बॉलीवुड एक्टर रणवीर सिंह फि़ल्म 'कांतारा' में 'दिव्य' किरदार की नकल करने और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने के आरोप में कानूनी मुश्किल में पड़ गए थे। कर्नाटक हाई कोर्ट ने रणवीर सिंह को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने रणवीर की बिना शर्त माफी और कोर्ट में जमा किए गए एफिडेविट को मान लिया है। हालांकि, कोर्ट ने रणवीर सिंह के सामने एक ज़रूरी शर्त रखी है।
2025 में गोवा में हुए इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया में रणवीर सिंह ने फिल्म 'कंतारा' में ऋषभ शेट्टी के रोल की तारीफ करते हुए एक देवता की नकल की थी। इस दौरान बोलते हुए उन्होंने देवता को 'भूत' कहा था। इससे धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचने का आरोप लगाते हुए वकील प्रशांत मेथल ने बेंगलुरु में रणवीर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी।
इस मामले की सुनवाई जस्टिस एम. नागप्रसन्ना की बेंच के सामने हुई। इससे पहले कोर्ट ने रणवीर से कहा था कि सिर्फ इसलिए कि आप एक सेलिब्रिटी हैं, इसका मतलब यह नहीं है कि आपको धार्मिक मामलों पर असंवेदनशील कमेंट करने का हक है"। हालांकि, अब जब रणवीर ने अपनी गलती मान ली है और सच्चा पछतावा जताया है, तो कोर्ट ने नरम रुख अपनाया है।
कोर्ट की ज़रूरी शर्त क्या है?
कोर्ट ने रणवीर की माफी स्वीकार करते हुए एक ज़रूरी शर्त रखी है। रणवीर को अगले चार हफ़्तों में मैसूर के मशहूर चामुंडेश्वरी मंदिर जाकर अपनी गलती मानकर माफी मांगनी होगी। शिकायत करने वाले के वकील प्रशांत मेथल भी रणवीर के पछतावे के बाद केस बंद करने पर राज़ी हो गए और कहा, धर्म में माफी ज़रूरी है।
