विस चुनाव : नये प्रत्याशियों के जीत-हार पर सबसे अधिक दांव


रायपुर । राज्य में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव के बाद अब राजनीतिक दलों के हार-जीत को लेकर सट्टा बाजार गर्म हो गया है। इधर राजनीतिक दलों ने अपनी-अपनी जीत का दावा करते हुए मतगणना के लिए अपने-अपने प्रतिधियों को प्रशिक्षित करना शुरू कर दिया है।
सत्तासीन भाजपा ने जहां विकास को मुख्य मुद्दा बनाकर चुनाव लड़ा है तो वहीं विपक्षी दल कांग्रेस ने परिवर्तन और राज्य सरकार के विभिन्न घोटाले और भ्रष्टाचार को लेकर चुनाव लड़ा है। दोनों ही दलों ने अपनी-अपनी जीत का दावा करते हुए पूर्ण बहुमत मिलने और सरकार बनाने की बात कही है। इधर अब तक मिशन-65 प्लस का नारा देने वाले भाजपा के नेता अब यह कहने से नहीं चूक रहे हैं कि यदि उन्हें 40 से 44 सीट भी मिल गया तो भी वे सरकार बनाएंगे। दूसरी ओर कांग्रेस नेताओं ने कहा कि वे जोड़तोड़ की राजनीति नहीं करेंगे, बल्कि जनता उन्हें पूर्ण बहुमत से जीताकर सरकार बनाने का मौका देने वाली है। इधर कांग्रेस-भाजपा के इन दावों के बीच अब राजनीतिक दलों के जीत-हार को लेकर राजधानी से लेकर पूरे प्रदेश में सट्टा बाजार गर्म हो गया है। सट्टा बाजार में अभी भी कांग्रेस आगे चल रही है और भाजपा के दावों पर दांव कम लग रहा है। हालांकि पिछले तीन-चार दिनों से सट्टा बाजार में दोनों ही दलों के भाव नीचे आ गए हैं। इसके अलावा प्रत्याशियों के ऊपर भी दांव लग रहा है। प्रदेश के वरिष्ठ और पुराने विधायकों के नाम पर दांव कम है, वहीं नए प्रत्याशियों के नाम पर तथा उनके जीत-हार पर सबसे अधिक दांव लग रहा है। इधर मतगणना की तारीख जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है, राजनीतिक दलों के साथ ही प्रत्याशियों के दिलों की धड़कनें तेज होती जा रही है।