शुक्रवार, 20 सितंबर 2019

, ,

मुख्यमंत्री ने अंतर्राष्ट्रीय क्रेता-विक्रेता सम्मेलन का किया शुभारंभ

 



  • छत्तीसगढ़ के उत्पादों को दुनिया में पहचान दिलाने की पहल


  •  उत्पादकों और उपभोक्ताओं के बीच होगा सीधा संबंध, बिचौलियों से मिलेगी मुक्ति-मुख्यमंत्री

  • देश-विदेश से 117 प्रतिनिधि एवं क्रेतागण पहुंचे : 8 एम.ओ.यू. पर हुए हस्ताक्षर


रायपुर। छत्तीसगढ़ के कृषि, उद्यानिकी एवं वनोपज, सहित हैण्डलूम-कोसा आदि विविध उत्पादों को अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर प्रोत्साहन एवं विक्रय को बढ़ावा देने के लिए आज से राजधानी रायपुर में तीन दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय क्रेता-विक्रेताओं (Buyer Seller Meet) का सम्मेलन प्रारंभ हुआ। मुख्यमंत्री (CM) भूपेश बघेल ने फीता काटकर सम्मेलन का शुभारंभ किया। सम्मेलन में 16 देशों के 57 अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधि (International Representative) एवं क्रेतागण (Seller) तथा देश के विभिन्न राज्यों से 60 प्रतिनिधि एवं क्रेतागण पहुंचे हैं। शुभारंभ कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य मंडी बोर्ड के साथ चार और छत्तीसगढ़ राज्य हैण्डलूम को-ऑपरेटिव फेडरेशन के साथ चार इस तरह कुल आठ अनुबंध पत्र (एम.ओ.यू.) (MOU) पर हस्ताक्षर किए गए। सम्मेलन में कृषि एवं जैव प्रौद्योगिकी तथा जल संसाधन मंत्री रवीन्द्र चौबे, मुख्य सचिव सुनील कुजूर उपस्थित थे। मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ में पहली बार हो रहे इस सम्मेलन में पहुंचे विदेशी मेहमानों का अपनी तथा मेहतनकश किसानों की ओर से तहेदिल से स्वागत किया। उन्होंने कहा कि किसानों का कल्याण राज्य सरकार की पहली और सबसे सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस सम्मेलन का आयोजन कृषि, हैण्डलूम और हस्तशिल्प उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बाजार उपलब्ध कराना और किसानों और कृषि उत्पाद से जुड़े विभिन्न संगठनों को आपस में जोडऩा है। राज्य सरकार की इस पहल का क्रेता और विक्रेता दोनों तरफ से सराहना मिल रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के किसान मेहनतकश, कर्मठ और ईमानदार है। रायपुर केवल छत्तीसगढ़ की ही राजधानी नहीं बल्कि विविध कृषि उत्पाद और वनौषधि की भी राजधानी है। छत्तीसगढ़ में प्राचीनकाल से परम्परागत एवं नैसर्गिक रूप से औषधियुक्त कोदो, कुदकी, रागी, सांवा को उगाया जाता है। कुछ समय से इस रूझान में कमी आ रही थी। ऐसे आयोजनों के माध्यम से उत्पादकों और उपभोक्ताओं के बीच सीधा संबंध बढ़ेगा और इससे अंतर्राष्ट्रीय बाजार मिलने से जहां किसानों को फायदा होगा वहीं उपभोक्ताओं को सही दाम पर सामग्री मिलेगी। छत्तीसगढ़ के कोसा वस्त्रों, फल और सब्जियों के उत्पादन को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने बताया राजधानी रायपुर में अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट (International Airport) एवं कार्गो हब बनाने के लिए केन्द्र सरकार से आग्रह किया गया है।

0 comments:

टिप्पणी पोस्ट करें

Top Ad 728x90