नई दिल्ली। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि सरकार घुसपैठ पर रोक लगाने के लिए अगले एक वर्ष में ड्रोन, राडार, आधुनिक कैमरों और तकनीकों से लैस 'स्मार्ट बार्डर प्रोजेक्ट ' लाकर अभेद्य बॉर्डर ग्रिड बनाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार का आंतरिक सुरक्षा का विजन समस्याओं को जड़ से उखाड़ फेंकना है और 'नक्सलवाद के बाद अब घुसपैठ को पूरी तरह समाप्त किया जायेगा। गृह मंत्री ने सीमा सुरक्षा को प्रादेशिक जिम्मेदारी करार देते हुए त्रिपुरा, असम और पश्चिम बंगाल में सीमा सुरक्षा बल को जिला प्रशासनों, पुलिस थानों, पंचायत और पटवारियों के साथ मिलकर घुसपैठ रोकने की दिशा में काम करने के निर्देश दिए।
श्री शाह शुक्रवार को यहां सीमा सुरक्षा बल के अलंकरण समारोह और रुस्तमजी स्मृति व्याख्यान में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर निदेशक, आसूचना ब्यूरो, सचिव, सीमा प्रबंधन और सीमा सुरक्षा बल के महानिदेशक सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। गृह मंत्री ने बल की महिला टीम के माउंट एवरेस्ट पर सफल आरोहण की ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए दल के सभी सदस्यों और सीमा सुरक्षा बल के सभी जवानों को हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि बल ने उपलब्ध संसाधनों से अवैध घुसपैठ, नारकोटिक्स की तस्करी, गौ तस्करी, जाली मुद्रा, संगठित अपराध, ड्रोन से हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी सहित कई प्रकार की चुनौतियां का सामना किया है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में बल की भूमिका को और अधिक समन्वित और व्यापक करना होगा।
श्री शाह ने कहा कि अब केवल पारंपरिक तरीके से सीमाओं की सुरक्षा नहीं की जा सकती इसके लिए राज्य पुलिस, केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बल अन्य सशस्त्र बल, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो , खुफिया एजेंसियों और राज्य प्रशासन के साथ मिलकर सुरक्षा ग्रिड को मजबूत करना पड़ेगा तभी हम इन नई चुनौतियों का सामना कर सकेंगे। उन्होंने कहा, "हमें सीमा सुरक्षा को एक आइसोलेटेड जि़म्मेदारी के रूप में देखने की जगह एक टेरिटोरियल रिस्पांसिबिलिटी के रूप में देखना होगा तभी हम इन सभी चुनौतियों को पार करने में सफल होंगे।" उन्होंने कहा कि हमें आने वाले खतरों को भी देखना पड़ेगा
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