शनिवार, 7 मार्च 2020

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर इतिहास बनाने उतरेगी भारतीय टीम

मेलबोर्न। आईसीसी महिला टी-20 विश्वकप टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंच कर पहले ही इतिहास रच चुकी भारतीय महिला क्रिकेट टीम सुपर संडे को गत चैंपियन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होने वाले खिताबी मुकाबले में नया इतिहास रचने के मजबूत इरादे से उतरेगी। रविवार को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस भी है और भारतीय टीम इस दिन को खिताबी जीत के साथ यादगार मनाना चाहेगी। यही स्थिति विश्व की नंबर एक टीम, गत चैंपियन और मेजबान ऑस्ट्रेलिया की है जो अपने दर्शकों के सामने अपना खिताब बचाना चाहेगी लेकिन उसके सामने वह भारतीय टीम है जिसने उसे पहले मुकाबले में 17 रन से पराजित किया था।ब भारत ने उसका सेमीफाइनल मुकाबला बारिश के कारण रद्द होने से बिना कोई गेंद खेले फ़ाइनल में जगह बनाई थी जबकि ऑस्ट्रेलिया ने दक्षिण अफ्रीका को वर्षा बाधित मुकाबले में डकवर्थ लुइस नियम के तहत पांच रन से हराकर खिताबी मुकाबले में प्रवेश किया था। फाइनल में बारिश का कोई खतरा नहीं है लेकिन यदि बारिश होती है तो फाइनल के लिए रिज़र्व डे रखा गया है। यदि रिज़र्व डे के दिन खेल पूरी तरह धुल जाता है तो दोनों टीमों को संयुक्त रूप से विजेता घोषित किया जाएगा। इस मुकाबले को देखने के लिए मेलबोर्न स्टेडियम हॉउसफुल रहेगा और टिकट की मांग को पूरा करने के लिए आईसीसी ने अतिरिक्त टिकट जारी किये हैं। मेलबोर्न मैदान ने इससे पहले 1988 में महिला वनडे विश्व कप का फाइनल आयोजित किया था जिसे ऑस्ट्रेलिया ने 3000 दर्शकों के सामने इंग्लैंड को हराकर जीता था। लेकिन इस बार फाइनल में लगभग एक लाख दर्शकों के मौजूद रहने की उम्मीद है।
भारतीय महिला टीम का ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टी-20 में शुरूआती रिकॉर्ड खराब था लेकिन पिछले कई मैचों और इस विश्व कप के अपने पहले मैच में भारत ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया है। ऑस्ट्रेलिया ने भारत से अपने पहले सभी सात टी-20 मुकाबले जीते थे जबकि भारत ने पिछले 12 में से छह मुकाबले और पिछले पांच में से तीन मुकाबले जीते हैं। फाइनल की पूर्वसंध्या पर भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने कहा, "हम 90 हजार से ज्यादा दर्शकों के सामने फाइनल खेलने जा रहे हैं और यह अहसास ही हमें रोमांचित किये जा रहा है। हमारे लिए यह एक बड़ा क्षण है लेकिन हमें इस अहसास को खुद पर हावी नहीं होने देना है और सिर्फ अपने खेल पर ध्यान केंद्रित वैसा प्रदर्शन करना है जो हम अब तक टूर्नामेंट में करते आये हैं। भारतीय कप्तान हरमनप्रीत के पास इस फाइनल में दिग्गज कप्तानों कपिल देव और महेंद्र सिंह धोनी की श्रेणी में शुमार होने का शानदार मौका है। हरमनप्रीत यदि रविवार को मेलबोर्न में ट्रॉफी उठाने में कामयाब होती है तो वह क्रिकेट विश्व कप जीतने वाली भारत की तीसरी कप्तान बन जाएंगी। कपिल की कप्तानी में भारतीय पुरुष टीम ने वर्ष 1983 में वेस्ट इंडीज को हराकर पहली बार विश्व खिताब जीता था। वर्ष 2007 में आयोजित पहले पुरुष टी-20 विश्व कप में धोनी की कप्तानी में भारत ने पाकिस्तान को हराकर खिताब जीता था। धोनी की कप्तानी में ही भारत ने 2011 में श्रीलंका को हरा कर 28 साल के लम्बे अंतराल के बाद एकदिवसीय विश्व कप जीता था।
