गुरुवार, 26 दिसंबर 2019

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मुख्यमंत्री बघेल ने ख्यातिनाम लोकगायक स्वर्गीय मिथलेश साहू को अर्पित की भावभीनी श्रद्धांजलि

 बारूका पहुंचकर दशगात्र कार्यक्रम में शामिल हुए, मुख्यमंत्री ने शोक-संतप्त परिवार को बंधाया ढांढ़स

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज गरियाबंद जिले के ग्राम बारुका पहुंचकर राज्य के सुप्रसिद्ध लोकगायक स्वर्गीय मिथलेश साहू के दशगात्र कार्यक्रम में शामिल हुए और उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री बघेल ने स्वर्गीय साहू के परिवारजनों से मुलाकात कर अपनी गहरी शोक-संवेदना प्रकट की। इस अवसर पर उन्होंने उनकी माता श्रीमती मनटोरा बाई, धर्मपत्नी श्रीमती आशालता, पुत्र खुमन साहू एवं शोक-संतप्त परिवारजनों को ढांढस बंधाया। बघेल ने मंत्रीगणों के साथ श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। इस मौके पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत, गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू, कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे, अभनपुर विधायक धनेंद्र साहू, गुंडरदेही विधायक कुंवरसिंह निषाद एवं पूर्व सांसद चंदूलाल साहू मौजूद थे।  मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शोक-सभा में रूंधे गले से भावुक होकर स्वर्गीय साहू को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के जाने-माने लोकगायक मिथलेश जी पारिवारिक मित्र जैसे थे, अब हमारे बीच नहीं रहे, इस पर सहसा विश्वास करना कठिन है। उन्होंने कहा कि उनसे आखिरी मुलाकात दीवाली के मौके पर हुई थी। बघेल ने अत्यंत भावुक होकर कहा कि उनका निधन केवल उनके परिवार की नहीं बल्कि समाज और पूरे प्रदेश की क्षति है।
विधानसभा अध्यक्ष डॉं. चरणदास महंत ने कहा कि स्वर्गीय मिथलेश साहू का निधन अत्यंत दु:खद है। एक तरह से वे हम सबके परिवार के सदस्य के समान थे। कला के साथ-साथ समाज के लोगों के हित के बारे में भी सोचते थे। उन्होंने भगवान से उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे ने कहा कि साहू छत्तीसगढ़ी संस्कृति के सच्चे वाहक थे वर्तमान समय में उनकी अंत्यत आवश्यकता थी। गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने भी उनके जीवन के विभिन्न पहलुओं को याद कर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि राज्य की संस्कृति को जन-जन तक पहुंचाने में उनका योगदान भुलाया नहीं जा सकता। इस अवसर पर राज्य के सुप्रसिद्ध कलाकार भारती बंधु, कुलेश्वर ताम्रकार, श्रीमती कविता वासनिक, प्रेम चन्द्राकर, दीपक चंद्राकर, भूपेन्द्र साहू सहित अन्य लोक कलाकारों ने उनके सुमधुर गीत गाकर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधिगण और ग्रामीण बड़ी संख्या में मौजूद थे।

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