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पंडरिया विधानसभा: त्रिकोणीय संघर्ष का लाभ किसे, कह नहीं सकते


रायपुर । छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव 2018 के तहत पंडरिया विधानसभा क्षेत्र से वर्तमान विधायक भाजपा के मोतीराम चंद्रवंशी है। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी लालजी चंद्रवंशी को वर्ष 2013 में 7 हजार 273 मतों से पराजित किया था। उल्लेखनीय है कि नोटा में 4 हजार 283 वोट पड़े थे, जो किसी भी प्रत्याशी के लिए हार जीत का सबब बन जाता है। वर्तमान विधानसभा चुनाव में विधायक मोतीराम चंद्रवंशी को भाजपा ने पुन: प्रत्याशी बनाया है, वहीं कांग्रेस ने पूर्व प्रत्याशी लालजी चंद्रवंशी के स्थान पर महिला प्रत्याशी ममता चंद्राकर पर दांव लगाया है। कुर्मी बहुल पंडरिया क्षेत्र में दूसरे स्थान पर तेली और सतनामी समुदाय के लोग निवासी है। राज्य सरकार द्वारा क्षेत्र में शक्कर कारखाना स्थापित करना, पंडरिया से लोरमी और मुंगेली तक सड़को का निर्माण जैसे प्रमुख काम हुए है। सरकार के कामकाज को लेकर जनता का विश्वास बेहद सामान्य है। उनकी सरकार से अपेक्षा है कि पंडरिया में रेलवे लाईन है। पंडरिया से कुई कुदुर और वहां से म.प्र. सीमा तक आवागमन सुदृढ़ हो। सरकार की राशन प्रणाली को लेकर क्षेत्र की गरीब जनता में संतोषप्रद प्रभाव है। भाजपा प्रत्याशी के विषय में क्षेत्र की जनता की अवधारणा सामान्य है। वर्तमान कांग्रेस प्रत्याशी की स्थिति भाजपा प्रत्याशी की तुलना मे अधिक मजबूत है। इसका कारण एंटी इंकम्बेन्सी और महिला प्रत्याशी होना बताया जाता है। इस बार जकांछ तीसरी पार्टी के रुप में उभरकर सामने आई है जो 25 प्रतिशत मतों को अपने हिस्से में ले सकती है, जिसका नुकसान कांग्रेस को होगा। वर्तमान विधायक में जनप्रतिनिधित्व का अभाव देखा गया है। आमजनता से मेल मुलाकात कम है। कुछ गिने चुने स्वजातीय लोगों के बीच अधिक रहने का आरोप है। वनांचल के लोग हैंडपंप की पानी के बजाय आज भी झिरिया का पानी पीते है। अगर एंटी इंकम्बेंसी प्रभावकारी रही तो कांग्रेस प्रत्याशी को लाभ हो सकता है। विधानसभा क्षेत्र में मुख्यमंत्री डॉ.रमन ङ्क्षसह की छवि का प्रभाव मध्यम है। विधानसभा चुनाव को प्रभावित करने वाले महत्वपूर्ण गांवों मे पाण्डातराई, कुण्डा, कुई-कुदुर, मोहगांव, रवेली, दामापुर, दशरंगपुर, कोदवा गोड़ान, महली और डोंगरियाकला आदि है। इस बार चुनाव में स्थानीय व्यक्ति को विधायक बनाने रेललाईन परिर्वतन, क्षेत्रीय लोगों की उपेक्षा किए जाने के मुद्दे उठ सकते है। क्षेत्र में जकांछ की सक्रियता लगभग तीसरी महत्वपूर्ण पार्टी के रुप में उभरी है। उनकी उपस्थिति से वर्तमान विधायक के विजय होने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ेगी। जकांछ सक्रियता का सर्वाधिक नुकसान कांग्रेंस को होगा। त्रिकोणीय संघर्ष की स्थिति निर्मित हो सकती है।

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