मैं पाकिस्तानी और मुस्लिम हूं इसलिए...; ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर ने गंभीर आरोप लगाते हुए रिटायरमेंट की घोषणा की...


नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट में आज बड़ी हलचल मची हुई है। नस्लीय भेदभाव का आरोप लगाते हुए, ओपनिंग बैट्समैन उस्मान ख्वाजा ने इंटरनेशनल क्रिकेट से ऑफिशियली रिटायरमेंट की घोषणा कर दी है। उन्होंने कहा है कि 4 जनवरी से सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर इंग्लैंड के खिलाफ शुरू होने वाला पांचवां एशेज टेस्ट उनके करियर का आखिरी मैच होगा। उस्मान ख्वाजा ने 2011 में सिडनी के इसी मैदान पर इंग्लैंड के खिलाफ अपना टेस्ट डेब्यू किया था। अब, 15 साल बाद, वह उसी मैदान पर और उसी विरोधी टीम के खिलाफ अपना आखिरी मैच खेलेंगे। रिपोर्टर्स से बात करते हुए ख्वाजा ने कहा, "क्रिकेट ने मुझे उससे कहीं ज़्यादा दिया है जितना मैंने सोचा भी नहीं था। अपने होम ग्राउंड पर रिटायर होने से बड़ी कोई खुशी नहीं है।


नस्लवाद का आरोप क्या है...

उस्मान ख्वाजा ऑस्ट्रेलियाई नेशनल टीम के लिए खेलने वाले पहले पाकिस्तानी मूल के मुस्लिम क्रिकेटर बने। ख्वाजा ने आरोप लगाया है कि क्रिकेट खेलते समय उन्हें बहुत परेशान किया गया क्योंकि वह पाकिस्तानी और मुस्लिम हैं। ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज उस्मान ख्वाजा, जिन्होंने इंटरनेशनल क्रिकेट से रिटायरमेंट की घोषणा की, ने ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट मैनेजमेंट और मीडिया में नस्लवाद पर जमकर निशाना साधा, कहा, "मेरे पूरे करियर में, मेरी पाकिस्तानी और मुस्लिम पहचान के कारण मेरे साथ अलग तरह का व्यवहार किया गया। सिडनी टेस्ट से पहले ख्वाजा के आरोपों से क्रिकेट की दुनिया में हलचल मच गई है।


ख्वाजा ने कहा कि जब भी वह खराब फॉर्म में होते थे या चोटिल होते थे, तो उन्हें 'आलसीÓ और 'स्वार्थीÓ कहा जाता था। ख्वाजा ने कहा, पाकिस्तानी या वेस्ट इंडीज के खिलाडिय़ों को अक्सर टीम के हितों की परवाह न करने और कड़ी मेहनत न करने वाला दिखाया जाता है। मैंने यह सब अपनी पूरी जि़ंदगी झेला है। ख्वाजा ने पूर्व ऑस्ट्रेलियाई खिलाडिय़ों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, अगर मैं मैच से पहले गोल्फ खेलता और चोटिल हो जाता, तो मेरी बुराई होती थी। लेकिन ऐसे दर्जनों खिलाड़ी हैं जो मैच से पहले गोल्फ खेलते हैं और चोटिल हो जाते हैं, लेकिन कोई उनसे सवाल नहीं पूछता। कई खिलाड़ी मैच से पहले 15-15 बीयर पीते हैं, लेकिन उन्हें 'ऑस्ट्रेलियन लैरिकिन्सÓ (मस्ती पसंद करने वाले ऑस्ट्रेलियाई) कहकर खारिज कर दिया जाता है। लेकिन मुझे निशाना बनाया गया।


टेस्ट परफॉर्मेंस

87 टेस्ट मैचों में, उन्होंने 43.39 की औसत से 6206 रन बनाए हैं, जिसमें 16 शतक शामिल हैं। 2023 में, ख्वाजा को 'आईसीसी मेन्स टेस्ट क्रिकेटर ऑफ़ द ईयरÓ अवॉर्ड दिया गया। उन्होंने वल्र्ड टेस्ट चैंपियनशिप जीतने में भी अहम रोल निभाया।


रिटायरमेंट का क्या कारण है?

ख्वाजा अभी चल रही एशेज सीरीज़ में उम्मीद के मुताबिक फॉर्म हासिल नहीं कर पाए। साथ ही, क्योंकि ऑस्ट्रेलिया का अगला टेस्ट टूर अगस्त में (बांग्लादेश के खिलाफ) है, तब तक ख्वाजा 39 साल के हो जाएंगे। माना जा रहा है कि उन्होंने अपनी बढ़ती उम्र और टीम में हो रहे बदलावों को ध्यान में रखते हुए सही समय पर रिटायरमेंट का फैसला किया है।

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