बुधवार, 4 मार्च 2020

उनादकट ने सौराष्ट्र को फाइनल में पहुंचाया


राजकोट। कप्तान और बाएं हाथ के तेज गेंदबाज जयदेव उनादकट (56 रन पर सात विकेट) की घातक गेंदबाजी के दम पर सौराष्ट्र ने गुजरात को पांचवें और अंतिम दिन बुधवार को 92 रन से हराकर लगातार दूसरे वर्ष रणजी ट्रॉफी प्रतियोगिता के फाइनल में प्रवेश कर लिया जहां उसका मुकाबला 13 साल बाद फाइनल में पहुंचे बंगाल से नौ मार्च से राजकोट में होगा। सौराष्ट्र ने रणजी ट्राफी सेमीफाइनल में गुजरात के सामने 327 रन का मुश्किल लक्ष्य रखा था और गुजरात ने सुबह एक विकेट पर सात रन अपनी पारी को आगे बढ़ाया। उसे मैच के अंतिम दिन जीत के लिए 320 रन की जरुरत है। पहले दो सत्रों में रोमांचक मुकाबला हुआ लेकिन उनादकट ने अंतिम सत्र में गुजरात को समेट दिया। उनादकट ने 3.2 ओवर की घातक गेंदबाजी में चार विकेट निकाल कर गुजरात की उम्मीदों को ध्वस्त कर दिया। गुजरात की टीम पांच विकेट पर 221 रन से 234 रन पर सिमट गयी। उनादकट ने 22.2 ओवर में 56 रन पर सात विकेट लिए और मैच में 10 विकेट भी पूरे किये। उन्होंने पहली पारी में 86 रन पर तीन विकेट लिए थे। सौराष्ट्र की दूसरी पारी में 139 रन बनाने वाले अर्पित वास्वदा को प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार मिला। वास्वदा ने यह पारी ऐसे समय खेली थी जब सौराष्ट्र ने अपने पांच विकेट मात्र 15 रन पर गंवा दिए थे। उनकी इस पारी से सौराष्ट्र दूसरी पारी में 274 रन तक पहुंच सका और गुजरात के सामने चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रख सका।
सौराष्ट्र पिछले आठ सत्रों में चौथी बार फाइनल में पहुंचा है। फाइनल की उसकी विपक्षी टीम बंगाल 13 साल के लम्बे अंतराल के बाद फाइनल में पहुंची है, हालांकि यह बंगाल का ओवरआल 14वां फाइनल है। बाएं हाथ के तेज गेंदबाज उनादकट ने इस सत्र में अपने विकेटों की संख्या 65 पहुंचा दी है और किसी तेज गेंदबाज के एक रणजी सत्र में यह सर्वाधिक विकेट हैं। उन्होंने डोडा गणेश के 1998-99 के 62 विकेट के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा। उनादकट ने लेफ्ट आर्म स्पिनर बिशन सिंह बेदी के एक सत्र में 64 विकेट लेने को पीछे छोड़ा और आल टाइम सूची में दूसरे स्थान पर पहुंच गए।एक रणजी सत्र में सर्वाधिक विकेट लेने का रिकॉर्ड आशुतोष अमन के नाम है जो पिछले सत्र में बिहार के लिए प्लेट ग्रुप में खेले थे और उन्होंने 68 विकेट लेकर बेदी का रिकॉर्ड तोड़ा था। उनादकट के 65 विकेट एलीट ग्रुप में किसी गेंदबाज के सर्वाधिक विकेट हैं और अब उनके पास फाइनल में आशुतोष अमन को पीछे छोडऩे का मौका रहेगा।
गुजरात को सुबह पहले सत्र लगातार झटके लगे और उसका स्कोर पांच विकेट पर 63 रन हो गया। उनादकट ने समित गोहेल (5) और ध्रुव रावल (5) को आउट किया जबकि प्रेरक मांकड ने भार्गव मेरई (14) और चिराग जानी ने रुजूल भट्ट (1) को पवेलियन भेजा। पांच विकेट गिर जाने के बाद कप्तान पार्थिव पटेल और चिराग गांधी ने मोर्चा संभाला और सौराष्ट्र पर जवाबी हमला बोल दिया। दोनों ने छठे विकेट के लिए 158 रन की साझेदारी कर डाली। लेकिन उनादकट ने पटेल को आउट कर जैसे ही इस साझेदारी को तोड़ा गुजरात को समर्पण करने में ज्यादा समय नहीं लगा। पार्थिव 148 गेंदों में 13 चौकों की मदद से 93 रन बनाकर टीम के 221 के स्कोर पर आउट हुए। उनादकट ने अगली गेंद पर अक्षर पटेल का भी शिकार कर लिया। धर्मेंद्रसिंह जडेजा ने रश कलारिया (1) को आउट किया। जडेजा ने गांधी को बोल्ड कर उन्हें भी शतक से वंचित कर दिया। गांधी ने 139 गेंदों में 16 चौकों की मदद से 96 रन बनाये। उनादकट ने अर्जन नागवसवाला को आउट कर गुजरात की पारी 234 रन पर समेट दी। उनादकट के सात विकेट के अलावा जडेजा, जानी और मांकड ने एक-एक विकेट लिया।

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