भारतीय महिला टीम 2005 में दक्षिण अफ्रीका के सेंचुरियन में एकदिवसीय विश्व कप के फ़ाइनल में ऑस्ट्रेलिया से 98 रन से पराजित हो गयी थी। उस समय भारत की कप्तान मिताली राज थी। मिताली की ही कप्तानी में भारतीय टीम 2017 में इंग्लैंड में हुए एकदिवसीय विश्व कप के फ़ाइनल में पहुंची थी जहां उसे इंग्लैंड से हार का सामना करना पड़ा था। भारत पिछले टी-20 विश्व कप के सेमीफाइनल में इंग्लैंड से हारा था। हरमनप्रीत ने 2017 के एकदिवसीय विश्व कप के सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ नाबाद 171 रन की तूफानी पारी खेलकर भारत को जीत दिलाई थी। हरमनप्रीत ने अपनी करिश्माई पारी में 115 गेंदों पर नाबाद 171 रन में 20 चौके और सात छक्के लगाए थे। हरमनप्रीत का मौजूदा टूर्नामेंट में बल्ले के लिहाज से निराशाजनक प्रदर्शन रहा है और वह चार मैचों में 2,8,1 और 15 रन बना पायी है लेकिन भारतीय टीम को उम्मीद रहेगी कि उसकी कप्तान फ़ाइनल में विस्फोटक बल्लेबाजी करें और टीम को चैम्पियन बनाएं।
फाइनल मुकाबले में भारत की उम्मीदों का दारोमदार दुनिया की नंबर एक टी-20 बल्लेबाज 16 साल की शेफाली वर्मा पर निर्भर करेगा। शेफाली ने चार मैचों में 161.00 के स्ट्राइक रेट से 161 रन बनाये हैं। उनकी विस्फोटक बल्लेबाजी ने ही भारत को फाइनल में पहुंचाया है। वह दो बार प्लेयर ऑफ द मैच बन चुकी हैं। शेफाली ने चार मैचों में 29, 39, 46 और 47 रन की मैच विजयी पारियां खेली हैं। हर मैच के साथ उनका ग्राफ लगातार ऊंचा होता चला जा रहा है और आज वह विश्व रैंकिंग में नंबर एक बल्लेबाज बन चुकी हैं। भारतीय महिला टीम को अपने स्पिनरों से भी खासी उम्मीदें रहेंगी जिन्होंने इस टूर्नामेंट में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है। लेग स्पिनर पूनम यादव टूर्नामेंट में अब तक सर्वाधिक नौ विकेट ले चुकी हैं। मध्यम तेज गेंदबाज शिखा पांडेय ने सात विकेट लिए हैं जबकि लेफ्ट आर्म स्पिनर राधा यादव ने पांच और लेफ्ट आर्म स्पिनर राजेश्वरी गायकवाड ने पांच विकेट लिए हैं। ऑस्ट्रेलिया की तरफ से मेगन शट ने भी पांच मैचों में नौ विकेट लिए हैं जबकि जैस जोनासन पांच मैचों में सात विकेट ले चुकी हैं। बल्लेबाजी में ऑस्ट्रेलिया की बेथ मूनी पांच मैचों में 181 रन बना चुकी हैं और एलिसा हीली ने 161 रन बनाये हैं। फाइनल काफी संघर्षपूर्ण रहने की उम्मीद है। स्टेडियम हॉउसफुल रहेगा और ऑस्ट्रेलियाई टीम को अपने दर्शकों के समर्थन का पूरा फायदा मिलेगा जबकि भारतीय टीम का मनोबल बढ़ाने के लिए भारतीय दर्शक भी मौजूद रहेंगे। भारतीय महिला टीम को नया इतिहास रचना है और हरमनप्रीत की टीम इस मौके को चूकना नहीं चाहेगी।

0 comments:

एक टिप्पणी भेजें

Top Ad 728x90