता। शहीद वीरनारायण सिंह के परिजनों की पेंशन बढ़ाकर दस हजार रुपए मासिक किया गया है। यह बातें मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने केंद्रीय गोंड़ महासभा धमधागढ़ द्वारा आयोजित शहीद वीरनारायण सिंह बलिदान दिवस समारोह एवं युवक-युवती परिचय सम्मेलन के अवसर पर कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहीं। उन्होंने कहा कि शहीद वीरनारायण सिंह का बलिदान 1857 के संग्राम में अविस्मरणीय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी पहचान ही हमारी शक्ति है। हमने निश्चय किया कि हम अपनी समृद्ध विरासत को सभी को दिखाएं। इस क्रम में राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य समारोह आयोजित करने का निश्चय किया गया। ये समारोह लोगों को बहुत अच्छा लगा। इसमें 28 राज्यों के साथ ही 6 देशों के आदिवासी कलाकारों ने हिस्सा लिया। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम जनजातीय लोगों की शैक्षणिक प्रगति के लिए भी दृढ़ संकल्पित हैं। बीजापुर और दंतेवाड़ा के बच्चों का नीट में चयन हुआ। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने इनकी जिम्मेदारी ली और इनका एडमिशन भी कराया। उन्होंने कहा कि सरकार ने धान की उपज का उचित मूल्य तथा ऋण माफी जैसे बड़े निर्णय लिए जिससे खेती-किसानी से जुड़े लोगों को संबल मिला। किसानों का खेती के प्रति आत्म विश्वास बढ़ा है। किसानों को आर्थिक संबल देने से छत्तीसगढ़ का बाजार भी समृद्ध हुआ। हमारी नीति सभी वर्गों का विकास करने की है। हम तीज-त्योहार एक साथ मनाते हैं। छत्तीसगढ़ में सभी लोग प्रेम और सदभाव से रहते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासी इलाकों में वनोपज संग्रहण करने वाले हमारे आदिवासी भाईयों को वनोपज के अच्छे दाम मिले। इसके लिए हमारी सरकार ने काफी प्रयास किया। प्रदेश में आज 52 लघु वनोपजों को खरीदने की और इनका प्रसंस्करण करने पर काम किया जा रहा है। तेंदूपत्ता संग्राहकों को राहत देते हुए प्रति मानक बोरा तेन्दूपत्ता का मूल्य 4000 रूपए कर दिया गया है। इससे तेन्दूपत्ता संग्राहक आर्थिक रूप से समृद्ध हुए हैं। 

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