नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के पिछले दो दशकों के विदेश दौरों को लेकर गुरुवार को तीखा हमला बोला। पार्टी ने उनकी घोषित आय और विदेश यात्राओं पर हुए भारी खर्च के बीच अंतर को लेकर सवाल उठाते हुए फंडिंग के स्रोतों की जानकारी मांगी है।
भाजपा सांसद डॉ. संबित पात्रा ने पार्टी मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि 2013-14 से 2022-23 तक राहुल गांधी की कुल घोषित आय 11 करोड़ रुपये रही, जबकि पिछले 22 वर्षों में उनके 54 विदेश दौरों पर लगभग 60 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं।
संबित पात्रा के प्रमुख सवाल
– इतने भारी खर्च की फंडिंग किसने की?
– क्या विदेशी संस्थाओं ने फंडिंग की? अगर हां, तो FCRA की मंजूरी कहां है?
– क्या निजी फंड से खर्च हुआ? तो टैक्स और विदेशी मुद्रा (Forex) संबंधी खुलासे कहां हैं?
– या किसी तीसरे पक्ष ने खर्च उठाया?
संबित पात्रा ने कहा, “यात्रा का विवरण तो सार्वजनिक है, लेकिन पैसे का लेन-देन पूरी तरह गायब है।” उन्होंने राहुल गांधी के पद को देखते हुए इन दौरों की पारदर्शिता और राष्ट्रीय सुरक्षा के पहलू पर भी चिंता जताई।
ओमान यात्रा का विशेष जिक्र
पात्रा ने मई 2026 में राहुल गांधी के ओमान दौरे का जिक्र करते हुए कहा कि इस यात्रा के बारे में न तो पहले कोई सूचना दी गई, न मेजबान की जानकारी बताई गई और न ही कोई सार्वजनिक कार्यक्रम साझा किया गया। कांग्रेस ने भी इस दौरे पर कोई टिप्पणी नहीं की। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि CRPF ने राहुल गांधी के कुछ विदेश दौरों के बारे में ‘असूचित’ रखे जाने पर आपत्ति जताई थी।
भाजपा की मांग
भाजपा ने राहुल गांधी से मांग की है कि वे अपने विदेश दौरों की फंडिंग के स्रोत का पूरा खुलासा करें। पार्टी का कहना है कि यह सिर्फ पारदर्शिता का मुद्दा नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मामला भी है। अभी तक कांग्रेस या राहुल गांधी की तरफ से इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
