शुक्रवार, 28 अगस्त 2020

कोरोनाकाल में सभी सदस्यों ने सदन की कार्यवाही में दिया सजगता और समर्पण के साथ अपना योगदान: डॉ. चरणदास महंत



  • कोरोना संकट की घड़ी में भी विधानसभा सदस्यों ने अपने संवैधानिक दायित्वों का बखूबी पालन किया: मुख्यमंत्री बघेल
  • विधानसभा में की गई स्वास्थ्य सुरक्षा की व्यवस्थाओं के लिए मुख्यमंत्री ने विधानसभा अध्यक्ष के प्रति आभार प्रकट किया
  • छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र संपन्न

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के समापन के अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि कोविड-19 महामारी की विषम परिस्थितियों में विधानसभा का सत्र आहूत कर और उसे सफल बनाने में विधानसभा के सभी सदस्यों ने अपनी कर्तव्यपरायणता का परिचय दिया है। इससे कोविड-19 के विरूद्ध संघर्ष करने वाले प्रत्येक व्यक्ति, समूह, संस्था और संगठनों को एक नई ऊर्जा मिली है। सभी सदस्यों ने संकट की घड़ी में पूर्ण सजगता और समर्पण के साथ अपना योगदान दिया। कोरोना महामारी के संक्रमण से छत्तीसगढ़ राज्य को हम और अधिक कैसे सुरक्षित रख सकते है। इस पर भी सकरात्मक चर्चा हुई। लोकहित और सर्व कल्याण की सदस्यों की इस सामूहिक भावना को मैं सदन की सबसे बड़ी उपलब्धि मानता हूं।

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा कि कोरोनाकाल में विधानसभा के सभी सदस्यों ने सदन की कार्यवाही में हिस्सा लिया और सुरक्षित रहते हुए अपने संवैधानिक दायित्वों का पालन करते हुए अपने मतदाताओं और अपने क्षेत्र की समस्याओं को पुरजोर उठाया। उन्होंने कहा कि कोरोनाकाल में जब सामान्य जीवन कठिन हो गया है। ऐसे में अपने संसदीय दायित्वों को पूरा करने के लिए सदस्यों ने समर्पण से कार्य किया। सदस्यों का यह समर्पण प्रजातंत्र के प्रति उनकी निष्ठा और प्रदेश की जनता और छत्तीसगढ़ महतारी के प्रति उनके प्रेम को दर्शाता है। मुख्यमंत्री ने विधानसभा अध्यक्ष के प्रति सभी सदस्यों, अधिकारियों-कर्मचारियों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए की गई व्यवस्था हेतु आभार प्रकट किया। विधानसभा अध्यक्ष और मुख्यमंत्री ने सदन की कार्यवाही के संचालन में दिए गए सहयोग के लिए विधानसभा सचिवालय और राज्य सरकार के अधिकारियों और कर्मचारियों, सुरक्षाकर्मियों, मीडिया प्रतिनिधियों सहित सभी को धन्यवाद दिया।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. महंत ने जानकारी दी कि मानसून सत्र में विनियोग विधेयक सहित 12 विधेयक चर्चा के बाद पारित किए गए। राज्य सरकार के प्रथम अनुपूरक अनुमान पर 3 घंटे 33 मिनट चर्चा के उपरांत प्रथम अनुपूरक मांगे पारित की गई। इस सत्र की कुल 4 बैठकों में लगभग 24 घंटे 30 मिनट चर्चा हुई। उन्होंने सत्र के दौरान किए गए कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विधानसभा का शीतकालीन सत्र दिसंबर माह के तीसरे सप्ताह में आहूत होने की संभावना है।


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