18 साल पहले जिस लड़के का अंतिम संस्कार किया गया था, वह घर लौट आया है!



-किस्मत का खेल देखकर आप हैरान रह जाएंगे

मुजफ्फनगर। भगवान उसे बचाए, जो उसे मार सके यह कहावत बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में सच हो गई है। रौशन कुमार नाम का एक लड़का, जो 18 साल 5 महीने पहले लापता हो गया था, आखिरकार सही-सलामत घर लौट आया है। जिस लड़के के माता-पिता उसे ढूंढते-ढूंढते थक गए थे, उसे 2007 में मरा हुआ मान लिया गया था और समाज की सलाह पर उसका एक सिंबॉलिक अंतिम संस्कार भी कर दिया था, वह अचानक फिर से सामने आ गया है, जिससे इलाके में हर कोई हैरान है।


एग्जाम देने गया और गायब हो गया!

यह दिल दहला देने वाली कहानी लक्ष्मण नगर गांव के विश्वनाथ शाह और रामपरी देवी के छोटे बेटे रोशन की है। रोशन 2007 में मैट्रिक का एग्जाम देने के बाद अचानक गायब हो गया था। वह कुछ दोस्तों के कहने पर दिल्ली के लिए निकला था, लेकिन रास्ते में ट्रेन में अपने साथियों से बिछड़ गया। अपनी मेंटल हालत की वजह से वह अपने घर का पता नहीं बता सका और एक अनजान शहर में खो गया।


हार मान ली और अंतिम संस्कार हो गया

जब से लड़का लापता हुआ है, उसके पिता विश्वनाथ शाह ने ढूंढने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। उसने दिल्ली से लेकर कई शहरों की दहलीज़ें छान मारी, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। आखिरकार कई महीनों के इंतज़ार और सामाजिक दबाव से निराश होकर, परिवार ने भारी मन से रोशन को मरा हुआ मान लिया और उसका अंतिम संस्कार कर दिया।


ऐसे हुआ उसका पुनर्जन्म...

दूसरी तरफ, जब रोशन छपरा इलाके में भटक रहा था, तो वह 'सेवा कुटीर' नाम की एक संस्था के संपर्क में आया। वहां उसे सुरक्षा मिली और भोजपुर जिले के एक मेंटल हॉस्पिटल में उसका इलाज हुआ। इलाज के दौरान रोशन को अपने पिता का नाम और गांव याद आ गया। फिर, जिला प्रशासन और सामाजिक संस्थाओं की मदद से उसके परिवार का पता लगाया गया।


मां की आंखों ने पहचान लिया कलेजे का टुकड़ा!

28 दिसंबर को रोशन के माता-पिता सूचना मिलते ही छपरा पहुंच गए। 18 साल बाद अपने बेटे को अपने सामने देखकर मां रामपरी देवी ने उसे कसकर गले लगा लिया। मां ने कलेजे के टुकड़े को पहचानने में एक पल भी नहीं गंवाया। 1 जनवरी को रोशन को उसके गांव लाया गया। तीन भाइयों और दो बहनों में सबसे छोटे रोशन को फिर से जि़ंदा देखकर पूरा गाँव खुश था।


माता-पिता ने खुशी के आँसू बहाते हुए कहा, "हमारी बहुत दिनों से जो इच्छा थी, वह आज पूरी हो गई। हमने उम्मीद छोड़ दी थी कि हमारा बेटा वापस आएगा, लेकिन भगवान ने चमत्कार कर दिया। हालाँकि रोशन की मानसिक हालत अभी पूरी तरह से स्थिर नहीं है, लेकिन अब पूरा परिवार उसके इलाज और खुशी के लिए एक साथ आ गया है।

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