सोमवार, 29 जून 2020

केजरीवाल से केंद्र से मिली मदद की फिर की तारीफ


नई दिल्ली। दिल्ली में कोरोना वायरस की बेकाबू होती स्थिति को संभालने में सोमवार को एक बार फिर केंद्र से मिली मदद की तारीफ करते हुए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के 31 जुलाई तक 5.5 लाख संक्रमण मामले वाले बयान का बचाव किया और कहा कि यह आशंका केंद्र के फार्मूले के आधार पर ही जताई गई थी। श्री सिसोदिया के बयान के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 14 जून को दिल्ली की कमान स्वयं संभाली और ताबड़तोड़ बैठकें कर कई फैसले लिए। श्री केजरीवाल ने आज एक टेलीविजन चैनल से बातचीत में राजधानी में कोविड-19 के बढ़ते मामलों के बीच श्री शाह के सक्रिय होने पर कहा कि केंद्र और सभी एजेंसियां मिलकर कोरोना संक्रमण को नियंत्रित करने पर काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र से कोरोना जांच के लिए मदद मांगी। मुख्यमंत्री ने कहा, " कोई भी सरकार अकेले कोरोना वायरस से नहीं लड़ सकती है। अमेरिका जैसा देश विफल रहा है। इसलिए हमें राजनीति एकतरफ रखकर एक साथ लडऩा होगा। श्री केजरीवाल ने यह भी कहा," मुझे कोई श्रेय नहीं चाहिए, सारे अच्छे काम का श्रेय उनका और सारी कमियों की जिम्मेदारी मेरी। यह समय राजनीति का नहीं बल्कि लोगों की जान बचाने का है।
श्री सिसोदिया के 31 जुलाई तक राज्य में 5.5 लाख कोरोना के मामले होने के बयान पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अनुमान केंद्र के फॉम्र्युले से ही निकला गया था। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने जो वेबसाइट दी है उसमें राज्य सरकारें अपने डेटा डालती हैं। इससे जो हमें डेटा मिला उसी के आधार पर श्री सिसोदिया ने आशंका जताई थी। पहले 30 जून तक एक लाख मामल़ों की आशंका थी और और 15 हजार बेड की जरूरत पड़ती किंतु अब सिर्फ 27 हजार ही सक्रिय मामले हैं। गृह मंत्री ने श्री सिसोदिया पर रविवार को निशाना साधते हुए कहा था कि उनके बयान की वजह से राजधानी में कोरोना को लेकर भय की स्थिति बनी। श्री शाह ने कहा कि श्री सिसोदिया ने 31 जुलाई तक 5.50 लाख मामले पहुंचने की बात कही थी। उन्होंने कहा हम दिल्ली में कोरोना से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। रविवार तक दिल्ली में कोरोना के कुल 83077 मामले सामने आ चुके हैं और 2623 की वायरस ने जान ले ली है। कोरोना के मामले में देश में दिल्ली दूसरे स्थान पर है।

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