युवक की जान लेकर शहर से बाहर निकले जंगली हाथी


कोरबा  । जंगल से भटक कर शहर में घुस आये जंगली हाथी एक युवक की जान लेकर शहर से बाहर लौट गये। बुधवार को इन हाथियों के कारण शहर के बड़े हिस्से में दहशत तारी रहा, वही पूरे शहर में शनसनी फैली रही। कलेक्टर मो.अब्दुल कै सर हक को खुद मौके पर मौजूद रहकर हाथियों को शहर से बाहर खदड़ेने के लिए आपरेशन चलाना पड़ा।
ज्ञात हो कि मंगलवार की रात करीब 8 बजे दो दंतैल, एक मादा और एक बच्चे के साथ 4 हाथी मानिकपुर कालोनी में पहुंचे। इनके आने की खबर के बाद वन और पुलिस अमला अलर्ट हुआ। हेलीपेड के क्लब के बगल से एनसीडीसी स्कूल के बाउंड्रीवाल के पीछे प्लांटेशन में मौजूद हाथियों को देखने के लिए कुष्ठ आश्रम की तरफ से जंगल के भीतर रामसागर पारा निवासी एवं आटो चालक दिलीप विश्वकर्मा लोगों की नजरें बचाकर चला गया था। इससे पहले पुलिस ने आसपास मौजूद सभी लोगों को खदेड़ दिया था। दोपहर करीब एक बजे दिलीप हाथियों को नजदीक से देखने के दौरान दौड़ाए जाने पर जान बचाने भागा लेकिन एक दंतैल ने उसकी पीठ में अपने दांत घुसा दिये। किसी तरह दिलीप भागकर कुष्ठ बस्ती तक आया और बेहोश हो गया। उसे तत्काल 112 वाहन से जिला अस्पताल ले जाया गया वहां से प्राथमिक उपचार बाद सिम्स ले जाया जा रहा था कि रास्ते में दम तोड़ दिया।
रात करीब 8 बजे हाथियों ने सुभाष ब्लाक होते हुए जंगल कालोनी साईड की ओर रूख किया और एसईसीएल के सीनियर रिक्रियेशन क्लब के बगल प्लांटेशन में जाकर थम गये। किसी तरह इन्हें यहां से निकाला गया तो जंगल साईड होते हुए जीएम आफिस, बीकन स्कूल के पीछे से कृष्णा नगर की ओर रवाना हुए। कृष्णा नगर व शहीद भगत सिंह कालोनी के कुछ मकानों मेंंं हाथियों ने जाते-जाते तोडफ़ोड़ भी की। अंतत: तीन हाथियों को पोखरी तक ले जाने में अमला सफल रहा लेकिन एक हाथी इनसे भटक गया। देर रात उस हाथी को बिछड़े हाथियों से मिलाने के साथ चारों को दादरखुर्द की ओर खदेड़ दिया गया। कलेक्टर मो. कैसर अब्दुल हक के नेतृत्व में प्रशासन की टीम हाथियों को खदेडऩे मुस्तैद रही। हाथियों के दल से किसी प्रकार की अप्रिय घटना की संभावनाओं को देखते हुए आस-पास क्षेत्र में धारा 144 दण्ड प्रक्रिया संहिता लगाई गई है। यह आदेश हाथियों के वापस चले जाने तक के लिए प्रभावशील रहेगा। कलेक्टर ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे इलाके में मौजूद हाथियों के दल के आसपास न जायें एवं हाथियों से छेडख़ानी न करें। कलेक्टर एवं एस पी मयंक श्रीवास्तव, डीएफ ओ कोरबा एस वेंकटाचलम, निगमायुक्त रणबीर शर्मा ने वन एवं पुलिस विभाग द्वारा की गई तैयारी का जायजा लिया।