नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को नई दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट के मौके पर नीदरलैंड के प्रधानमंत्री डिक शूफ और स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाय पार्मेलिन से अलग-अलग बैठकें कीं। इन बैठकों में भारत और यूरोप के बीच आर्थिक, तकनीकी और रणनीतिक सहयोग को आगे बढ़ाने के मुद्दों पर सार्थक चर्चा हुई।
एआई और भारत-ईयू आर्थिक सहयोग पर चर्चा
विदेश मंत्रालय के अनुसार, डच प्रधानमंत्री के साथ बैठक में दोनों नेताओं ने आर्थिक और सामाजिक बदलाव के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग पर विचार साझा किए। भारत-ईयू एफटीए को जल्द लागू कराने की प्रतिबद्धता दोहराई गई और टेक्नोलॉजी व इनोवेशन के क्षेत्र में सहयोग मजबूत करने पर सहमति बनी। दोनों पक्षों ने आर्थिक साझेदारी के नए अवसर तलाशने और आतंकवाद के खिलाफ मिलकर काम करने का संकल्प भी व्यक्त किया।
भारत-नीदरलैंड रणनीतिक साझेदारी को मजबूती
भारत और नीदरलैंड के बीच साझा लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित मजबूत द्विपक्षीय संबंध हैं। जल प्रबंधन के क्षेत्र में दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, जिसमें बाढ़ प्रबंधन, स्वच्छ पानी उपलब्ध कराने की तकनीक और विशेषज्ञता साझा करना शामिल है।
भारत-स्विट्जरलैंड संबंधों में आर्थिक सहयोग पर जोर
स्विस राष्ट्रपति के साथ बैठक में भारत-ईएफटीए व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौते (टीईपीए) तथा एआई इनोवेशन में सहयोग को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने ट्रेड, निवेश और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने तथा उच्च गुणवत्ता वाले निवेश को प्रोत्साहित करने पर बल दिया। इस साझेदारी से युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होने की उम्मीद जताई गई।
ईएफटीए समझौते से बढ़े व्यापारिक अवसर
भारत-ईएफटीए व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौता लागू होने के बाद भारतीय निर्यातकों, उद्योगों और सेवा प्रदाताओं को ईएफटीए देशों- आइसलैंड, लिकटेंस्टीन, नॉर्वे और स्विट्जरलैंड- के बाजारों तक व्यापक पहुंच मिली है, जिससे द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को गति मिलने की उम्मीद है।
