Your Ads Here

लाख उपायों के बाद भी गेहूं की खेती के लिए किसानों की रूचि नहीं


जगदलपुर । किसानों की आय बढ़ाने और बस्तर में धान के साथ दलहन, तिलहन के साथ ही गेहूं की फसल के लिए लाख उपाय करने के बाद भी इस ओर स्थानीय किसानों में रूचि का अभाव है और गेहूं की खेती का रकबा बढ़ नहीं पा रहा है। जानकारी के अनुसार गेेहूं उत्पादन के लिए प्रयत्नशील कृषि विभाग की कोशिश आशा के अनुसार सफल नहीं हो पाई है। अनान्य कारणों से किसान गेहूं के लिए कोई रूचि प्रदर्शित नहीं कर रहे हैं। 
उल्लेखनीय है कि वर्षों पहले अंचल के किसान सिंचाई सुविधा के अभाव में इसे नहीं करते थे अब सिंचाई के साधन होने के बाद भी इसे करने के लिए आगे नहीं आ रहे हैं। स्थित  यह कि कृषि विभाग की तमाम कोशिशों के बाद भी इस फसल का रकबा अब तक 2 हजार हेक्टेयर तक नहीं पहुंच पाया है। अभी भी गेहूं की खेती को प्रोत्साहित करने किसानों को यदि नुकसान होता है तो प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत भी इसे जोड़कर किसानों को इस ओर प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके बाद भी किसानों ने इसकी ओर रूचि नहीं दिख पाई है। उपसंचालक कृषि कपिल देव दीपक ने इस संबंध में बताया कि जिले में गेहूं की खेती का रकबा लगातार बढ़ रहा है। किसान अन्य फसलों के साथ ही इसकी खेती कर लाभ ले रहे हैं। सिंचाई सुविधा प्राप्त किसानों को समझाइश देकर रकबा बढ़ाने की कोशिश की जा रही है ।  

No comments

Powered by Blogger.