कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा के दूसरे चरण के लिए बुधवार को वोटिंग हुई। वोटरों में बहुत जोश था, लेकिन कुछ जगहों पर हिंसा और तोड़-फोड़ की घटनाएं भी हुईं। इस बीच, एक बुज़ुर्ग की मौत हो गई, जबकि एक दूसरी घटना में तृणमूल कांग्रेस के एक कार्यकर्ता के सिर में चोट लगी और उसके दांत टूट गए। तीसरी घटना बहुत चौंकाने वाली है, जहां वोट देने गई एक महिला को कागज़ पर 'मृत' बता दिया गया।
उदयनारायणपुर ब्लॉक के खोसलपुर ग्राम पंचायत में बलरामपुर प्राइमरी स्कूल के बूथ नंबर 245 पर 81 साल के एक बुज़ुर्ग की मौत हो गई। मरने वाले की पहचान पूर्णचंद्र दोलुई के तौर पर हुई है। तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि बुज़ुर्ग अपने बेटे के साथ वोट देने आए थे, लेकिन उनके बेटे को बूथ के अंदर नहीं जाने दिया गया। इस वजह से उन्हें अकेले अंदर जाना पड़ा। वोटिंग के बाद बाहर आते समय देर होने की वजह से सेंट्रल फोर्स के जवानों ने उन्हें धक्का दे दिया, जिसमें उनकी मौत हो गई।
वोटर लिस्ट में जि़ंदा महिला 'मरी हुई
केतुग्राम विधानसभा क्षेत्र के नैहाटी में बूथ नंबर 241 पर एक चौंकाने वाली घटना हुई। झरना विश्वास नाम की एक महिला अपने बेटे और बहू के साथ वोट देने पहुंची। हालांकि, कहा गया कि चुनाव आयोग की ऑनलाइन वोटर लिस्ट में उन्हें 'मरी हुई बताया गया था। बीएलओ ने लिस्ट दिखाकर मौत की जानकारी दी। इस वजह से झरना विश्वास वोट नहीं दे पाईं, लेकिन उनके परिवार के दूसरे सदस्यों ने वोट दिया। अब झरना विश्वास यह साबित करने के लिए संघर्ष कर रही हैं कि वह जि़ंदा हैं। उनकी बहू ने कहा, हम वोट देने गए थे, वहां हमें पता चला कि मेरी सास मर चुकी हैं, लेकिन हम उसी 'मरी हुई सास के साथ सुरक्षित घर लौट आए हैं।
टीएमसी कार्यकर्ता का सिर फोड़ा, दांत भी तोड़े
यहां ताजपुर में हुई हिंसा में तृणमूल कांग्रेस के एक कार्यकर्ता पर हमला होने का गंभीर आरोप है। आमता विधानसभा क्षेत्र के ताजपुर मीरपाड़ा में बूथ नंबर 187 के पास टीएमसी कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की गई। इस हमले में एक कार्यकर्ता का सिर फूट गया और उसके दांत भी टूट गए। तृणमूल ने आरोप लगाया है कि इस हमले के पीछे सीपीएम और आईएसएफ कार्यकर्ताओं का हाथ है। हालांकि, विपक्षी पार्टियों की तरफ से अभी तक इस पर कोई ऑफिशियल रिएक्शन नहीं आया है।
चुनाव में रिकॉर्ड वोटिंग
बुधवार को दूसरे फेज में 142 सीटों पर 92.6 प्रतिशत वोटिंग हुई। दोनों फेज मिलाकर सभी 294 सीटों पर कुल वोटिंग परसेंटेज 92.9 प्रतिशत हो गया है। चुनाव आयोग के अधिकारियों की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक, यह आंकड़ा 2021 की वोटिंग (81.5 प्रतिशत) से काफी ज्यादा है। यह भारत में अब तक किसी भी विधानसभा चुनाव में हुआ सबसे ज्यादा वोटिंग है। इससे पहले, बंगाल में 2011 में रिकॉर्ड 84.3 प्रतिशत वोटिंग हुई थी।
