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छत्तीसगढ़ की पावन धरा के विकास के लिए सभी का सहयोग जरूरी : मुख्यमंत्री


रायपुर । छत्तीसगढ़ संत कबीर और गुरू बाबा घासीदास की पवित्र-पावन धरा है। हमारे पुरखों ने छत्तीसगढ़ के लिए जो सपना देखा था, उसे हम सभी को मिलजुल कर साकार करना है, सबके सहयोग से इस पावनधरा को और समृद्ध बनाना है। 
उक्त बातें मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कल विप्र भवन में आयोजित छत्तीसगढ़ी ब्राम्हण समाज द्वारा आयोजित सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए कहा। मुख्य अतिथि के रूप में रूप में कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य के स्वप्रदृष्टा डा. खूबचंद बघेल, पंडित सुंदरलाल शर्मा, चंदूलाल चंद्राकर और संत कवि पवन दीवान ने इस पावन धरा के विकास के लिए अपना अमूल्य योगदान दिया है। इस धरती को, यहां की संस्कृति और भाषा को समृद्ध बनाने में इनका अमूल्य योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि इस पावन धरा के विकास और समृद्धि के लिए धन की कमी नहीं है और न ही कभी होगी। राज्य के बजट को सही दिशा देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का काम किया है। गांवों को समृद्ध बनाने के लिए खेती-किसानी की लागत को कम करना जरूरी है। इसी को दृष्टिगत रखते हुए नवा, गरुवा, घुरवा और बारी के संरक्षण और संवर्धन का काम शुरू किया गया है।  

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