नई दिल्ली। नई दिल्ली के इंडिया हैबिटेट सेंटर में 12 मई 2026 को इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा “पेटेंट से उत्पाद तक: इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी में बौद्धिक संपदा के व्यावसायीकरण को गति देना” विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में नीति निर्माता, उद्योग प्रतिनिधि, स्टार्टअप, एमएसएमई, शिक्षाविद, शोधकर्ता और अनुसंधान एवं विकास संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और भारत के नवाचार एवं बौद्धिक संपदा पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत बनाने पर चर्चा की।
आईपी कैटलिस्ट और डिजिटल प्लेटफॉर्म का शुभारंभ
सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव एस. कृष्णन ने आईपी कैटलिस्ट पहल और इसके डिजिटल प्लेटफॉर्म (https://cipie.in/) का औपचारिक शुभारंभ किया। इस अवसर पर अमितेश कुमार सिन्हा, सुनीता वर्मा, उन्नत पी. पंडित सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और उद्योग जगत के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
आईपी कैटलिस्ट का उद्देश्य
सी-डैक पुणे द्वारा कार्यान्वित आईपी कैटलिस्ट पहल को इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सहयोग से एक व्यापक डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य अनुसंधान एवं विकास, बौद्धिक संपदा निर्माण, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, व्यावसायीकरण और बाजार में तैनाती की पूरी प्रक्रिया को मजबूत करना है।
यह पहल मंत्रालय के संगठनों, स्टार्टअप, एमएसएमई, शैक्षणिक संस्थानों और उद्योगों के बीच सहयोग को बढ़ावा देकर सार्वजनिक रूप से वित्त पोषित अनुसंधान एवं विकास और उद्योगों के उपयोग के बीच की दूरी को कम करने का प्रयास करेगी।
