-500 साल इंतजार किया, 15 दिन और कर लीजिए
-सीएम योगी ने रामलला की पूजा-अर्चना की,आरती उतारी
अयोध्या। राम मंदिर में चढ़ावा चोरी विवाद के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को अयोध्या पहुंचे। उन्होंने हनुमानगढ़ी मंदिर में पूजा-अर्चना की। इसके बाद राम मंदिर पहुंचकर रामलला के दर्शन किए। वहीं इस दौरान चंपत राय योगी के कार्यक्रम से दूर रहे। वो राम जन्मभूमि से 4 किमी दूर कारसेवकपुरम में थे। इससे पहले, सीएम योगी ने कहा- विपक्ष के लोग राम का नारा लगाने पर गोली चलवाते थे। इनके दोगले चरित्र को तो देखिए। राम मंदिर बन न पाए, इसके लिए कांग्रेस ने एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया था। सुप्रीम कोर्ट में बेशर्मी के साथ कहा था कि राम तो हुए ही नहीं। वही कांग्रेस आज अयोध्या पर बहुत मचल रही।
योगी ने जनसभा में कहा- सपा के दोहरे चरित्र को देखो, कहती है कि राम भक्तों का अपमान हुआ है। कारसेवकों और रामभक्तों पर गोली चलवाने वाले लोग उपदेश देने चले हैं। हमने ट्रस्ट के अनुरोध पर एसआईटी जांच बैठाई। एसआईटी दूध का दूध और पानी का पानी करके रहेगी। मैं सभी से कहूंगा कि कोई भी अनर्गल टिप्पणी न करें, जो रामभक्तों को आहत करे।
उन्होंने कहा- अगर किसी के पास कोई प्रूफ है तो उसे एसआईटी को दे दें। रामभक्तों से अपील है कि प्रभु श्रीराम ने मर्यादा का पाठ पढ़ाया है । 500 वर्षों तक राम मंदिर के लिए संघर्ष किया। 15 दिन और देख लो, इंतजार कर लो। अयोध्या को बदनाम करने वालों के बहकावे में न आएं। अयोध्या धाम को बदनाम न करें। अपराधी कोई भी होगा, वह बचेगा नहीं, यह तय है।
सपा प्रमुख और पूर्व मंत्री ने चोरी का मुद्दा उठाया था
सपा सरकार में मंत्री रह चुके पवन पांडेय ने रविवार 7 जून को दावा किया था कि राम मंदिर से 5 से साढ़े 7 करोड़ रुपए तक की चोरी की गई। अखिलेश ने भी कहा था कि मामले पर सरकार की चुप्पी संदिग्ध है। कोर्ट को मामला देखना चाहिए। चंपत राय ने सफाई दी थी कि अभी तक ऐसी कोई भी बात सामने नहीं आई है। विवाद बढ़ा तो भाजपा नेता डॉ. रजनीश सिंह ने 9 जून को प्रधानमंत्री को लेटर लिखकर जांच की मांग की। अगले दिन यानी 10 जून को प्रधानमंत्री कार्यालय ने मंदिर ट्रस्ट से मामले की रिपोर्ट मांग ली।
चढ़ावा चोरी मामले में अब तक 5 लोगों- लवकुश, अवनीश, अनुकल्प, करुणे और रामशंकर उर्फ टिन्नू के नाम सामने आए हैं। इन लोगों की निशानदेही पर अब तक 2 करोड़ रुपए की रिकवरी हुई है। ये सभी दान राशि की गिनती की ड्यूटी से जुड़े हैं। मंदिर ट्रस्ट के कर्मचारी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू के घर से 13 जून को सोना मिला। हालांकि, सोना कितना है, यह अभी कन्फर्म नहीं है।
4 दिन में किससे पूछताछ
पहला दिन- एसआईटी ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और आमंत्रित सदस्य गोपाल राव से जानकारी ली। चोरी के मामले में जिन कर्मचारियों पर शक है, उन्हें ट्रस्ट के एक कमरे में बैठाया गया था। ऐसे करीब 8 से 10 कर्मचारी थे। इन लोगों से करीब 6 घंटे पूछताछ की गई।
दूसरा दिन- टीम ने चंपत राय और गोपाल राव से चार-चार घंटे तक सवाल-जवाब किए।
तीसरा दिन- जांच टीम ने बैंक अधिकारियों और नोटों की गिनती से जुड़ी निजी एजेंसी के प्रतिनिधियों से पूछताछ की। इस दौरान बैंक स्टेटमेंट और वित्तीय रिकॉर्ड की भी पड़ताल की गई।
चौथे दिन- टीम करीब 10 घंटे तक मंदिर परिसर में रही। ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र से करीब 4 घंटे तक पूछताछ की। अनिल मिश्र से राम मंदिर दान की रकम की गिनती और रख-रखाव समेत इसे बैंक में जमा करने की प्रकिया जानी। इसमें उनकी भूमिका के बारे में विस्तार से समझा। अनुकल्प मिश्र और लवकुश मिश्र आदि की नियुक्ति की प्रकिया और उसमें अनिल मिश्र की भूमिका को भी समझा। टीम ने टिन्नू यादव से भी डेढ़ घंटे तक पूछताछ की। अनिल के बताए गए जवाब पर टिन्नू यादव की राय लेकर क्रॉस चेक किया।
