पंजीकृत एक लाख में सिर्फ 12 हजार किसानों ने ही बेचा धान


  • मिलर्स द्वारा उठाव नहीं होने से, 197 केंद्रों में 3 लाख से अधिक च्ंिटल धान जाम
जगदलपुर । बस्तर में धान की बिक्री करने में किसानों द्वारा अभी तक रूचि नहीं ली जा रही है और पंजीकृत 1 लाख 46 हजार 969 किसानों के धान बेचने के पंजीयन के बाद भी अभी तक मात्र 12 हजार 407 किसानों ने शासन को धान बेचा है। इधर समर्थन मूल्य पर धान केंद्रों में धान खरीदी के साथ निश्चित किये गये मिलर्स द्वारा धान का उठाव नहीं करने से इन केंद्रों में धान का स्टाक भी जमा हो रहा है। खरीदने के 48 घंटे के अंदर धान का उठाव मिलर्स को करने के नियम का मिलर्स ही पालन नहीं कर रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का क्रम 1 नवंबर से शुरू होकर अब दूसरे माह में प्रवेश कर चुका है, लेकिन अभी तक धान खरीदी में तेजी नहीं आई है, जिसके कारण अधिकांश खरीदी केंद्रों में सन्नाटा छाया हुआ है। इसके साथ ही मिलर्स द्वारा भी शासन के नियमों की अनदेखी किये जाने से खरीदी केंद्रों में जो धान खरीदा गया है, उसका जमाव भी हो रहा है। शासन के निर्धारित नियमानुसार केंद्रो में धान खरीदी होने के साथ मिलरों को 48 घंटे के अंदर इस धान का उठाव करने के लिए कहा गया है, लेकिन मिलर्स धान सूखती के चलते इस नियम का पालन न कर अपनी इच्छा से कार्य कर रहे हैं। बस्तर में 107 मिलर्स पंजीकृत हैं और इनमें से 55 मिलर्स ही धान का उठाव कर रहे हैं। इस समय संभाग के 197 केंद्रों में 3 लाख से अधिक क्विंटल धान जाम होकर पड़ा हुआ है। इससे कुछ खरीदी केंद्रों में जाम की स्थिति हो गई है।