युवती के दैहिक शोषक को 7 साल का कारावास


 जगदलपुर । विवाह का प्रलोभन देकर दैहिक शोषण के बाद महिला को गर्भवती करने के आरोपी युवक का दोष सिद्ध पाकर बस्तर की सत्र अदालत ने उसे सात साल सश्रम कारावास की सजा सुनायी।
अतिरिक्त लोक अभियोजक वरूणा मिश्रा ने बताया कि दरभा ब्लाक के लेंड्रा खासपारा के रहने वाले आरोपी ने मई 2014 में तेतरखुटी निवासी पीडि़ता को उस वक्त बहलाया, जब वह गांव के अन्य लोगों के साथ कामानार मेले में पहुंची थी। मेला स्थल से कुछ दूर ले जाकर उसने उसका दैहिक शोषण किया। घटना वाली रात पीडि़ता कामानार मेें ही अपने परिचित के घर रूक गई। पीडि़ता ने जब आरोपी से इस बारे में बात की तो उसने शादी करने का प्रलोभन दिया और कई बार उसके साथ अनाचार किया। बाद में जब पीडि़ता गर्भवती हो गई तब वह मुकर गया। घर वालों को इस बारे में पता चला तब 16 अक्टूबर 2017 को दरभा थाने में प्रकरण दर्ज करवाया गया, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया। प्रकरण की सुनवाई के दौरान फास्ट ट्रैक कोर्ट की अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश कु सुनीता साहू ने आरोपी को भादंवि की धारा 366 से दोषमुक्त किया, लेकिन 376 में 7 वर्ष का सश्रम कारावास और 5 हजार रूपए अर्थदंड सुनाया। अर्थदंड अदा न करने की सूरत में उसे एक महीने का अतिरिक्त कारावास भुगताया जाएगा। न्यायिक अभिरक्षा में बिताई गई अवधि प्रदत्त सजा में मुजरा की जाएगी। विव्दान न्यायाधीश ने पीडि़ता को बिन ब्याही मां होने पर क्षतिपूर्ति की रकम जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से दिलवाए जाने का ओदश भी दिया है।