मुंबई । रिलायंस इंडस्ट्रीज की दूरसंचार इकाई 'जियो प्लेटफॉम्र्स' के निदेशक मंडल ने अपने बहुप्रतीक्षित आईपीओ के लिए रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस के ड्राफ्ट को मंजूरी दे दी है। रिलायंस इंडस्ट्रीज की 49वीं वार्षिक आम सभा को संबोधित करते हुए चेयरमैन मुकेश अंबानी ने बताया कि इस ड्राफ्ट को आज ही बाजार नियामक सेबी के पास जमा कराया जाएगा। ईशा, आकाश और अनंत अंबानी के नेतृत्व में आगे बढ़ रही इस आईपीओ प्रक्रिया के साथ ही जियो ने साल 2030 तक अपने सभी सब्सक्राइबर्स को 5' पर शिफ्ट करने का बड़ा लक्ष्य रखा है।
एआई और सैटेलाइट कनेक्टिविटी पर जियो का दांव
एजीएम के दौरान रिलायंस जियो इंफोकॉम के चेयरमैन आकाश अंबानी ने कंपनी के भविष्य के विजन को साझा किया। उन्होंने बताया कि जियो अब उपग्रह संचार (सैटेलाइट कम्युनिकेशन्स) और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर अपना फोकस तेजी से बढ़ा रहा है। ग्राहकों के लिए खास एआई एजेंट 'जियो टेलीफ्रेमÓ लॉन्च करने की घोषणा की गई है, जो पूरे परिवार की जरूरतों का ख्याल रखेगा। इसके साथ ही, दूर-दराज के इलाकों में हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचाने के लिए ग्राउंड स्टेशन बनाने का काम भी तेजी से चल रहा है।
ऐतिहासिक आईपीओ की तैयारी: जियो के बोर्ड ने आईपीओ के शुरुआती दस्तावेज को हरी झंडी दे दी है। मुकेश अंबानी ने बताया कि सेबी के पास आज ही इसे जमा कर आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
2030 तक पूर्ण 5जी नेटवर्क: कंपनी ने बड़ा लक्ष्य तय किया है कि साल 2030 तक देश के सभी जियो सब्सक्राइबर्स को 4' से पूरी तरह 5' नेटवर्क पर माइग्रेट कर दिया जाएगा।
प्रौद्योगिकी आयातक से नवप्रवर्तक: मुकेश अंबानी ने कहा कि पहले भारत को सिर्फ टेक्नोलॉजी का आयातक माना जाता था, लेकिन जियो के इंजीनियरों ने इस धारणा को पूरी तरह बदल दिया है और देश में सस्ता व तेज डेटा उपलब्ध कराया है।
सैटेलाइट से जुड़ेगा हर कोना: आकाश अंबानी के मुताबिक, सैटेलाइट कनेक्टिविटी की मदद से देश के उन दूर-दराज के इलाकों तक भी नेटवर्क पहुंचेगा जहां केबल बिछाना मुश्किल है। इससे डेटा स्पीड में भी भारी इजाफा होगा।
छोटे कारोबारियों को तोहफा: भारतीय कंपनियों और छोटे व्यापारियों के लिए जियो एक सरल सेट-टॉप बॉक्स के जरिए आसान और किफायती कनेक्टिविटी प्रदान करने की योजना पर काम कर रहा है।
