रायपुर । सदन में आज भिलाई विधायक देवेन्द्र यादव ने उद्योग व खदानों के खनन कार्य के लिए पेड़ों की कटाई लेकर प्रश्न किया था। उन्होंने वर्ष 2022 से 31 जनवरी 2026 तक उद्योंगो और खनन के लिए पेड़ों की कटाई की अनुमति को लेकर प्रश्न पूछा था। जिसके जवाब में वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि संबंधित जानकारी माननीय सदस्य को दी गई है और सदन में जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि 2022 से 31 जनवरी 2026 तक 2,33237 पेड़ काटने की अनुमति मांगी गई है जिसमें से 1 लाख 95 हजार 292 नग पेड़ कांटे गए है। वहीं उन्होंने कहा कि दूसरे प्रश्न में मांगी गई जानकारी प्रपत्र के माध्यम से दे दी गई है और पेड़ काटने के बाद पेड़ लगाए जाने का कोई प्रावधान नहीं है। मंत्री कश्यप ने कहा कि उद्योग और खदानों के प्रकरणों में व्यपवत्र्तित क्षेत्र के बदले प्रतिपूरक वनीकरण के माध्यम से पेड़ लगाए जाते हैं न कि किसी पेड़ के काटने के बदले पेड़ लगाए जाते हैं।
इस भिलाई विधायक देवेन्द्र यादव नाराज हो गए । उन्होंने विधानसभा परिसर में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि प्रदेश के वनांचल को खत्म करने की साजिश की जा रही है। वनों को नष्ट करने की साजिश की जा रही है। जो दस्तावेज सदन में मंत्री जी अपने जवाब में दे रहे है वे अस्पष्ट है। जबकि नियम के अनुरूप यदि आप पेड़ कटाई कर रहे है तो आपको उसके बदले पेड़ लगाने पड़ेगें। वनों का विकास करना पड़ेगा। छत्तीसगढ़ के वनों को उद्योगपतियों और पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने का काम किया जा रहा है। सरकार नियम प्रक्रियों को ताक में रखकर पेड़ों काटने की अनुमति दे रही है।
