महिलाओं को बच्चों से अधिक तनाव देते है पति:रिसर्च



कई बार देखा गया है कि बच्चे के शरारती व जिद्दी स्वभाव के कारण अक्सर मां में तनाव भी रहने लगती हैं। मगर हाल ही में हुई स्टडी के मुताबिक, अधिकतर पति अपनी पत्नियों को बच्चों से अधिक तनाव देते हैं। इसकी वजह पति का धोखेबाज होना या दुर्व्यवहार नहीं बल्कि परिवार की जिम्मेदारियों को ठीक से न निभाना है। बच्चों व घरेलू जिम्मेदारियों में महिला इस कदर उलझ जाती है कि उनमें तनाव की स्थिति उत्पन्न होने लगती है।

बच्चों से अधिक तनाव देते हैं पति



दरअसल, सर्वे में 7 हजार महिलाओं को शामिल किया गया और उनसे घरेलू समस्याओं से जुड़े कुछ सवाल पूछे गए। इन दौरान उनसे यह सवाल भी किया गया कि किन कारणों से उन्हें तनाव का सामना करना पड़ता है और किसका जिम्मेदार घर का कौन सा सदस्य है? तब 46 प्रतिशत महिलाओं ने दावा किया कि उनके पतियों ने उन्हें बच्चों की तुलना में अधिक तनाव दिया है।

पति द्वारा महिलाओं में तनाव की वजह


दरअसल, अधिकतर पति घर की जिम्मेदारियों से बचते है जिसका खामियाजा पत्नी को तनाव के रुप में भुगतना पड़ता है। वह अक्सर बच्चों व घर की जिम्मेदारियों में उलझ कर रह जाती है जिस वजह से उन्हें तनाव का सामना करना पड़ता है।

पैरेंटिंग में पति का पर्याप्त साथ न मिलना


सर्वे में 4 में 3 महिलाओं ने स्वीकार किया कि घरेलू कार्यों और बच्चों की परवरिश में उनको अपने पति की पर्याप्त मदद नहीं मिलती जिस वजह से उन्हें अपनी तरफ ध्यान देने का मौका ही नहीं मिल पाता। तब दुख और बढ़ जाता है, जब महिलाओं को उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन करने के बावजूद भी श्रेय नहीं दिया जाता।

सास द्वारा भी महिलाओं को होता है तनाव

स्टडी में हुई रिसर्च के मुताबिक सास द्वारा दिए गए तनाव का औसत स्तर 10 में से 8.5 था। वैसे तो सास-बहू का रिश्ता बड़ा अनमोल होता है लेकिन कई बार इनके बीच नोंक-झोंक भी होने लगती है। जब पति की जिम्मेदारियों के साथ-साथ सास की बेरूखी भी सहनी पड़े तो अक्सर महिलाए खुद को अकेला महसूस करने लगती है जिससे उन्हें तनाव हो सकता है।

ऐसी परिस्थिति में क्या करें?

अगर किसी महिला को अपने पति से अतिरिक्त तनाव मिल रहा है तो उसे इस विषय पर खुलकर चर्चा करनी चाहिए। घर की जिम्मेदारियों को आपस में बांट ले जिसमें किराने की खरीदारी, बच्चों की पढ़ाई और अन्य घरेलू काम को आपसी तालमेल बिठाकर करें। इतना ही नहीं, बजट में नियंत्रण रख, एक दूसरे के प्रति केयरिंग व एक-दूसरे का काम शेयर कर इस समस्या से बचा जा सकता है।