CBI में घमासान: अपनी ही एजेंसी के खिलाफ कोर्ट पहुंचे देवेंद्र कुमार



नेशनल डेस्क । केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के शीर्ष अधिकारियों के बीच घमासान जारी है। सीबीआई के स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना से जुड़े रिश्वतखोरी के आरोपों के सिलसिले में गिरफ्तार पुलिस उपाधीक्षक देवेंद्र कुमार ने दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। उन्होंने अपनी गिरफ्तारी को चुनौती देते हुए दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दायर की।

वरिष्ठ अधिवक्ता दयान कृष्णन ने मुख्य न्यायाधीश राजेंद्र मेनन अैर न्यायमूर्ति वी के राव की पीठ के समक्ष इस याचिका का उल्लेख किया। पीठ ने इसे आज ही अपराह्नन उचित पीठ के समक्ष सूचीबद्ध कर दिया। डीएसपी ने इस मामले में सीबीआई, उसके निदेशक आलोक वर्मा, संयुक्त निदेशक ए के शर्मा और कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग को पक्षकार बनाया है। याचिका में प्राथमिकी को ‘‘गैरकानूनी, बेबुनियाद तथा दुर्भावनापूर्ण’’ बताकर उसे निरस्त करने का अनुरोध किया गया है।


याचिका में कहा गया कि मामले के रिकॉर्ड तथा अन्य संबंधित दस्तावेज मांगते हुए और याचिकाकर्ता के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी निरस्त करते हुए उचित रिट या आदेश पारित करें। सीबीआई ने एजेंसी में विशेष निदेशक अस्थाना से जुड़े घूसखोरी के आरोपों के संबंध में कुमार को कल गिरफ्तार किया था। मीट कारोबारी मोइन कुरैशी से जुड़े मामले में जांच अधिकारी रहे कुमार को सीबीआई ने कल गिरफ्तार किया। उन पर कारोबारी सतीश साना के बयान दर्ज करने में धोखाधड़ी के आरोप हैं। साना ने आरोप लगाया था कि उन्होंने इस मामले में राहत पाने के लिए रिश्वत दी थी।



साना ने कथित तौर पर कहा कि जून के बाद मुझे सीबीआई ने नहीं बुलाया। मुझे यह लगा कि मेरे खिलाफ जांच पूरी हो गई। सीबीआई ने अब आरोप लगाया कि कुमार ने अस्थाना द्वारा सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा के खिलाफ सीवीसी में लगाए निराधार आरोपों को पुष्ट करने के लिए इस बयान को तोड़ मरोड़कर पेश किया। उन्होंने कहा कि एजेंसी अस्थाना की अगुवाई वाले विशेष जांच दल के अन्य सदस्यों की कथित भूमिका की भी जांच कर रही है। सीबीआई ने अभूतपूर्व कदम उठाते हुए घूसखोरी के आरोप में अस्थाना पर मामला दर्ज किया। अस्थाना ने 24 अगस्त 2018 को सीबीआई निदेशक वर्मा के खिलाफ शिकायत की थी।