नई दिल्ली। दुनिया भर में एनर्जी संकट के बीच पाकिस्तान को ईरान से बड़ी राहत मिली है। हालांकि ईरान ने अमेरिका और इजऱाइल के साथ चल रहे युद्ध के दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य को कुछ हद तक बंद कर दिया है, लेकिन उसने इस रास्ते से गुजरने के लिए 20 पाकिस्तानी जहाजों को खास छूट दी है। इस मौके का फायदा उठाते हुए, पाकिस्तान ने अब डीज़ल और जेट फ्यूल के लिए कुवैत से संपर्क किया है।
पाकिस्तान के पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज़ मलिक ने कुवैती राजदूत से बातचीत की। पाकिस्तान ने रिक्वेस्ट की, ईरान हमारे जहाजों को छोडऩे के लिए मान गया है, इसलिए आप हमें फ्यूल दें, हम अपने जहाज भेजकर उन्हें ले आएंगे। कुवैत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन इस पर मान गया है और उसने पाकिस्तान को डीज़ल और जेट फ्यूल सप्लाई करने का वादा किया है।
ईरान की नई स्ट्रैटेजी - 'टोल' कलेक्शन?
अकेले ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपना कंट्रोल और मजबूत करने के लिए एक नया प्लान बनाया है। वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों पर 'टोलÓ लगाने की तैयारी कर रहा है। साथ ही, यूएस, इजऱाइल और ईरान पर बैन लगाने वाले देशों के जहाज़ों पर भी इस रास्ते से गुजऱने पर पूरी तरह बैन लग सकता है।
भारत पर क्या असर पड़ेगा?
होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने से भारत पर भी सबसे ज़्यादा असर पड़ा, क्योंकि भारत का 90' एलपीजी इंपोर्ट इसी रास्ते से होता था। हालांकि, कुछ हफ़्ते पहले ईरान ने 'नंदा देवीÓ और 'शिवालिकÓ जैसे भारतीय जहाज़ों को छोड़ दिया, जिससे भारतीय बाज़ार में गैस की कमी कुछ हद तक कम हुई है।
