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गर्भावस्था में रोजाना एक सिगरेट नवजात के लिए हो सकती है जानलेवा


अगर महिलाएं प्रेग्नेंसी के दौरान एक सिगरेट प्रतिदिन पीती हैं तो वे सावधान हो जाएं। इससे उनकी हेल्थ पर तो बुरा असर पड़ेगा ही, लेकिन उससे ज़्यादा रिस्क होने वाले बच्चे पर पड़ेगा। हाल ही में की गई एक स्टडी के अनुसार, प्रेग्नेंसी के दौरान रोजाना एक सिगरेट पीने से नवजात बच्चों में अचानक ही होने वाली अप्रत्याशित शिशु मृत्यु का रिस्क बढ़ जाता है।
एसयूआईडी एक ऐसी अवस्था है जिसमें एक वर्ष से कम उम्र के बच्चे की अचानक और अप्रत्याशित मौत हो जाती है। इस अवस्था के लक्षण जांच से पहले सामने नहीं आ पाते हैं। पीडियाट्रिक्स में प्रकाशित इस स्टडी में सामने आया कि वे महिलाएं जो एक दिन में औसतन 1 से 20 सिगरेट पीती थीं, उनमें एसयूआईडी की संभावना हर एक सिगरेट के साथ 0.07 बढ़ गई। वहीं तीसरी तिमाही तक स्मोकिंग करने वाली महिलाओं में नवजात शिशु मृत्यु (एसयूआईडी) के रिस्क में 12 पर्सेंट की कमी देखी गई। इससे यह निष्कर्ष निकाला गया कि महिलाओं द्वारा स्मोकिंग कम करने की वजह से ही एसयूआईडी के रिस्क में कमी आई है।
सिएटल के चिल्ड्रन रिसर्च इंस्टिट्यूट की मुख्य लेखिका टाटियाना एंडरसन के अनुसार, अब यह बात सामने आ चुकी है कि प्रेग्नेंसी के दौरान स्मोकिंग करने से नवजात शिशुओं में मृत्यु का खतरा दोगुना रहता है, तो ऐसे में इस स्टडी से मिली जानकारी के आधार पर प्रेगनेंट महिलाओं को उनकी धूम्रपान की आदतों के बारे में बेहतर सलाह दी जा सकती है। टाटियाना ने आगे कहा कि महिलाओं को यह बात गांठ बांध लेनी चाहिए कि वे अगर प्रेग्नेंसी से पहले और बाद की अवस्था में स्मोकिंग छोड़ दें तो इससे नवजात शिशुओं में मृत्यु के रिस्क को काफी हद तक कम किया जात सकता है। 
इस स्टडी के लिए रिसर्च टीम ने कम्प्यूटेशनल मॉडलिंग तकनीकों का इस्तेमाल किया और अमेरिका में लगभग 20 मिलियन प्रेग्नेंट महिलाओं की स्मोकिंग की आदतों का विश्लेषण किया। इसमें उन मांओं को भी शामिल किया गया जो प्रेग्नेंसी के तीन महीने पहले स्मोकिंग करती थीं और फिर पहली तिमाही में छोड़ देती थीं। लेकिन फिर भी उनमें स्मोकिंग न करने वाली महिलाओं की तुलना में एसयूआईडी का खतरा अधिक था। 

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