विस चुनाव : मतगणना के लिए आयोग की तैयारियां तेज


  • मतगणना स्थल में केवल पासधारियों को ही प्रवेश
  • सुरक्षा ऐसी की हथियारबंद जवानों के पहरे में स्ट्रांग रूम से निकलेगी ईवीएम मशीनें
  • स्ट्रांग रूम से मतगणना टेबल तक लगातार होगी वीडियोग्राफी
रायपुर। राज्य निर्वाचन आयोग ने मतगणना की तैयारियां तेज कर दी है। मतगणना टीम में शामिल अधिकारियों-कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इस बार मतगणना में बहुत ज्यादा सख्ती बरती जाएगी। मतगणना स्थल एक तरह से छावनी में तब्दील रहेगी जहां बिना अनुमति के किसी के भी प्रवेश पर पूरी तरह से रोक होगी। यहां तक कि मतगणना में शामिल अधिकारियों और कर्मचारियों को भी बिना अनुमति के टेबल छोडऩे की अनुमति नहीं होगी।
आयोग से जुड़े सूत्रों की माने तो स्ट्रांग रूम सेजबहार में इस समय भी सशस्त्र बल सुरक्षा में तैनात हैं। इधर मतगणना की तिथि नजदीक आते ही आयोग की तैयारियां तेज हो गई हैं। मतगणना स्थल की चौबीस घंटे चौकसी के अलावा मतगणना दिनांक को यहां प्रवेश को लेकर आयोग के अधिकारियों ने काफी सख्ती बरतने का निर्णय लिया है। इसके तहत मतगणना स्थल में केवल ऐसे लोगों को ही प्रवेश दिया जाएगा, जिनके लिए स्वयं आयोग की ओर से प्रमाणित पास जारी किया गया है। इनमें मीडियाकर्मियों के अलावा ऐसे शासकीय अधिकारी-कर्मचारी जिनकी ड्यटी मतगणना में लगाई गई हो। ऐसे पुलिस अधिकारी और कर्मचारी जिनकी तैनाती यहां की गई हो। इसके अलावा अभ्यर्थियों और उनके द्वारा नियुक्त एजेंटों को भी जो पास जारी किया गया है, उनकी जांच-पड़ताल के बाद ही उन्हें मतगणना हॉल में प्रवेश दिया जाएगा। यहां भी उनकी बैठक व्यवस्था पृथक से रखी गई है। मतगणना में शामिल होने वाली टीमों के लिए नजदीक ही बैठक व्यवस्था की जा रही है। इससे उम्मीदवारों के प्रतिनिधि पूरे गणना प्रक्रिया पर नजर रख सकें। मीडियाकर्मियों को अपडेट उपलब्ध कराने के लिए अधिकारियों को जिम्मेदारी दी जा रही है। पूरे मतगणना स्थल में इंटरनेट और वाईफाई की सुविधा नहीं होगी। केवल मीडिया प्रतिनिधियों के कक्ष में ही इसकी सुविधा मुहैया कराई जाएगी, ताकि वे मतगणना का अपडेट ले सकें तथा प्राप्त जानकारी का प्रसारण कर सकें। मतगणना में सख्ती इस कदर होगी कि गिनती में बैठे कर्मी भी बिना अनुमति के कहीं जा नहीं सकेंगे। स्ट्रांग रूम से ईवीएम मशीनें सशस्त्र बलों की निगरानी में एक-एक करके बाहर निकाले जाएंगे और पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी की जाएगी। पूर्व की तरह इस बार मतगणना स्थल पर न तो लाउडस्पीकर लगेगा और न ही एलईडी टीवी आदि लगाई जाएगी।