नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 जून, 2026 को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में नीति आयोग की 11वीं शासी परिषद की बैठक की अध्यक्षता करेंगे। प्रधानमंत्री के ‘टीम इंडिया’ विजन के अनुरूप इस वर्ष की बैठक का विषय ‘विकसित भारत@2047 के लिए समावेशी मानव विकास’ रखा गया है। इसका उद्देश्य आयु, क्षेत्र, लिंग और सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि से परे प्रत्येक भारतीय के कल्याण और विकास पर केंद्रित रणनीति तैयार करना है। बैठक में विकसित भारत के लक्ष्य को ठोस और मापनीय परिणामों में बदलने के लिए आवश्यक कदमों पर चर्चा की जाएगी।
समावेशी मानव विकास के चार प्रमुख स्तंभों पर चर्चा
बैठक में मुख्यमंत्री और उपराज्यपाल समावेशी मानव विकास के प्रारूप पर विचार-विमर्श करेंगे। यह प्रारूप चार प्रमुख स्तंभों पर आधारित है, जिनमें मूलभूत मानव पूंजी और भविष्य के लिए तैयार कौशल, उत्पादक रोजगार, उद्यमिता और विकेंद्रीकृत विकास, स्वास्थ्य, पोषण एवं कल्याण तथा सभी के लिए समानता और गरिमा शामिल हैं। इसके अलावा उद्यमिता को बढ़ावा देने, कौशल विकास को मजबूत करने और स्थायी रोजगार के अवसर सृजित करने के उपायों पर भी चर्चा होगी।
कार्यान्वयन और जवाबदेही पर रहेगा विशेष जोर
बैठक में शासन, डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (डीपीआई), अभिसरण, साझेदारी और डेटा-आधारित प्रणालियों जैसे प्रमुख सहायक तत्वों के माध्यम से प्रभावी कार्यान्वयन ढांचा तैयार करने पर बल दिया जाएगा। साथ ही अल्पकालिक, मध्यमकालिक और दीर्घकालिक परिणामों की निगरानी के लिए एक संरचित तंत्र विकसित करने पर भी विचार होगा, जिससे जवाबदेही और मापनीय प्रभाव सुनिश्चित किया जा सके। राज्यों की विकास संबंधी प्राथमिकताओं को राष्ट्रीय दृष्टिकोण के साथ जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
मुख्य सचिवों के राष्ट्रीय सम्मेलन की सिफारिशों पर भी होगा विचार
नीति आयोग की शासी परिषद 26 से 28 दिसंबर, 2025 के दौरान आयोजित मुख्य सचिवों के पांचवें राष्ट्रीय सम्मेलन की सिफारिशों पर भी चर्चा करेगी। सम्मेलन में प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा, स्कूली शिक्षा की आधारभूत संरचना, कौशल विकास, उच्च शिक्षा और खेल एवं पाठ्येतर गतिविधियों से जुड़े पांच प्रमुख विषयों पर सुझाव दिए गए थे। इन सिफारिशों को विकसित भारत के लक्ष्य से जोड़कर आगे बढ़ाने पर विचार किया जाएगा।
मुख्यमंत्री, उपराज्यपाल और केंद्रीय मंत्री होंगे शामिल
11वीं शासी परिषद की बैठक में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री, केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपाल एवं प्रशासक, केंद्रीय मंत्री पदेन सदस्य और विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में भाग लेंगे। इसके अलावा नीति आयोग के उपाध्यक्ष, सदस्य और मुख्य कार्यकारी अधिकारी भी बैठक में उपस्थित रहेंगे।
