बुधवार, 4 मार्च 2020

एयर इंडिया की शत-प्रतिशत हिस्सेदारी खरीद सकेंगे एनआरआई

नई दिल्ली। ऋण के बोझ तले दबी सरकारी विमान सेवा कंपनी एयर इंडिया की बिक्री प्रक्रिया के तहत प्रवासी भारतीय बोलीदाताओं को शत-प्रतिशत हिस्सेदारी के लिए बोली लगाने की सरकार ने अनुमति दे दी है। इसके लिए प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) नीति में बदलाव को आज मंत्रिमंडल ने मंजूरी प्रदान कर दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में यहाँ हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में एफडीआई नीति में बदलाव की मंजूरी दी गयी। सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बैठक के बाद संवाददाताओं को बताया कि विदेशों में रहने वाले प्रवासी भारतीय नागरिक एयर इंडिया की बिक्री प्रक्रिया के तहत स्वानुमति से शत-प्रतिशत विनिवेश कर सकेंगे। एफडीआई नीति के तहत अब तक विमानन क्षेत्र में स्वानुमति से सिर्फ 49 प्रतिशत विदेशी निवेश की ही अनुमति थी जबकि इससे ज्यादा विदेशी निवेश के लिए सरकार की मंजूरी जरूरी थी। इसमें यह भी शर्त थी कि किसी भी भारतीय विमान सेवा कंपनी का नियंत्रण किसी भारतीय के पास ही रहेगा। हालाँकि एयर इंडिया के लिए किसी भी स्थिति में विदेशी निवेश 49 प्रतिशत से ज्यादा नहीं हो सकती थी।

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