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7 हत्याएं करने वाला फ रार सीरियल किलर अरुण चंद्राकर गिरफ्तार


  •  साधू का वेश बनाकर जन्मदिन मनाने आया था, लोगों ने दौड़ाकर पकड़ा
रायपुर । प्रदेश के सीरियल किलर अरुण चंद्राकर को पुलिस ने धर दबोचा। वो साधु का वेश धारण कर अपनी बेटी का जन्मदिन मनाने आया था। जब वो कुुकुरबेड़ा में पहुंचा तो उसके परिजनों ने उसे पहिचान लिया। उसके बाद उसी की साली ने उसे दौड़ाकर महोबाबाजार रेलवे क्रॉसिंग के पास पकड़ा। इसके बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस को इसकी सूचना दी। तब कहीं जाकर उसे थाने लाया गया।
पुलिस कस्टडी से हुआ था फ रार
साल 2012 में राजधानी के कुकुरबेडा में 7 मर्डर कर सीरियल किलर अरुण चंद्राकर ने हड़कंप मचा दिया था। इस मामले में अरुण की गिरफ्तारी भी हुई, लेकिन दुर्ग ले जाते हुए पुलिस कस्टडी से वो फरार हो गया था। फरारी के बाद अरुण महाराष्ट्र के गोंदिया और कई इलाकों में साधु बनकर रह रहा था। आज उसकी बेटी का बर्थडे था और उसे ही मनाने के लिए वो रायपुर आया हुआ था।
कैसे बना खूंखार अपराधी :
अरुण चंद्राकर दुर्ग के कचांदूर का रहने वाला था। वह चोरियां करता था। कई बार जेल जा चुका था। उसके पिता ने उसे घर से निकाल दिया था। इसके बाद वह दुर्ग रेलवे स्टेशन में रहने लगा। एक दिन उसने अपने पिता को ट्रेन से धक्का देकर मार डाला। इसके बाद रायपुर आ गया। रायपुर में हीरापुर में बहादुर सिंह के मकान में किराए से रहने लगा। मामूली विवाद पर अरुण ने उसकी हत्या कर दी। इसके बाद अपने दोस्त मंगलू देवार के साथ कुकुरबेड़ा में रहने लगा। वहां लिली देवार से उसका प्रेम संबंध स्थापित हो गया। उससे शादी करके उसके मामा संजय देवार के घर रहने लगा। उसके मकान पर कब्जा करने के लिए उसने संजय की हत्या करके जमीन में गाड़ दिया। इसकी जानकारी लिली को हुई, तो उसकी भी हत्या कर दिया। बाद में पूरी संपत्ति हड़पने के लिए अरुण ने अपनी और उसके पति मनहरण दोनों की हत्या करके जमीन में दफन कर दिया। कोर्ट ने अरुण चंद्राकर को हत्या के आरोप में उम्रकैद की सजा हो चुकी है। इन मामलों के अलावा अरुण के नाम पर अलग-अलग थानों में दर्जनों अपराध दर्ज हैं। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। 

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