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सभी शिक्षकों को प्रणाम जिनकी वजह से आज मैं यहां हूं : राज्यपाल अनुसुईया उइके



  • सभी लोगों में शिक्षकों का विशिष्ट स्थान : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 
  • शिक्षक दिवस के अवसर पर शिक्षकों का हुआ सम्मान 


रायपुर । आज शिक्षक दिवस के अवसर पर आयोजित समारोह में राज्य के 48 शिक्षकों को सम्मानित किया गया है। इस अवसर पर राज्यपाल अनुसुईया उइके के साथ ही मुख्यमंत्री भूपेश बघेल विशेष रूप से उपस्थित थे।
शिक्षक दिवस समारोह के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में चार शिक्षकों को साहित्यकारों के नाम पर राज्य स्मृति पुरस्कार से 50 हजार रूपे की राशि और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मान किया गया।  44 शिक्षकों को राज्य शिक्षक सम्मान से 21 हजार रुपये और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर कार्यो के लिए प्रदेश की आठ उत्कृष्ट शालाओं को भी पुरस्कृत किया गया। उत्कृष्ट विद्यालय के रूप में प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक, हाई स्कूल और हायर सेकेण्डरी स्तर के दो-दो स्कूलों का चयन किया गया था। प्रत्येक प्राथमिक शाला को 10 हजार रूपए, पूर्व माध्यमिक और हाई स्कूल को 15-15 हजार और हायर सेकेण्डरी स्कूल को 25 हजार रूपए का पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर राज्यपाल अनसुईया उइके ने कहा कि जिन शिक्षकों का सम्मान किया गया उनको बधाई देती हूं। जिन शिक्षकों से मैंने शिक्षा ली जिनकी वजह से मैं इस मुकाम पर पहुंची हूं, उन तमाम शिक्षकों को प्रणाम और नमन करती हूं। किसी भी देश और समाज के शिक्षक की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। शिक्षक भावी पीढ़ी को तैयार करते हैं। सीएम भूपेश बघेल ने पूर्व राष्ट्रपति डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन को याद करते हुए कहा कि मैं उनके योगदान और भारत निर्माण में उनके सहयोग के लिए उन्हें नमन करता हूं। उनकी भूमिका हमेशा महत्वपूर्ण रही है। उन्होंने कहा कि जब राधाकृष्णन से पूछा गया कि वह किस रूप में जाना जाना चाहते हैं उन्होंने कहा था-शिक्षक के रूप में मुझे याद किया जाए। उन्होंने कहा कि बच्चे कच्ची मिट्टी की तरह होता है, जिसे शिक्षक ही गढ़ता है। सभी लोगों में शिक्षक का विशिष्ट स्थान रहा है। सुदूर अंचलों में न केवल शिक्षा बल्कि उन्हें ऱाष्ट्र के अच्छे नागरिक बनाने की जिम्मेदारी शिक्षकों की ही है।  

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