मिडिल ईस्ट में महासंकट: ट्रंप ने की पूर्ण युद्धविराम की अपील


इजराइली मंत्री बोले—'पूरे लेबनान को जला दो

-इजराइल की बगावत के बाद अमेरिका-ईरान की बातचीत पर लगा ब्रेक

वाशिंगटन/तेहरान । अमेरिका और ईरान के बीच मध्य पूर्व में जंग खत्म करने के लिए 60-दिवसीय ऐतिहासिक शांति वार्ता के चरण की शुरुआत हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांस के वर्साय पैलेस में एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने के बाद सभी मोर्चों पर पूर्ण युद्धविराम का आह्वान किया है। हालांकि, इस समझौते के तुरंत बाद इजराइल द्वारा लेबनान पर किए गए भीषण हमलों और वहां से सेना हटाने से साफ इनकार के बाद इस पूरी शांति प्रक्रिया पर गंभीर संकट मंडराने लगा है। इजराइली हमलों में 18 लोगों की मौत के बाद आज स्विट्जरलैंड में होने वाली अमेरिका-ईरान की पहली औपचारिक बातचीत भी रद्द हो गई है। वहीं, हिज्बुल्लाह के पलटवार में 4 इजराइली सैनिकों की मौत से नाराज इजराइल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन गवीर ने बेहद विवादित बयान देते हुए कहा कि 'पूरे लेबनान को जला देना चाहिए'।

60 दिनों का रोडमैप और ट्रंप की अपील

अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते के तहत गुरुवार से 60 दिनों की बातचीत का दौर शुरू हुआ है। ट्रंप ने पश्चिम एशिया के सभी पक्षों से अपने वादे पूरे करने का आग्रह करते हुए कहा, हम सभी मोर्चों पर पूर्ण युद्धविराम की अपेक्षा करते हैं ताकि बातचीत सही ढंग से आगे बढ़ सके।

स्विट्जरलैंड वार्ता रद्द, ईरान की शर्ते

इजराइली हमलों के विरोध में स्विट्जरलैंड के बर्गेनस्टॉक रिजॉर्ट में आज होने वाली अमेरिका-ईरान की बैठक रद्द हो गई है। 'सीएनएन' के मुताबिक, ईरान ने दो टूक कहा है कि जब तक अमेरिका लेबनान पर हमले रुकने की गारंटी नहीं देता, आगे बातचीत नहीं होगी।

पीछे हटने को तैयार नहीं इजराइल

शांति समझौते में सैन्य अभियानों को तुरंत और स्थायी रूप से रोकने की बात कही गई है, लेकिन इजराइली पीएम नेतन्याहू ने इसे मानने से इनकार कर दिया है। इजराइली सेना ने नया नक्शा जारी कर साफ किया है कि वे दक्षिणी लेबनान से अपनी सेना नहीं हटाएंगे।

लेबनान में भारी तबाही

इजराइल ने गुरुवार रात से अब तक दक्षिणी और पूर्वी लेबनान में भारी बमबारी की है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस क्षेत्र में 2 मार्च से अब तक हुए हमलों में 3,900 से अधिक लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।

होर्मुज स्ट्रेट में व्यापार तेज

इस शांति समझौते का सकारात्मक असर समुद्री मार्ग पर देखने को मिला है। समझौते के बाद रिकॉर्ड 25 कमर्शियल जहाजों और सऊदी अरब के 3 बड़े तेल टैंकरों ने होर्मुज स्ट्रेट को सुरक्षित पार किया। 18 अप्रैल के बाद पहली बार इतनी बड़ी संख्या में जहाजों ने इस रूट का इस्तेमाल किया है।

एक टिप्पणी भेजें

और नया पुराने

Recent in Sports