- -देव स्नान पूर्णिमा पर गायत्री नगर जगन्नाथ मंदिर में उमड़ा आस्था का जनसैलाब
- विधायक पुरन्दर मिश्रा ने की प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना
रायपुर । देव स्नान पूर्णिमा के पावन अवसर पर राजधानी रायपुर के गायत्री नगर (शंकर नगर) स्थित सुप्रसिद्ध श्री जगन्नाथ मंदिर में भक्ति, परंपरा और अगाध आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। मंदिर में महाप्रभु जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा का पारंपरिक विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भव्य महाअभिषेक एवं स्नानोत्सव श्रद्धा और उल्लास के वातावरण में संपन्न हुआ। इस दौरान पूरा मंदिर परिसर जय जगन्नाथ के जयघोष, शंखध्वनि और भजनों से गुंजायमान रहा।
108 पवित्र कलशों से हुआ महाप्रभु का शाही स्नान
इस भव्य धार्मिक महोत्सव का नेतृत्व जगन्नाथ सेवा समिति के अध्यक्ष और उत्तर विधानसभा क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक पुरन्दर मिश्रा ने किया। उन्होंने स्वयं श्रद्धालुओं के साथ भक्ति में लीन होकर भगवान श्री जगन्नाथ, बलभद्र जी और देवी सुभद्रा का 108 पवित्र कलशों के जल से महाअभिषेक किया। इस अवसर पर उन्होंने महाप्रभु से छत्तीसगढ़ और देशवासियों के सुख, समृद्धि, शांति और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।
सनातन परंपरा और सामाजिक समरसता का प्रतीक: पुरन्दर मिश्रा
देव स्नान पूर्णिमा भगवान श्री जगन्नाथ की दिव्य लीलाओं का अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व है। यह केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि हमारी भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और सामाजिक समरसता का जीवंत प्रतीक है। भगवान जगन्नाथ सबको समान दृष्टि से अपनाने वाले लोकदेवता हैं, जिनकी कृपा से समाज में प्रेम, भाईचारा और सेवा की भावना का विस्तार होता है। उन्होंने आगे बताया कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस महाअभिषेक के बाद भगवान अब 15 दिनों तक 'अनवसर (एकांतवास) में रहेंगे। इस अवधि में भगवान विश्राम और राजवैद्य की देखरेख में उपचार करेंगे। इसके उपरांत, भगवान के 'नवयौवन रूप के दर्शन होंगे और फिर विश्व प्रसिद्ध रथयात्रा का शुभारंभ होगा।
वैदिक मंत्रोच्चार और आकर्षक विद्युत सज्जा से अलंकृत हुआ दरबार
स्नानोत्सव के दौरान विद्वान वैदिक ब्राह्मणों द्वारा विशेष पूजा-अर्चना, महाआरती और धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए गए। इस अलौकिक दृश्य का साक्षी बनने के लिए राजधानी सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। भक्तों ने भगवान के दिव्य स्नान के दर्शन किए और महाप्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ कमाया। इस विशेष अवसर पर पूरे मंदिर परिसर को आकर्षक फूलों और रंग-बिरंगी विद्युत सज्जा से बेहद खूबसूरती से सजाया गया था, जिसने वहां के आध्यात्मिक वातावरण को और भी दिव्य बना दिया। कार्यक्रम में जगन्नाथ सेवा समिति के पदाधिकारी, विभिन्न सामाजिक व धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि, जनप्रतिनिधि तथा हजारों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
