अर्थव्यवस्था की स्थिति पर वक्तव्य दें मोदी: कांग्रेस - npnews.co.in

Breaking

Home Top Ad

Responsive Ads Here

Post Top Ad

Responsive Ads Here

Thursday, 12 March 2020

अर्थव्यवस्था की स्थिति पर वक्तव्य दें मोदी: कांग्रेस

नई दिल्ली। कांग्रेस ने कहा है कि शेयर बाजार में निवेशकों के 18 लाख करोड़ रुपए डूब गये हैं, रुपया रिकार्ड निचले स्तर पर आ गया हैं और अर्थव्यवस्था बदहाल हो गयी है लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण चुप्पी साधे हुए हैं। कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख रणदीप सिंह सुरजेवाला ने गुरुवार को यहां संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से कहा कि देश की अर्थव्यवस्था बदहाल हो गयी लेकिन आश्चर्य की बात यह है कि श्री मोदी और श्रीमती सीतारमण इस बारे में मौन साधे हैं।
उन्होंने कहा कि शेयर बाजार आज 2700 अंक गिर गया और निवेशकों का 11 लाख करोड़ रुपया डूब गया। आजादी के बाद देश के निवेशकों के लिए यह सबसे काला दिन है। शेयर बाजार में इस गिरावट का सीधा नुकसान उन छोटे छोटे निवेशकों को होगा जिनका पैसा बाजार में लगा है। दो दिन पहले बाजार 2400 अंक गिरा और तब निवेशकों का बाजार में सात लाख करोड़ रुपए डूबा था। प्रवक्ता ने कहा कि रुपया आज सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है। डालर के मुकाबले रुपये में यह रिकार्ड गिरावट है। सार्वजनिक क्षेत्र के भारतीय स्टेट बैंक में 44 करोड 51 लाख खाता धारकों के बचत बैंक खाते पर ब्याज 3.5 फीसदी से घटाकर तीन प्रतिशत कर दिया है। इससे आम खाता धारकों को 2700 करोड़ रुपए सालाना का नुकसान होगा। उनका आरोप था कि इस पैसे से एसबीआई को येस बैंक को खरीदना है। येस बैंक से श्री मोदी के करीबी लोगों को ऋण दिया गया जो डूब गया है। उसकी भरपाई जनता के पैसे से करने की तैयारी है। उन्होंने कहा कि आश्चर्य यह है कि पेट्रोल और डीजल के दाम सरकार नहीं घटा रही है जबकि कच्चा तेल अंतरराष्ट्रीय बाजार में 32 डालर से 35 डलर प्रति बैरल है। उन्होंने कहा कि नवंबर 2004 में कच्चे तेल की कीमत 35 डालर प्रति बैरल थी तो उस समय देश में पेट्रोल का दाम 35.85 पैसा प्रति लीटर था लेकिन आज पेट्रोल 70.79 प्रति लीटर है। आम उपभोक्ताओं को नुकसान हो रहा हैं। इसी तरह से 2004 में डीजल 26.28 पैसा था जो आज 65 रुपए हो गया है। यानी सरकार 38.79 अपनी जेब में डाल रही हैं।

No comments:

Post a Comment

Post Bottom Ad

Responsive Ads Here

Pages