नव वर्ष पर मोदी सरकार देगी 2 हजार करोड़ का सौगात


नईदिल्ली । भारत को म्यांमार और थाईलैंड से जोडऩे वाला हाइवे दिसंबर 2019 तक पूरा होने की संभावना है. 1360 किमी. लंबे इस हाइवे पर लगातार काम जारी है और इसके 2019 के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है. सरकारी सूत्रों के मुताबिक भारत के लिए ये पुल न सिर्फ रणनीतिक बल्कि पर्यटन के लिहाज से फायदेमंद साबित होगा. साथ ही यह हाइवे नॉर्थ-ईस्ट के विकास में भागीदार बनेगा. ये हाइवे मणिपुर के मोरेह से म्यांमार के तामू शहर तक जाएगा. आपको बता दें ये हाइवे तीन हिस्सों में बनाया जा रहा है. जिसके दो हिस्सों का निर्माण म्यांमार सरकार कर रही है.
विदेश मंत्रालय की तरफ से संसद में दी गई जानकारी के मुताबिक इस हाइवे को बनाने में तकरीबन 2 हजार करोड़ रुपए तक खर्च आएगा, इस हाइवे के रास्ते में 69 पुलों से होकर गुजरेगा. इन पुलों को बनाने में 371.58 करोड़ का खर्च आएगा, जबकि हाइवे को बनाने में करीब 1459.29 करोड़ खर्च आएगा। इस हाइवे के बनने से भारत से सीधे थाईलैंड तक का सफर रोड से तय किया जा सकेगा.
हाइवे पर चलेगा तीनों देशों का ट्रैफिक
ज्ञात हो कि इससे पहले भी जानकारी सामने आई थी कि सात दशक पहले दूसरे विश्व युद्ध के वक्त म्यांमार में 73 पुल बनाए गए थे, जिनकी अब भारत की फंडिग से मरम्मत की जा रही है. काम पूरा होने के बाद हाइवे को तीनों देशों के ट्रैफिक के लिए खोल दिया जाएगा. हाइवे के 1400 किलोमीटर सड़क के इस्तेमाल के लिए त्रिपक्षीय मोटर वाहन समझौता पूरा करने पर बात चल रही है. ये हाईवे थाईलैंड के मेई सोत जिले के ताक तक जाएगी.