मंगलवार, 31 मार्च 2020

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खतरे की घंटी: एक ही राज्य से 1000 लोग आए थे मरकज में, देशभर में ऐसे 2100 से ज्यादा लोगों की पहचान



नई दिल्ली। निजामुद्दीन में तबलीगी जमात के मरकज में हिस्सा लेने वाले 8 लोगों की कोरोना वायरस से मौत के बाद से ही देश के उन तमाम राज्यों में हड़कंप मचा हुआ है, जहां से लोग जमात के लिए मध्य मार्च में दिल्ली पहुंचे थे। अब तक 2100 से ज्यादा ऐसे लोगों की पहचान की जा चुकी है, जो मरकज में आए थे। तेलंगाना सरकार का अनुमान है कि सूबे से करीब 1000 लोगों ने निजामुद्दीन में जमात में हिस्सा लिया था। इसी तरह हिमाचल प्रदेश सरकार ने ऐसे 17 लोगों को चिह्नित किया है। यूपी में भी कम से कम 19 जिलों से लोग जमात में हिस्सा लेने आए थे।


मंत्रालय के मुताबिक इस साल करीब 2100 विदेशी तबलीगी जमात के कार्यक्रमों में हिस्सा लेने के लिए भारत आए। इनमें इंडोनेशिया, मलेशिया, थाइलैंड, नेपाल, म्यांमार, बांग्लादेश, श्रीलंका, किर्गिस्तान जैसे देशों के लोग शामिल हैं। तबलीगी गतिविधियों में हिस्सा लेने के लिए भारत आने वाले विदेशी सबसे पहले आम तौर पर दिल्ली के निजामुद्दीन में बंगलेवाली मस्जिद स्थित तबलीगी मरकज को रिपोर्ट करते हैं। इसके बाद ही वे किसी दिगर मरकज का रुख करते हैं।

निजामुद्दीन में तबलीगी गतिविधि में हिस्सा लेने वाले 2,137 की पहचान

गृह मंत्रालय ने बताया कि 28 मार्च को ही केंद्र ने सभी राज्यों की पुलिस को कहा है कि वे तबलीगी जमात में हिस्सा लेने वाले लोगों की पहचान करें और उनकी मेडिकल जांच कर जरूरत पड़ने पर क्वारंटीन करे। मंत्रालय ने मंगलवार को बताया कि अब तक देशभर में ऐसे 2,137 लोगों की पहचान की जा चुकी है। इन लोगों की मेडिकल जांच की जा रही है और इन्हें क्वारंटीन में रखा गया है। गृह मंत्रालय के मुताबिक ऐसे अभी और लोगों की पहचान की जा रही है।

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