खरीदी केंद्रों में धान की आवक नगण्य, बावजूद रखने की जगह नहीं


जगदलपुर। समूचे संभाग में धान खरीदी केंद्रों में धान की आवक कम है, लेकिन इसके बाद भी कुछ खरीदी केंद्रों में धान रखने के लिए जगह ही नहीं है।
जानकारी के अनुसार समूचे संभाग में पंजीकृत 1 लाख 46 हजार 969 किसानों के धान बेचने के पंजीयन के बाद भी अभी तक मात्र 12 हजार 407 किसानों ने शासन को धान बेचा है। इधर समर्थन मूल्य पर धान खरीदी केंद्रों में धान खरीदी के साथ निश्चित किये गये धान के उठाव के लिए पंजीकृत मिलर्स द्वारा धान का उठाव नहीं करने से इन केंद्रों में धान का स्टाक भी जमा हो रहा है। जबकि नियम यह है कि खरीदने के 48 घंटे के अंदर धान का उठाव मिलर्स को करना है लेकिन इस नियम का मिलर्स द्वारा ही खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का क्रम 1 नवंबर से शुरू होकर अब दूसरे माह में प्रवेश कर चुका है लेकिन अभी तक धान खरीदी में तेजी नहीं आई है। जिसके कारण अधिकांश खरीदी केंद्रों में सन्नाटा छाया हुआ है। इसके साथ ही मिलर्स द्वारा भी शासन के नियमों की अनदेखी किये जाने से खरीदी केंद्रों में जो धान खरीदा गया है उसका जमाव भी हो रहा है। शासन के निर्धारित नियमानुसार केंद्रो में धान खरीदी होने के साथ मिलरों को 48 घंटे के अंदर इस धान का उठाव करने के लिए कहा गया है लेकिन मिलर्स धान सुखती के चलते इस नियम का पालन न कर अपनी इच्छा से कार्य कर रहे हैं। बस्तर में 107 मिलर्स पंजीकृत हैं और इनमें से 55 मिलर्स ही धान का उठाव कर रहे हैं। इस समय संभाग के 197 केंद्रों में 3 लाख से अधिक किंव्टल धान जाम होकर पड़ा हुआ है। इससे कुछ खरीदी केंद्रों में जाम की स्थिति हो गई है।