- मैनपाट आने वाले पर्यटकों को बेहतर, सुरक्षित और किफायती ठहराव उपलब्ध कराएगा
- सीएम विष्णुदेव साय के सुशासन में संवर रहा छत्तीसगढ़ का पर्यटन क्षेत्र
रायपुर। छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध हिल स्टेशन मैनपाट, जिसे राज्य का 'शिमला' कहा जाता है अब पर्यटन के क्षेत्र में नया आयाम पाने जा रहा है। राज्य सरकार ने मैनपाट में 4.80 हेक्टेयर (12 एकड़) भूमि अटल विहार योजना के लिए छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल को आवंटित कर दिया है। इस भूमि पर एक आधुनिक और सर्वसुविधायुक्त पर्यटन आवासीय परिसर का निर्माण किया जाएगा, जो मैनपाट आने वाले पर्यटकों को बेहतर, सुरक्षित और किफायती ठहराव उपलब्ध कराएगा।
छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष अनुराग सिंह देव ने बताया कि परियोजना के तहत प्राकृतिक परिवेश के अनुरूप विकसित होने वाली यह सुविधा केंद्र बिंदु होगी, जिससे मैनपाट के पर्यटन ढांचे को मजबूती मिलेगी।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि मैनपाट की प्राकृतिक सुंदरता किसी जलपरी की कहानी जैसी है। उन्होंने बताया कि यह स्थल पर्यटकों को एक शांत और मनोहारी वातावरण देता है, जो उन्हें प्राकृतिक परियों की दुनिया में ले जाता है। परियोजना को संभव बनाने में आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी और पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल की सक्रिय भूमिका रही है।
पर्यटकों को रोमांचक अनुभव प्रदान करेगा
मैनपाट की प्रमुख आकर्षण स्थलों में जलपरी प्वाइंट, टाइगर पॉइंट, बौद्ध मंदिर, उल्टा-पानी, मेहता पॉइंट और चाय बगान शामिल हैं। ये स्थल पर्यटकों को वर्षभर ठंडे मौसम और हरियाली के बीच रोमांचक अनुभव प्रदान करते हैं। परियोजना में आधुनिक वेलनेस और मनोरंजन सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।
केरल मॉडल पर आधारित वेलनेस सेंटर
अनुराग सिंह देव ने बताया कि केरल मॉडल पर आधारित वेलनेस सेंटर, प्राकृतिक पंचकर्म चिकित्सा, हर्बल स्पा और आयुष सेवाएँ प्रस्तावित हैं। इसके अलावा 24-7 क्लब हाउस, मिलेट्स कैफे, जिम, स्विमिंग पूल, किड्स प्ले एरिया, स्टीम बाथ और एंटरटेनमेंट जोन जैसे सुविधाएं भी शामिल होंगी। पर्यावरण अनुकूल विकास के तहत ट्री हाउस, कॉटेज और स्थानीय जीवन एवं संस्कृति का अनुभव कराने वाला सांस्कृतिक क्षेत्र भी बनाया जाएगा।
स्थानीय युवाओं को मिलेंगे रोजगार
परियोजना से मैनपाट में पर्यटन गतिविधियां बढ़ेंगी और स्थानीय रोजगार के अवसर सृजित होंगे। गुणवत्तापूर्ण आवासीय सुविधा मिलने से पर्यटकों का ठहराव समय बढ़ेगा, जिससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने इसे मील का पत्थर बताते हुए कहा कि इस पहल से राज्य का हॉस्पिटैलिटी सेक्टर मजबूत होगा और मैनपाट की पहचान नई ऊँचाई पर पहुंचेगी।
