धमतरी में वाटरशेड विकास परियोजनाओं की समीक्षा करने पहुंचे नरेंद्र भूषण, सिंचाई और जल संरक्षण कार्यों का लिया जायजा



नई दिल्ली/धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतारी जिले के मगरलोड ब्लॉक में गुरुवार को भारत सरकार के भूमि संसाधन विभाग के सचिव नरेंद्र भूषण के नेतृत्व में ग्रामीण विकास मंत्रालय के एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2.0 (डब्ल्यूडीसी-पीएमकेएसवाई 2.0) के तहत संचालित वाटरशेड विकास परियोजनाओं का व्यापक क्षेत्र दौरा किया। प्रतिनिधिमंडल ने सुरक्षात्मक सिंचाई, आजीविका संवर्धन तथा मृदा एवं जल संरक्षण से जुड़ी विभिन्न पहलों की समीक्षा की। इस दौरान संयुक्त सचिव (वाटरशेड प्रबंधन) नितिन खाडे और जिला अधिकारी अबिनाश मिश्रा भी मौजूद रहे।


स्टॉप डैम और सिंचाई नहर का किया निरीक्षण

सांकरा गांव के दौरे के दौरान सचिव ने वाटरशेड विकास घटक और मनरेगा के संयुक्त प्रयासों से 40.34 लाख रुपए की लागत से निर्मित स्टॉप डैम का निरीक्षण किया। इस डैम से करीब 80-85 एकड़ भूमि सिंचित हो रही है और 50 से अधिक किसानों को लाभ मिल रहा है। इसके बाद बेलाउदी गांव में प्रतिनिधिमंडल ने 20.20 लाख रुपए की लागत से विकसित 430 मीटर लंबी सिंचाई नहर की समीक्षा की। यह नहर वर्तमान में लगभग 150 एकड़ भूमि की सिंचाई कर रही है और मृदा अपरदन को कम करने में भी मददगार साबित हो रही है।


वृक्षारोपण और जल संरक्षण कार्यों पर जोर

प्रतिनिधिमंडल ने सौंगा गांव में पांच एकड़ क्षेत्र में विकसित वृक्षारोपण स्थल का भी दौरा किया। यहां नदी द्वीप पर 1,050 अमरूद और नींबू के पौधे लगाए गए हैं। क्षेत्र में जल संकट की समस्या को देखते हुए अधिकारियों ने छोटे तालाबों के निर्माण की सलाह दी। इसके अलावा बोदरा और गदाडीह गांवों में संचालित "अमृत सरोवर" परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने इन परियोजनाओं को भूजल पुनर्भरण और सामुदायिक जल उपलब्धता बढ़ाने की दिशा में उपयोगी बताया।


लिफ्ट सिंचाई परियोजना को बताया सफल मॉडल

दौरे का प्रमुख आकर्षण गदाडीह गांव की लिफ्ट सिंचाई परियोजना रही। महानदी के जल का उपयोग करने वाली इस परियोजना से 85 हेक्टेयर कृषि भूमि की सिंचाई हो रही है और लगभग 250 किसानों को इसका लाभ मिल रहा है। नरेंद्र भूषण ने इस पहल को "सफल मॉडल" बताते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसी उपलब्धियों का दस्तावेजीकरण किया जाए, ताकि भविष्य की वाटरशेड विकास परियोजनाओं में इन्हें राज्य-स्तरीय आदर्श के रूप में अपनाया जा सके।

किसानों की बागवानी पद्धतियों की सराहना

दौरे का समापन बेलाउदी गांव में सब्जी की खेती वाले खेत के निरीक्षण के साथ हुआ। प्रतिनिधिमंडल ने किसानों द्वारा आय बढ़ाने के लिए अपनाई जा रही बागवानी पद्धतियों की सराहना की।

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