शनिवार, 25 जुलाई 2020

लॉकडाउन में 63 लाख ग्राहक जोड़ जियो शीर्ष पर,वोडा-आइडिया और एयरटेल पिछड़े


नई दिल्ली। वैश्विक महामारी (कोविड-19) की वजह से किया गया लॉकडाउन देश की दूरसंचार क्षेत्र की दिग्गज कंपनियों वोडा-आइडिया और एयरटेल पर बहुत भारी पड़ा है। मार्च-अप्रैल के दौरान रिलायंस जियो ही एकमात्र मोबाइल प्रदाता कंपनी रही जिसके साथ नये ग्राहक जुड़े जबकि एयरटेल और वोडा-आइडिया के करीब पौने दो करोड़ ग्राहकों ने उनकी सेवायें छोड़ दीं। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) के मार्च-अप्रैल के आंकड़ो के आधार पर रिलायंस जियो ने इस दौरान लगभग 63 लाख ग्राहक और जोड़कर अपनी नंबर एक की स्थिति को और मजबूत कर दोनों कंपनियों को काफी पीछे धकेल दिया है। लॉकडाउन का असर अप्रैल में सरकारी कंपनी बीएसएनएल भी नहीं झेल पाई और उसके 20,053 ग्राहक कम हुए। हालांकि कंपनी के साथ मार्च में 95,428 ग्राहक जुड़े थे। लॉकडाउन का सबसे तगड़ा झटका वोडा-आइडिया को लगा है। दो माह के दौरान कंपनी के एक करोड़ आठ लाख 70 हजार से अधिक ग्राहकों ने सेवा छोड़ दी। समान अवधि में एयरटेल के 65 लाख 31 हजार से अधिक उपभोक्ता टूट गए। ट्राई के आंकड़े बताते हैं कि लॉकडाउन दूरसंचार उद्योग पर भारी गुजरा । कुल मिलाकर मार्च, अप्रैल में एक करोड़ 10 लाख से अधिक ग्राहक घटे । इसका मतलब देश में मोबाइल सिम इस्तेमाल करने वालों की संख्या में कमी दर्ज की गई है। जहां इस वर्ष फरवरी के अंत में 116 करोड़ पांच लाख के करीब ग्राहक मोबाइल वायरलेस सर्विस का इस्तेमाल कर रहे थे वहीं अप्रैल अंत में इनकी संख्या घटकर 114 करोड़ 95 लाख के करीब रह गई। अप्रैल में जियो ही एकमात्र कंपनी रही जिसके नये ग्राहक बने। हालांकि मार्च की तुलना में यह संख्या कम 15 लाख 75 हजार 333 ग्राहक थी। इन्हें मिलाकर जियो ने 38 करोड 90 लाख 92 हजार 136 उपभोक्ताओं और 33.85 बाजार हिस्से के साथ पहले नंबर पर अपने को और मजबूत किया। दूसरे नंबर की एयरटेल से जियो के छह करोड 66 लाख 49 हजार 37 ग्राहक अधिक हैं। भारती एयरटेल ने अप्रैल में सर्वाधिक 52 लाख 69 हजार 882 ग्राहक खोये और कुल 32 करोड़ 25 लाख 43 हजार 99 उपभोक्ताओं यानी 28.06 फीसदी शेयर के साथ दूसरे नंबर पर रही।
तीसरे नंबर की वोडाफोन आइडिया को अप्रैल में भी तगड़ा झटका लगा।उसके 45 लाख 16 हजार 866 ग्राहक टूटे और 31 करोड 46 लाख 51 हजार 748 उपभोक्ता और 27.07 प्रतिशत बाजार हिस्सा रह गया। कंपनी को मार्च में इससे भी तगड़ा झटका लगा था और उसके 63 लाख 53 हजार 200 ग्राहक कम हुए। बीएसएनएल 10.43 प्रतिशत बाजार शेयर अर्थात 11 करोड़ 97 लाख 60 हजार 55 ग्राहकों के साथ चौथे नंबर पर रही। बीएसएनएल के साथ मार्च में कुल 95428 ग्राहक जुड़े थे जबकि अप्रैल में उसने भी बीस हजार 53 ग्राहक खोये। प्रशासनिक दृष्टि से ट्राई ने देश को 22 सर्किल में बांटा हुआ है। अप्रैल माह में 22 में से 21 सर्किल्स में ग्राहकों की संख्या घट गई। उत्तर प्रदेश पूर्व ही एकमात्र सर्किल रहा जहां नये मोबाइल उपभोक्ताओं की संख्या बढ़ी है। अप्रैल में महाराष्ट्र, बिहार और गुजरात में 10 लाख से अधिक ग्राहक कम हुए। वहीं दिल्ली राजस्थान, आंध्र और कर्नाटक भी सर्वाधिक ग्राहक खोने वालों में शामिल हैं। वहीं मार्च माह में 18 सर्किल में ग्राहक कम हुए। पं बंगाल, राजस्थान, तमिलनाडु और यूपी पश्चिम में सबसे अधिक ग्राहक कम हुए।
रिलायंस जियो पांच सितंबर 2016 को दूरसंचार क्षेत्र में उतरी थी और चार वर्ष से ही कम समय में यह नंबर एक कंपनी बन गई है। आक्रामक नीति बनाकर अपने प्रतिद्वंदी को पीछे छोडऩे में माहिर मुकेश अंबानी ने रिलायंस इंडस्ट्रीज की 43 वीं आम बैठक में अगले तीन साल में जियो के ग्राहक पचास करोड़ रखा है। उनकी नजर 35 करोड 2जी ग्राहक में से अधिक से अधिक अपने साथ जोडऩे की है और इसी रणनीति पर आगे बढऩे के लिए वह 4जी और आने वाली 5जी सेवा के लिये सस्ते स्मार्टफोन फोन बनाने की दिशा में आगे बढ़ते हुए गूगल समेत विश्व की कई अन्य जानी मानी कंपनियों को जियो प्लेटफॉम्र्स के मंच पर एकसाथ ले आए हैं।

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