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कश्यप बंधुओं की उपेक्षा का खामियाजा भुगतना पड़ सकता है भाजपा को


  • दीपक बैज से बैदूराम हार चुके हैं विधानसभा चुनाव
जगदलपुर । बस्तर संसदीय सीट से भाजपा ने वर्तमान सांसद दिनेश कश्यप का टिकट काटकर चित्रकूट विधानसभा क्षेत्र से हार चुके बैदूराम कश्यप को अपना उम्मीदवार बनाया है। भाजपा द्वारा बैदूराम कश्यप को उम्मीदवार  बनाए जाने के बाद यह माना जा रहा है की भाजपा के 20 वर्षों से बस्तर संसदीय सीट पर कब्जे का तिलस्म इस बार निश्चित ही टूट जाएगा। बैदूराम कश्यप के नामांकन लेते वक्त कश्यप बंधुओं की गैर मौजूदगी आम चर्चा का विषय बनी रही।
स्व.बलिराम की विरासत को उनके पुत्र दिनेश कश्यप द्वारा दो बार यहां से जीतकर बरकरार रखा गया था। बस्तर संसदीय सीट से बैदूराम कश्यप को टिकट मिलने के साथ ही स्थानीय भाजपा कार्यकर्ता भी यह कहने लगे हैं की अब हमें बहुत मेहनत करनी पड़ेगी।
वर्तमान सांसद का टिकट कटने के साथ ही भाजपा कार्यकर्ताओं में जो उत्साह देखा जाना चाहिए था, वह नदारद रहा। ज्ञात हो कि बैदूराम कश्यप चित्रकूट विधानसभा से वर्तमान सांसद प्रत्याशी दीपक बैज से विधानसभा का चुनाव हार चुके हैं। वहीं दूसरी ओर बस्तर सांसद दिनेश कश्यप द्वारा पिछला संसदीय चुनाव एक लाख से अधिक मतों से जीतने का रिकॉर्ड दर्ज है।
स्वर्गीय बलीराम कश्यप और उनका परिवार ही बस्तर संभाग में भाजपा माना जाता रहा है, लेकिन बलिराम कश्यप के निधन के बाद जैसा कि राजनीति में हमेशा से होता रहा है कि, जब तक उस परिवार को हाशिए में नहीं डाला जाए, तब तक कोई अन्य कैसे बस्तर संभाग की कमान प्राप्त कर सकता है। इसमें कही कोई संशय नहीं है कि वर्तमान बस्तर सांसद दिनेश कश्यप और केदार कश्यप पूरे बस्तर संभाग में जनाधार वाले नेताओं में माने जाते हैं। स्व.बलिराम कश्यप की विरासत को दरकिनार करना बस्तर में भाजपा को आधारहीन बना देता है, जिसका परिणाम वर्तमान में भाजपा के कार्यकर्ताओं में उत्साह हीनता को देखते हुए सहज अंदाजा लगाया जा सकता है।
यह सुनिश्चित है कि सांसद दिनेश कश्यप को टिकट से वंचित करने से एक बड़ा क्षेत्र जहां कश्यप परिवार का अपना मजबूत आधार था। वहां के कार्यकर्ताओं द्वारा जिस समर्पण के साथ कार्य किया जाता रहा है, वह निश्चित ही कन्नी काट लेंगे। ऐसी स्थिति में एक बड़ा भाग नारायणपुर, कोंडागांव, बस्तर, जगदलपुर क्षेत्र के कार्यकर्ता की निष्क्रियता स्वाभाविक तौर पर देखने को मिलेगी। अपने नेता के टिकट कटने का रोष निश्चित ही होगा।
अनेक भाजपाईयों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि भाजपा बस्तर संसदीय सीट आसानी से जीत सकती थी, वहीं वर्तमान संासद दिनेश कश्यप का टिकट काटकर, बस्तर संसदीय सीट को भाजपा ने स्वयं तोहफे में कांग्रेस को देने जैसा कार्य किया है।  

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