धान खरीदी के लिए केवल 48 घंटे शेष, जिले के हजारों किसान हो सकते हैं वंचित


जगदलपुर। समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए इस साल बस्तर जिले में 26 हजार 90 किसानों ने 37 सहकारी समितियों में पंजीयन करवाया था। जिला सहकारी बैंक से मिली जानकारी के मुताबिक जिले में अब तक 18 हजार 303 किसान ही धान बेच पाए हैं। इसके अलावा गुरूवार तक धान बेचने के लिए 2813 किसानों का टोकन काटा गया है, बाकी के किसानों के टोकन काटने पर असमंजस है।
जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के अफसरों ने बताया कि जिन किसानों का टोकन काटा गया है उनका भी धान यदि केंद्र में जगह होगी तभी खरीदा जाएगा। सोमवार और मंगलवार को हुई बारिश के कारण कई केंद्रोंं में किसानों से धान नहीं खरीदा गया। इसका कारण केंद्रों में जगह की कमी और जमीन गीला होना बताया गया। किसान बढ़े हुए समर्थन मूल्य पर धान नहीं बेच पाने का कारण टोकन सिस्टम बता रहे है।
जिले को शासन से 10 लाख 10 हजार च्ंिटल धान खरीदी का लक्ष्य मिला है। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए बैंक के अधिकारी सहकारी समितियों के जरिए कोशिश में लगे हैं। लक्ष्य पूरा करने अब तक 37 सहकारी समितियों के 59 खरीदी केंद्रों में 9 लाख 10 हजार च्ंिटल धान खरीदी की जा चुकी है। लक्ष्य पूरा करने के लिए बाकी के बचे दो दिनों में 1 लाख च्ंिटल धान खरीदना होगा जो संभव नहीं है।
जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के विपणन अधिकारी आरबी सिंह ने कहा कि जिन किसानों का टोकन कट गया है उनसे धान खरीदी की जाएगी। बाकी के बचे किसानों से धान खरीदी के लिए कलेक्टर से बात की जाएगी। 


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