राफेल डील पर अहम सुनवाई, SC ने कहा- सरकार नहीं, सेना का सुनेंगे पक्ष


  •  जस्टिस जोसेफ ने पूछा कि क्या नए विमान जो आएंगे, वो पुराने विमान जैसे ही हैं

नई दिल्ली । राफेल डील मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में आज अहम सुनवाई जारी है। सरकार और याचिकाकर्ताओं के वकील शीर्ष अदालत में अपनी-अपनी दलीलें पेश कर रहे हैं। दरअसल, ये सुनवाई एक सीलबंद लिफाफे को लेकर है जो केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को सौंपा है, जिसमें 36 राफेल विमान की कीमतों का ब्योरा है। प्रशांत भूषण ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि राफेल की कीमत का खुलासा करते समय सरकार ने संसद में कोई गोपनीयता का मुद्दा नहीं उठाया। यह सिर्फ एक फर्जी तर्क है कि वे मूल्य निर्धारण का खुलासा नहीं कर सकते। नए सौदे में राफेल जेट्स को पहले सौदे की तुलना में 40% अधिक कीमत पर खरीदा गया है।

मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति एस के कौल एवं न्यायमूर्ति के एम जोसेफ की पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि इस पूरे मामले में भारतीय वायुसेना का पक्ष भी सुने जाने की जरूरत है। जस्टिस जोसेफ ने पूछा कि क्या नए विमान जो आएंगे, वो पुराने विमान जैसे ही हैं। इस पर सरकार ने कहा है कि नए विमानों में काफी कुछ नया होगा। CJI ने पूछा कि नए विमान में क्या होगा, क्या यह पब्लिक को बताया गया है, इस पर सरकार ने इनकार किया।

याचिकाकर्ताओं ने सौदे की अदालत की निगरानी में जांच की मांग की है। केंद्र ने सोमवार को '36 राफेल लड़ाकू विमान खरीदने का आदेश देने के लिए निर्णय लेने की प्रक्रिया में उठाए गए कदमों का विवरण' शीर्षक वाला 14 पेज का दस्तावेज याचिकाकर्ताओं को सौंप दिया। सरकार ने राफेल विमान की कीमतों का ब्योरा सीलबंद लिफाफे में न्यायालय को दे दिया है।याचिकाकर्ता दस्तावेजों में दर्ज बातों पर अपनी दलील दे सकते हैं।

इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट में सरकार के राफेल मामले से जुड़े हलफनामे को लेकर मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा और दावा किया कि मोदी ने वायुसेना से पूछे बिना कॉन्ट्रैक्ट बदलने की बात स्वीकार कर ली है। गांधी ने ट्वीट कर कहा कि उच्चतम न्यायालय में मोदी जी ने मानी अपनी चोरी। हलफनामे में माना कि उन्होंने बिना वायुसेना से पूछे कॉन्ट्रैक्ट बदला और 30,000 करोड़ रुपया अंबानी की जेब में डाला। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "पिक्चर अभी बाकी है मेरे दोस्त...।"