गुरुवार, 6 फ़रवरी 2020

साई में महिला एथलीटों की सुरक्षा को लेकर सरकार गंभीर :रिजिजू

नई दिल्ली। केंद्रीय खेल मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा है कि भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) के केंद्रों में महिला एथलीटों के साथ होने वाली यौन शोषण की घटनाओं को लेकर सरकार गंभीर है और इस तरह के मामलों को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
रिजिजू ने गुरुवार को कहा कि सरकार इस मामलों को काफी संवेदनशील है और यह समस्या केवल खेल ही बल्कि हर क्षेत्रों में देखने को मिल रही है और उन्होंने अपने मंत्रालय में सभी लंबित मामलों का निपटारा इस माह के अंत तक करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। हर महिला एथलीट की सुरक्षा को लेकर सरकार गंभीर है। उन्होंने कहा महिला खिलाडिय़ों को सुरक्षित माहौल देने के लिये हम हर संभव प्रयास कर रहे हैं और मौजूदा प्रणाली को मजबूत बनाया जा रहा है। खिलाड़ी भारत का भविष्य हैं उन्हें हर प्रकार से सुरक्षित रखना हमारी जिम्मेदारी है।  रिजिजू ने इससे पहले पिछले महीने एक बयान में कहा था,"साई केंद्रों में यौन शोषण कतई बर्दाश्त नहीं होगा। अभी तक जिन मामलों में जांच चल रही है उनमें तेज़ी लाई जाएगी। मैंने निर्देश दिया है कि सभी लंबित मामलों को अगले चार सप्ताह में निपटा दिया जाए। हमारे खिलाडिय़ों लड़के और लड़कियां दोनों को एक सुरक्षित माहौल देने के लिये हम हर संभव प्रयास कर रहे हैं और मौजूदा सिस्टम को मजबूत बना जा रहा है। जो खिलाड़ी देश का भविष्य हैं उन्हें हर प्रकार से सुरक्षित रखना हमारी जिम्मेदारी है।
उल्लेखनीय है कि साई में उपलब्ध 2011 से 2019 के रिकार्डों के अनुसार विभिन्न साई केंद्रों में यौन शौषण के 35 मामले सामने आये थे जिनमें से 27 मामले प्रशिक्षुओं ने अपने कोचों के खिलाफ लगाये थे। अब तक 14 लोगों को दोषी पाया गया और सजा दी गयी है। 15 मामलों में जांच जारी है जबकि अन्य मामलों में संबद्ध अदालत में आरोपियों को बरी कर दिया गया था या उनके खिलाफ आरोप साबित नहीं हो पाये थे। साई अपने विभिन्न केंद्रों में हर साल अलग अलग आयु वर्गों में 15 हजार से अधिक खिलाडिय़ों को ट्रेनिंग प्रदान करता है। खिलाडिय़ों को रहने, पढऩे और ट्रेनिंग के लिये सुरक्षित माहौल देने का साई का एक मजबूत सिस्टम है। साई के क्षेत्रीय केंद्र में आंतरिक शिकायत समिति है और अप्रैल 2019 से एक कॉल सेंटर भी संचालित हो रहा है जहां प्रशिक्षु सीधे अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। दिसंबर 2019 में कॉल सेंटर को 350 से अधिक शिकायतें मिली थीं। हर शिकायत पर तत्काल कदम उठाया जाता है ताकि किसी तरह का अपराध न दोहराया जा सके। 

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