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उज्जवला में रिफलिंग की रफ्तार धीमी, महंगाई के कारण लगा ग्रहण

महासमुंद ।  गैस रिफलिंग की समुचित व्यवस्था नहीं होने एवं बढ़ती महंगाई के कारण प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के हितग्राही सिलेंडर की रिफलिंग नहीं करा रहे हैं। विभागीय आकड़ों पर यदि नजर डाले तों दो वर्षों में केलव १० प्रतिशत लोगों ने ही रिफलिंग कराया है।
जिले में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की शुरुआत वर्ष 2016 में हुई, तब से लेकर आज तक जिले के डेढ़ लाख हितग्राहियों को प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का लाभ  मिला है। महंगाई की वजह से उपभोक्ता रिफलिंग नहीं करा पा रहे हैं। जानकारी के अनुसार दो वर्षों में करीब दस हजार लोगों ने ही रिफलिंग कराया है। वहीं १ लाख ३५ हजार लोगों ने रिफलिंग कराने से मुंह मोड़ लिया है। वर्तमान में गैस रिफलिंग कराने के लिए ७२५ रुपए अदा करना पड़ रहा है। हालांकि, नए साल में गैस सिलेंडर के दामों में कुछ कमी आई है, लेकिन उज्ज्वला योजना के हितग्राहियों के लिए अभी यह महंगा लग रहा है। इधर, नयापारा की पुन्नी बाई सोनी का कहना है कि मजदूरी करके परिवार का भरण पोषण करते हंै, तो इतना महंगा सिलेण्डर कहा से भरा पाएंगे।
उज्ज्वला के हितग्राहियों को राहत देने नई योजना
प्रधानमंत्री उज्जवला योजना का और अधिक विस्तार किया गया है। जिसके तहत अब प्रत्येक गरीब परिवारों को इसका लाभ मिलेगा। पात्रता के लिए लाभार्थी को 14 बिन्दुओं में घोषणा पत्र भरना होगा। साथ ही राशन कार्ड, समस्त वयस्क सदस्यों का आधार कार्ड, बैंक खाते आदि की जानकारी अपने निकटतम गैस वितरक को उपलब्ध करानी होगी। जिले में एलपीजी का फैलाव उज्ज्वला योजना शुरू होने से पूर्व मात्र 20.7 प्रतिशत था, जो कि अब बढ़कर 70.9 प्रतिशत हो गया है। जिले में अब तक एक लाख 50 हजार से ज्यादा उज्जवला कनेक्शन वितरण किया जा चुका है। उज्जवला में दोबारा रिफिल लेने वाले ग्राहकों की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है। इसमें अब ग्राहक अपने जरूरत के अनुसार 5 केजी रिफिल भी ले सकते हैं।

उज्जवला के हितग्राहियों को अब ५ किलोग्राम वाले सिलेंडर का वितरण किया जाएगा। जिससे रिफलिंग के लिए सुविधा होगी। दूसरी बार वितरण किए गए हितग्राहियों ने अभी रिफलिंग नहीं कराई है। 
सुशील मुराठिया, नोडल अधिकारी उज्ज्वला 

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