शनिवार, 6 जून 2020

प्रवासी श्रमिकों को कौशल आधारित रोजगार मुहैया कराने हो रही उनकी स्किल मैपिंग


क्वारेंटाईन सेंटरों में बच्चों और गर्भवती महिलाओं को दिया जा रहा रेडी-टू-ईट

रायपुर। छत्तीसगढ़ में देश के विभिन्न राज्यों से वापस आ रहे श्रमिकों को क्वारेंटाईन सेंटरों में रखा जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के निर्देशन पर श्रमिकों को उनके हुनर के अनुरूप रोजगार से जोडऩे के लिए उनकी स्किल मैपिंग भी की जा रही है। साथ ही क्वारेंटाईन सेंटरों में रह रही गर्भवती महिलाओं और बच्चों को रेडी-टू-ईट की व्यवस्था महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा की जा रही है। जगदलपुर के क्वारेंटाईन सेंटर में लोगों को रेडी-टू-ईट के साथ अण्डा का भी वितरण किया गया इसमें 21 गर्भवती माता, 7 शिशुवती माता, 47 बच्चे शामिल हैं। इसके अलावा 86 महिलाओं को सेनिटरी पैड का वितरण किया गया।
जिला प्रशासन द्वारा जिले में वापस आ रहे श्रमिकों को स्किल मैपिंग कर उनके स्किल के आधार पर उन्हें रोजगार से जोडऩे के लिए समिति का गठन किया गया है। जिले के सातों विकासखण्ड में संचालित क्वारेंटाईन सेंटरों में 4 हजार 933 श्रमिक वापस आए हैं, जिनकी स्किल मैपिंग किया गया, जिसमें 2122 मजदूर, 269 इलेक्ट्रीशियन, 133 मेशन, 64 ड्राइवर, 87 हैण्डपम्प मेकेनिक, 47 कारपेंटर, 172 आईल पैकिंग, 593 कृषि कार्य में दक्ष श्रमिक सहित रसोईया, पेंटर, लोहार, सिलाई, वेल्डिंग, रिसेप्शनिस्ट कार्य में स्किल रखते हैं। इन श्रमिकों को उनके स्किल के आधार पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास जिला प्रशासन कर रहा है। कलेक्टर श्री रजत बंसल ने जिले के सभी जनपद सीईओ को निर्देश दिए हैं कि उनके जनपद क्षेत्र के क्वारेंटाईन सेंटर में रह रहे और रह चुके आगन्तुकों का नियमानुसार जॉब कार्ड बनाने का काम किया जाए। साथ ही क्वारेंटाईन सेंटर के परिसर के आस-पास मनरेगा के काम चिन्हाकित कर तत्काल स्वीकृत करवाने के निर्देश दिए हैं।
छत्तीसगढ़ शासन द्वारा कोरोना संक्रमण से बचाव हेतु प्रवासी श्रमिकों और व्यक्तियों के लिए जिला और पंचायत स्तर पर क्वारेंटाईन सेंटर संचालित किए जा रहे हैं। जहां राज्य शासन के निर्देशानुसार जिला प्रशासन ने उनके ठहरने, भोजन, पेयजल, चिकित्सा, साफ-सफाई आदि व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। इन सेंटरों में गर्भवती महिलाओं, बच्चों और वृद्धजनों की देखभाल के लिए उनके स्वास्थ्य जांच के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। इन व्यवस्थाओं के लिए पंचायतों को 14वें वित्त आयोग और मुख्यमंत्री सहायता कोष से आवश्यक राशि मुहैया कराई गई है।
बस्तर जिला प्रशासन द्वारा सातों विकासखण्डों और नगर पंचायत बस्तर में 451 क्वारेंटाईन सेंटर बनाये गए हैं। क्वारेंटाईन सेंटरों में जनपद दरभा में 49, जनपद बास्तानार में 37, जनपद लोहण्डीगुड़ा में 40, जगदलपुर में 72, जनपद तोकापाल में 34, जनपद बकावंड में 130, जनपद बस्तर में 88 और नगर पंचातय बस्तर में 1 सेंटर  बनाया गया है। प्रशासन  द्वारा क्वारेंटाईन सेंटर में रह रहे सभी व्यक्तियों का समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण करवाया जा रहा है। आयुष विभाग के द्वारा इन केंद्रों में रह रहे लोगों को रोग प्रतिरोधक दवाई के साथ-साथ ही स्वास्थ्यवर्धक  काढ़ा का सेवन भी करवाया जा रहा है। सेंटरो में मानसिक तनाव को कम करने के लिए सुबह-सुबह योगासन भी करवाया जा रहा है

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